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Deoband: मौलाना मदनी बोले-अमन-चैन के दौर को वापस लाने को एक दूसरे का हाथ पकड़ें
Tue, 21 May 2024 01:29 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Tue, 21 May 2024 01:29 PM IST
सार
मौलाना सैयद अरशद मदनी ने मुल्क के वर्तमान हालात पर कहा कि अगर देश के अंदर पुराने अमन और चैन के दौर को वापस लाना है तो एक दूसरे (हिंदू-मुस्लिम) को मजबूती से हाथ पकड़ना होगा।
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मौलाना अरशद मदनी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सैयद अरशद मदनी ने मुल्क के वर्तमान हालात पर कहा कि अगर देश के अंदर पुराने अमन और चैन के दौर को वापस लाना है तो एक दूसरे (हिंदू-मुस्लिम) को मजबूती से हाथ पकड़ना होगा।
सोमवार को मोहल्ला खानकाह स्थित आवास पर मौलाना सैयद अरशद मदनी ने भाईचारे को मजबूत बनाने पर जोर देते हुए कहा कि इस्लाम की शिक्षा है कि अगर आपके पड़ोसी को कोई तकलीफ है तो बगैर किसी भेदभाव के उसे दूर करने की कोशिश करनी चाहिए। तभी अमन और चैन का पुराना दौर वापस आ सकता है।
मौलाना मदनी ने कहा कि इस देश की आजादी के लिए हिंदू और मुसलमानों ने बहुत बड़ा बलिदान दिया है। हमारे बुज़ुर्गों ने देश को सांप्रदायिकता से बचाने के लिए बहुत कष्ट उठाए हैं। जब तक हम एक-दूसरे के दुख-दर्द में भागीदार नहीं बनेंगे तब तक देश में शांति नहीं होगी।
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उन्होंने कहा कि हम मुसलमान और हिंदु दोनों से कहते हैं कि मुल्क में पुराने अमन चैन के दौर को वापस लाना है तो दोनों वर्गों को मजबूती से एक दूसरे का हाथ पकड़कर चलना होगा। तभी यह मुमकिन हो पाएगा।
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सोमवार को मोहल्ला खानकाह स्थित आवास पर मौलाना सैयद अरशद मदनी ने भाईचारे को मजबूत बनाने पर जोर देते हुए कहा कि इस्लाम की शिक्षा है कि अगर आपके पड़ोसी को कोई तकलीफ है तो बगैर किसी भेदभाव के उसे दूर करने की कोशिश करनी चाहिए। तभी अमन और चैन का पुराना दौर वापस आ सकता है।
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मौलाना मदनी ने कहा कि इस देश की आजादी के लिए हिंदू और मुसलमानों ने बहुत बड़ा बलिदान दिया है। हमारे बुज़ुर्गों ने देश को सांप्रदायिकता से बचाने के लिए बहुत कष्ट उठाए हैं। जब तक हम एक-दूसरे के दुख-दर्द में भागीदार नहीं बनेंगे तब तक देश में शांति नहीं होगी।
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उन्होंने कहा कि हम मुसलमान और हिंदु दोनों से कहते हैं कि मुल्क में पुराने अमन चैन के दौर को वापस लाना है तो दोनों वर्गों को मजबूती से एक दूसरे का हाथ पकड़कर चलना होगा। तभी यह मुमकिन हो पाएगा।