{"_id":"68e955ec7adca5730c038c27","slug":"life-imprisonment-for-murderer-convicted-of-one-sided-love-affair-saharanpur-news-c-30-1-smrt1023-160674-2025-10-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: एक तरफा प्रेम प्रसंग में हुई हत्या के दोषी को आजीवन कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: एक तरफा प्रेम प्रसंग में हुई हत्या के दोषी को आजीवन कारावास
Sat, 11 Oct 2025 12:22 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 11 Oct 2025 12:22 AM IST
विज्ञापन
देवबंद। नानौता में सात वर्ष पूर्व एक तरफा प्रेम प्रसंग में हुई हत्या के मामले में शुक्रवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने आरोपी वजाहत खां निवासी मोहल्ला छत्ता नानौता को दोषी ठहराया है। अदालत ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए उस पर 79 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
हत्या का यह मामला 23 नवंबर 2018 का है। नानौता के मोहल्ला छत्ता निवासी इरम उर्फ महविश अपनी मां शगुफ्ता के साथ बाजार में खरीदारी करने गई थी। उसी मोहल्ले का रहने वाला वजाहत खां अपने हाथ में तलवार व तमंचा लेकर चंद्रसेन चौक पर घात लगाकर बैठा था। एक तरफा प्रेम प्रसंग में वजाहत खां ने शाम करीब चार बजे भरे बाजार इरम ऊर्फ महविश के ऊपर जान से मारने की नीयत से हमला कर दिया। इसी दौरान बीच बचाव को आई महविश की मां शगुफ्ता पर भी आरोपी ने तलवार से वार किए थे। इस हमले में इरम उर्फ महविश व शगुफ्ता गंभीर रूप से घायल हो गई थी। घटना के बाद आरोपी वजाहत खां ने अपनी गर्दन पर उस्तरा मारकर स्वयं को घायल कर लिया था। पीजीआई चंडीगढ़ में उपचार के दो दिन बाद 25 नवंबर 2018 को शगुफ्ता की मौत हो गई थी। मृतका के पति शुजात हुसैन ने नानौता थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी वजाहत खां को अस्पताल से गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त तलवार बरामद की थी।
यह मामला तभी से अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में चल रहा था। न्यायाधीश विनीत कुमार वासवानी ने अभियोजन एवं बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद वजाहत खां को शगुफ्ता की हत्या करने का दोषी ठहराया। दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। 79 हजार रुपये का अर्थदंड अदा नहीं करने पर दोषी को 2 वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
हत्या का यह मामला 23 नवंबर 2018 का है। नानौता के मोहल्ला छत्ता निवासी इरम उर्फ महविश अपनी मां शगुफ्ता के साथ बाजार में खरीदारी करने गई थी। उसी मोहल्ले का रहने वाला वजाहत खां अपने हाथ में तलवार व तमंचा लेकर चंद्रसेन चौक पर घात लगाकर बैठा था। एक तरफा प्रेम प्रसंग में वजाहत खां ने शाम करीब चार बजे भरे बाजार इरम ऊर्फ महविश के ऊपर जान से मारने की नीयत से हमला कर दिया। इसी दौरान बीच बचाव को आई महविश की मां शगुफ्ता पर भी आरोपी ने तलवार से वार किए थे। इस हमले में इरम उर्फ महविश व शगुफ्ता गंभीर रूप से घायल हो गई थी। घटना के बाद आरोपी वजाहत खां ने अपनी गर्दन पर उस्तरा मारकर स्वयं को घायल कर लिया था। पीजीआई चंडीगढ़ में उपचार के दो दिन बाद 25 नवंबर 2018 को शगुफ्ता की मौत हो गई थी। मृतका के पति शुजात हुसैन ने नानौता थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी वजाहत खां को अस्पताल से गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त तलवार बरामद की थी।
विज्ञापन
यह मामला तभी से अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में चल रहा था। न्यायाधीश विनीत कुमार वासवानी ने अभियोजन एवं बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद वजाहत खां को शगुफ्ता की हत्या करने का दोषी ठहराया। दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। 79 हजार रुपये का अर्थदंड अदा नहीं करने पर दोषी को 2 वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
विज्ञापन