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सड़क पर उतरीं रसोई माताएं, पुलिस से नोकझोंक
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Thu, 28 Jul 2016 12:47 AM IST
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रसोई माताओं के समझाती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में अपनी मांगों के लिए जिले भर की रसोई माताएं बुधवार को सड़क पर उतर आईं। उन्होंने हड़ताल कर कलक्ट्रेट तिराहे पर घंटों जाम लगाया। पुलिस बल ने जाम खुलवाने का प्रयास किया तो रसोइयां उनसे भी भिड़ गई।
मौके पर किसी अधिकारी के न पहुंचने पर उन्होंने डीएम कार्यालय पहुंचकर धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी रसोइयां देर शाम तक डीएम दफ्तर पर धरना देकर नारेबाजी करती रही।
राष्ट्रीय मध्याह्न भोजन रसोइया एकता संघ के बैनर तले रसोइयां बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर जिला मुख्यालय पहुंची। उन्होंने मानव श्रृंखला बनाकर कलक्ट्रेट तिराहा जाम कर दिया।
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संघ की जिलाध्यक्ष गंगा देवी ने कहा कि प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों की स्थिति वर्तमान में बंधुवा मजदूरों से भी बदतर हो चुकी है। कहा कि न ही उनके काम की कोई सुरक्षा है और न ही जीने लायक पारिश्रमिक दिया जा रहा है।
मनमाने ढंग से उन्हें रखा और निकाला जाता है। उन्होंने इसे मानवाधिकार के खिलाफ उत्पीड़नात्मक बताया। अब इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में चल रही चयन प्रक्रिया में पिछले सत्र में कार्यरत रसोइयों का चयन नहीं किया गया,
तो अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि रसोइयां बीमा करने, मानदेय का भुगतान माह के प्रथम सप्ताह में उनके निजी खातों में डालने, एमडीएम योजना में ठेकेदारी करने से रोकने आदि विभिन्न मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्ष है। लेकिन, उनकी मांगों को लगातार अनसुना किया जा रहा है।
पुलिस बल ने जाम खुलवाने का प्रयास किया तो रसोइयां उनसे भी भिड़ गई। यहां के बाद वे प्रदर्शन करती हुई डीएम कार्यालय जा पहुंची। कहना था कि जब तक मांगों को पूरा करने का लिखित आश्वासन नहीं मिलेगा वह शांत नहीं होंगी।
सिटी मजिस्ट्रेट ने भी कई बार रसोइयों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उनकी एक न सुनी। शाम तक जारी रहा। बाद में एडीएम प्रशासन ओपी वर्मा ने धरने पर जाकर रसोइयों को किसी तरह समझाकर शांत किया।
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मौके पर किसी अधिकारी के न पहुंचने पर उन्होंने डीएम कार्यालय पहुंचकर धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी रसोइयां देर शाम तक डीएम दफ्तर पर धरना देकर नारेबाजी करती रही।
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राष्ट्रीय मध्याह्न भोजन रसोइया एकता संघ के बैनर तले रसोइयां बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर जिला मुख्यालय पहुंची। उन्होंने मानव श्रृंखला बनाकर कलक्ट्रेट तिराहा जाम कर दिया।
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संघ की जिलाध्यक्ष गंगा देवी ने कहा कि प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों की स्थिति वर्तमान में बंधुवा मजदूरों से भी बदतर हो चुकी है। कहा कि न ही उनके काम की कोई सुरक्षा है और न ही जीने लायक पारिश्रमिक दिया जा रहा है।
मनमाने ढंग से उन्हें रखा और निकाला जाता है। उन्होंने इसे मानवाधिकार के खिलाफ उत्पीड़नात्मक बताया। अब इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में चल रही चयन प्रक्रिया में पिछले सत्र में कार्यरत रसोइयों का चयन नहीं किया गया,
तो अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि रसोइयां बीमा करने, मानदेय का भुगतान माह के प्रथम सप्ताह में उनके निजी खातों में डालने, एमडीएम योजना में ठेकेदारी करने से रोकने आदि विभिन्न मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्ष है। लेकिन, उनकी मांगों को लगातार अनसुना किया जा रहा है।
पुलिस बल ने जाम खुलवाने का प्रयास किया तो रसोइयां उनसे भी भिड़ गई। यहां के बाद वे प्रदर्शन करती हुई डीएम कार्यालय जा पहुंची। कहना था कि जब तक मांगों को पूरा करने का लिखित आश्वासन नहीं मिलेगा वह शांत नहीं होंगी।
सिटी मजिस्ट्रेट ने भी कई बार रसोइयों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उनकी एक न सुनी। शाम तक जारी रहा। बाद में एडीएम प्रशासन ओपी वर्मा ने धरने पर जाकर रसोइयों को किसी तरह समझाकर शांत किया।