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Saharanpur News: पट्टे की जमीन कब्जाने का आरोप, सामान भी किया खुर्दबुर्द
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गंगोह। गांव फतेहपुर ढोल्ला के कुछ ग्रामीणों ने पट्टे की जमीन पर जेसीबी से तोड़फोड़ कर कब्जा करने का आरोप लगाया है। पीड़ितों का कहना है कि लेखपाल ने तारबाड़ करा कर उनका जमीन पर प्रवेश भी बंद करा दिया है।
ग्रामीण सुरेंद्र, सेठपाल, नाथीराम आदि द्वारा दी गई तहरीर के अनुसार, खसरा संख्या 39 में परमेशरी, संजीव उर्फ राणा, सेठपाल सहित अन्य लोगों को आवासीय पट्टे मिले हुए हैं। इस भूमि पर मकान बने थे तथा करीब एक दर्जन फलदार पेड़ भी लगे हुए थे। बताया कि इसी खसरा नंबर की कुछ भूमि खाद के गड्ढों के रूप में दर्ज थी। इसे लगभग 20 वर्ष पूर्व तत्कालीन ग्राम प्रधान और लेखपाल द्वारा सुमन, सुरेंद्र और सेठपाल को पट्टे के रूप में रसीद काटकर दिया गया था, जिस पर सभी पट्टेदार लंबे समय से काबिज हैं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि 13 मार्च को दोपहर करीब तीन बजे जब सभी लोग मजदूरी पर गए हुए थे, उसी दौरान ग्राम प्रधान और लेखपाल जेसीबी मशीन लेकर मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिना किसी सूचना के पट्टे की जमीन पर तोड़फोड़ शुरू करा दी।
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि ग्राम प्रधान ने उक्त जमीन पर जबरन कब्जा करने के उद्देश्य से चारों ओर तारबाड़ कर दी है और वहां जाने का रास्ता भी बंद कर दिया है। उधर, ग्राम प्रधान का कहना है कि सभी आरोप गलत हैं। जमीन ग्राम पंचायत की है। उधर लेखपाल समीर ने बताया कि ग्राम प्रधान द्वारा ग्राम समाज की भूमि पर कब्जे की शिकायत की गई थी। भूमि को कब्जामुक्त करा दिया गया है। पुलिस ने बताया कि जांच की जा रही है।
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ग्रामीण सुरेंद्र, सेठपाल, नाथीराम आदि द्वारा दी गई तहरीर के अनुसार, खसरा संख्या 39 में परमेशरी, संजीव उर्फ राणा, सेठपाल सहित अन्य लोगों को आवासीय पट्टे मिले हुए हैं। इस भूमि पर मकान बने थे तथा करीब एक दर्जन फलदार पेड़ भी लगे हुए थे। बताया कि इसी खसरा नंबर की कुछ भूमि खाद के गड्ढों के रूप में दर्ज थी। इसे लगभग 20 वर्ष पूर्व तत्कालीन ग्राम प्रधान और लेखपाल द्वारा सुमन, सुरेंद्र और सेठपाल को पट्टे के रूप में रसीद काटकर दिया गया था, जिस पर सभी पट्टेदार लंबे समय से काबिज हैं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि 13 मार्च को दोपहर करीब तीन बजे जब सभी लोग मजदूरी पर गए हुए थे, उसी दौरान ग्राम प्रधान और लेखपाल जेसीबी मशीन लेकर मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिना किसी सूचना के पट्टे की जमीन पर तोड़फोड़ शुरू करा दी।
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ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि ग्राम प्रधान ने उक्त जमीन पर जबरन कब्जा करने के उद्देश्य से चारों ओर तारबाड़ कर दी है और वहां जाने का रास्ता भी बंद कर दिया है। उधर, ग्राम प्रधान का कहना है कि सभी आरोप गलत हैं। जमीन ग्राम पंचायत की है। उधर लेखपाल समीर ने बताया कि ग्राम प्रधान द्वारा ग्राम समाज की भूमि पर कब्जे की शिकायत की गई थी। भूमि को कब्जामुक्त करा दिया गया है। पुलिस ने बताया कि जांच की जा रही है।
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