फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Locks hanging for one month at Pradhan Mantri Jan Aushadhi Kendras

प्रधानमंत्री जन औषधी केंद्रों पर एक माह से लटके ताले

Sun, 06 Sep 2020 11:33 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 06 Sep 2020 11:33 PM IST
विज्ञापन
Locks hanging for one month at Pradhan Mantri Jan Aushadhi Kendras
बंद पड़ा जिला अस्पताल का जनऔषधि केन्द्र - फोटो : SAHARANPUR
प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों पर एक माह से लटके ताले
विज्ञापन

सहारनपुर। जनपद के दोनों प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों पर बीते एक माह से ताले लटके हुए हैं। इसकी वजह से गरीबों को सस्ती दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। खास बात यह है कि स्थानीय अधिकारी भी इसमें कोई दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं।
करीब तीन वर्ष पहले एसबीडी जिला अस्पताल परिसर में इमरजेंसी वार्ड के ठीक सामने तथा राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोले गए थे। तीन साल में बड़ी संख्या में लोगों ने इन केंद्रों से सस्ती दवाएं प्राप्त कर लाभ उठाया। मगर बीते एक माह से अधिक समय से उक्त केंद्रों पर ताले लटके हुए हैं। इसकी प्रमुख वजह औषधि केंद्रों पर तैनात कर्मचारियों को महाराज विनायक सोसायटी द्वारा कई माह से मानदेय नहीं मिलना है। ताले लटके होने की वजह से मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। खाताखेड़ी निवासी अब्दुल बासित ने बताया कि उनकी शुगर की दवा चलती है। बाहर से दस गोली का पत्ता 180 रुपये में मिलता था, जो जन औषधि केंद्र से मात्र 68 रुपये में मिलता है। मगर जन औषधि केंद्र बंद होने से बाहर से महंगी दवाई खरीदने को मजबूर हैं। हसनपुर निवासी रामरतन दिल के मरीज हैं। किशनपुरा से महीने की दवाई 1400 रुपये में खरीदते थे, मगर जन औषधि केंद्र से मात्र 250 से 300 रुपये में वही दवाएं मिल जाती हैं। केंद्र बंद होने से परेशानी आ रही है।
विज्ञापन

जन औषधि केंद्रों की खूबी
- बाजार रेट से 50 फीसदी से भी कम दाम पर दवाएं उपलब्ध।
- 600 से ज्यादा प्रकार की गुणवत्तापूर्ण दवाएं।
- 154 प्रकार के सर्जिकल उत्पाद।
दवाएं हो रही एक्सपायर
जिला अस्पताल के जन औषधि केंद्र पर तैनात रहे रजत सैनी ने बताया कि बड़ी संख्या में ऐसी दवाएं भी केंद्र में बंद हैं, जो जल्द ही एक्सपायर हो रही है। ऐसी दवाओं को अलग रखा गया है। यदि एक माह केंद्र बंद नहीं रहता तो निश्चित रूप से उक्त दवाएं किसी के काम आ सकती थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

कभी नहीं आई सभी दवाएं
प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों पर 600 से अधिक प्रकार की दवाएं होनी चाहिए, मगर सहारनपुर स्थित केंद्रों पर आज तक 400 प्रकार से अधिक की दवाएं नहीं आई हैं। वर्तमान में भी करीब 300 प्रकार की ही दवाएं केंद्रों में हैं।
जल्द खुलेंगे औषधि केंद्र: कलस्टर हेड
महाराज विनायक सोसायटी के कलस्टर हेड देवेंद्र सिंह ने बताया कि जन औषधि केंद्रों पर तैनात कर्मचारियों के मानदेय को लेकर उच्चाधिकारियों से बात चल रही है। जल्द ही समस्या दूर होगी और केंद्र खुलेंगे।

प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों पर तैनात स्टाफ की तैनाती लखनऊ की सोसायटी द्वारा की गई है। उनके मानदेय से संबंधित कोई भी निर्णय वहीं से होता है। मगर जनहित में औषधि केंद्र खुलने चाहिए। इसमें संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया है।
- डॉ. बीएस सोढी, सीएमओ।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed