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जानिए क्या है भीम आर्मी और कौन है चंद्रशेखर ?

Fri, 09 Jun 2017 12:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर Updated Fri, 09 Jun 2017 12:57 AM IST
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Know what is Bhima Army and who is Chandrasekhar
भीम आर्मी का संस्थापक चंद्रशेखर। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर में  छुटमलपुर की दलित कालोनी के गली नंबर दो में साधारण से मकान में रहने वाले चंद्रशेखर के पिता गोरधन दास प्राइमरी स्कूल में अध्यापक थे। रिटायर होने के बाद बीमारी से उनकी मौत हो गई।
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तीन भाइयों में सबसे बड़े चंद्रशेखर ने 2011 में सहारनपुर में जातीय हिंसा के बाद सुर्खियों में आई भीम आर्मी का गठन किया था। इसका पूरा नाम भारत एकता मिशन भीम आर्मी है।
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वर्ष 2015 में घडकौली गांव में दलितों के स्वाभिमान से जुड़ा एक बोर्ड लगाकर यह संगठन पहली बार चर्चा में आया। शब्बीरपुर में हुए बवाल के बाद भड़की हिंसा में संगठन का नाम आया। तीस वर्षीय चंद्रशेखर पेशे से अधिवक्ता है।
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फेसबुक पर इस संगठन को पसंद करने वालों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। खास बात यह है कि इस संगठन में दलित युवकों के साथ साथ पंजाब और हरियाणा के सिख युवा भी जुड़े हैं।

सहारनपुर जातीय हिंसा एक नजर मेंः पांच मई को महाराणा प्रताप जयंती समारोह में शामिल होने जा रहे राजपूत समाज के लोगों पर गांव शब्बीरपुर में दलितों ने पथराव कर दिया था। इसमें गांव रसूलपुर निवासी युवक सुमित की मौत हो गई थी।

इससे भड़के राजपूतों ने दलितों पर हमला बोल दिया था, घरों और बिटौड़ों में आग लगा दी थी। इसके विरोध में सात मई को रविदास  छात्रावास पर दलितों की पंचायत हुई, जिसमें नौ मई को गांधी पार्क में सभा करने का निर्णय लिया गया।

इसमें भीम आर्मी पदाधिकारियों के अलावा बसपा नेता भी शामिल हुए थे। नौ मई को प्रशासन ने गांधी पार्क में आयोजित सभा में पहुंचे दलितों को पुलिस ने खदेड़ दिया  था। इसके बाद भीम आर्मी समर्थकों ने जिले में जगह-जगह जाम लगाकर बवाल शुरू कर दिया था।


दस जगह पर पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी हुई थी। इसके बाद 23 मई को मुख्यमंत्री मायावती गांव शब्बीरपुर पहुंची थी। मायावती की सभा से लौट रहे दलितों पर हमला कर दिया गया था, इसमें एक दलित युवक आशीष सुआंहेडी की मौत हो गई थी। जातीय हिंसा में अब तक 40 मुकदमे दर्ज किए गए हैं, 73 उपद्रवियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया हैं।
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