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फार्मासिस्ट से भरोसे चल रही कम्बोहमजरा पीएचसी
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कम्बोह माजरा पीएचसी के गेट पर लटका ताला
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर, साढौली कदीम। कंबोमजरा पीएचसी का समस्त कार्य मात्र एक फार्मासिस्ट के भरोसे चल रहा है। ग्रामीण लंबे समय से चिकित्सक की तैनाती की मांग करते आ रहे हैं।
विकास खंड साढौली कदीम के गांव कंबोहमजरा में संचालित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पिछले दो वर्षों से स्वास्थ्य सेवाएं मात्र एक फार्मासिस्ट के भरोसे चल रही है। फार्मासिस्ट को जब भी कभी किसी जरूरी कार्य से बाहर जाना पड़ जाये तो पीएचसी पर ताला लटक जाता है। पीएचसी परिसर में महिला एवं पुरुष चिकित्सक सहित अनेक आवश्यक कक्ष बने हैं, लेकिन कर्मियों की कमी के चलते अधिकतर कक्षों पर कई माह से ताले लटके हैं। पर्ची बनाने एवं सफाई से लेकर दवाई देने संबंधी सभी कार्य फार्मासिस्ट ही करता है। पीएचसी में आकस्मिक सेवाओं का तो नामोनिशान ही नहीं है।
इस पीएचसी से क्षेत्र के शेखपुरा, अलीपुरा, मीरपुर, मंझाडी, टटोहल, मिल्को, रसूलपुर, चको सहित लगभग बीस गांव जुडे़ हैं। पीएचसी की सुरक्षा रामभरोसे चली आ रही है। आज तक कोई चौकीदार भी तैनात नहीं किया जा सका है। ग्रामीणों का कहना है कि कर्मियों की तैनाती को लेकर कई बार उच्चाधिकारियों से मांग की गयी लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।
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इस संबंध में प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. नितिन कदवाल का कहना है कि अभी चिकित्सकों की कमी सभी जगह चल रही है। उच्चाधिकारियों से चिकित्सकों की तैनाती के लिए मांग की गई है। चिकित्सक मिलते ही तैनाती करा दी जाएगी।
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विकास खंड साढौली कदीम के गांव कंबोहमजरा में संचालित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पिछले दो वर्षों से स्वास्थ्य सेवाएं मात्र एक फार्मासिस्ट के भरोसे चल रही है। फार्मासिस्ट को जब भी कभी किसी जरूरी कार्य से बाहर जाना पड़ जाये तो पीएचसी पर ताला लटक जाता है। पीएचसी परिसर में महिला एवं पुरुष चिकित्सक सहित अनेक आवश्यक कक्ष बने हैं, लेकिन कर्मियों की कमी के चलते अधिकतर कक्षों पर कई माह से ताले लटके हैं। पर्ची बनाने एवं सफाई से लेकर दवाई देने संबंधी सभी कार्य फार्मासिस्ट ही करता है। पीएचसी में आकस्मिक सेवाओं का तो नामोनिशान ही नहीं है।
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इस पीएचसी से क्षेत्र के शेखपुरा, अलीपुरा, मीरपुर, मंझाडी, टटोहल, मिल्को, रसूलपुर, चको सहित लगभग बीस गांव जुडे़ हैं। पीएचसी की सुरक्षा रामभरोसे चली आ रही है। आज तक कोई चौकीदार भी तैनात नहीं किया जा सका है। ग्रामीणों का कहना है कि कर्मियों की तैनाती को लेकर कई बार उच्चाधिकारियों से मांग की गयी लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।
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इस संबंध में प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. नितिन कदवाल का कहना है कि अभी चिकित्सकों की कमी सभी जगह चल रही है। उच्चाधिकारियों से चिकित्सकों की तैनाती के लिए मांग की गई है। चिकित्सक मिलते ही तैनाती करा दी जाएगी।