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जेएनयू के छात्र नेता उमर खालिद ने देवबंद में दिया यह बयान
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sun, 28 Jan 2018 12:38 AM IST
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देवबंद में आयोजित कार्यक्रम में बोलते उमर खालिद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर के देवबंद में जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के छात्र नेता उमर खालिद और अन्य वक्ताओं ने फिल्म पद्मावत को लेकर करणी सेना द्वारा देश में फैलाई गई हिंसा पर केंद्र व बीजेपी शासित राज्यों की सरकारों को आड़े हाथों लिया। उमर खालिद ने कहा कि हिंदुस्तान का लोकतंत्र नेताओं की राजनीति की भेंट चढ़ रहा है।
उमर खालिद बृहस्पतिवार की रात्रि ईदगाह रोड पर स्थित महमूद हाल में ‘क्या लोकतंत्र हिंदुस्तान में जिंदा है’, विषय पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। जेएनयू के छात्र नेता उमर खालिद ने कहा कि मुल्क में जिस तरह के हालत बन रहे हैं उसे किसी भी दशा में सही नहीं कहा जा सकता।
सभी सरकारें अपने स्वार्थ के लिए देश को अराजकता की आग में झुलसा रही हैं, जिससे निपटने के लिए छात्र और देश की युवा पीढ़ी को आगे आना होगा। जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष मोहित कुमार पांडे ने कहा कि अगर मालेगांव में साध्वी प्रज्ञा व कर्नल पुरोहित को न छोड़ा जाता,
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अगर सहारनपुर में दलितों पर हमला करने वालों पर सही से कार्रवाई होती और दादरी में अखलाक की हत्या करने वालों को राष्ट्रवाद का तमगा न देकर सख्त सजा मिली होती तो आज करणी सेना नहीं होती।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुजफ्फरनगर के दंगे के दोषी बीजेपी नेताओं से केस वापस हटाने को कह रहे हैं, इसीलिए करणी सेना हमारे बीच में है। उनको लगता है जब कोतवाल ही हमारा है तो जितना उत्पात मचाना है मचा लीजिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दावोस में जाकर कह रहे हैं कि आतंक से लडे़ंगे, लेकिन असल में आतंक पैदा करने वाले यही लोग हैं। कोई आतंकवादी से लड़ना नहीं चाहता। कार्यक्रम में यूनाइटेड अगेन्स हेट के नदीम खान, यूनाइटेड अगेन्स हेट के केरला के संयोजक शिहाद हसन, स्टूडेंट फेडरेशन अध्यक्ष मिरान हैदर, समाजसेवी खालिद सैफी, अरबी के प्रसिद्ध विद्वान मौलाना नदीमुलवाजदी ने भी विचार रखे।
कार्यक्रम का आयोजन जामियुल मारिफ, तंजीम अबना-ए-मदारिस व देवबंद इस्लामिक एकेडमी की ओर से किया गया। इस मौके पर मौलाना हसीब सिद्दीकी, अहमद हसन, मो. नियाज, अब्दुल रहमान, अब्दुल बासित, मो. शाहनवाज, मौलाना हसनुल हाशमी, मौलना मेहंदी हसन ऐनी, मौलाना महमूदुर्रहमान कासमी, मो. हस्सान, बिलाल, फैसल, आतिफ सुहैल, कमल देवबंदी, मुफ्ती अनवार खान आदि मौजूद रहे।
जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष मोहित कुमार पांडे ने कहा कि देश में युवाओं को रोजगार देने के मामले में जब नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ से सवाल पूछे जाते हैं तो बीजेपी नेता कहते हैं कि इनसे सवाल क्यों पूछ रहे हैं।
उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि हमारा प्रधानमंत्री नवाज शरीफ नहीं है अगर उनसे सवाल पूछते हैं तो कहेंगे कि देखिए पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री से सवाल पूछ रहे हैं। अब इतना कौन बताए कि जो देश के प्रधानमंत्री हैं उन्हीं से सवाल पूछे जाएंगे।
जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के छात्र उमर खालिद ने केंद्र और राज्य सरकारों पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि बॉलीवुड फिल्म पद्मावत को लेकर जिस तरह करणी सेना ने देशभर में हिंसा फैलाई है उससे स्पष्ट है कि करणी सेना और हिंसा फैलाने वाले दूसरे लोगों को सरकार का संरक्षण प्राप्त है।
जेएनयू में देश विरोधी नारे लगाने के बाद सुर्खियों में आए जेएनयू के छात्र उमर खालिद ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि फिल्म पद्मावत को लेकर बीजेपी शासित राज्यों की सरकारों के मुख्यमंत्रियों ने निर्देशक संजय लीला भंसाली को ही दोषी ठहराया।
इससे स्पष्ट है कि जो लोग हिंसा फैला रहे हैं उन्हें सरकार का अंदरूनी संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने कहा कि चाहे वह हरियाणा हो, उत्तर प्रदेश या फिर गुजरात हो। वहां ये गुंडागर्दी ज्यादा देखने को मिलेगी। उमर खालिद ने आरोप लगाया कि जब से केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार आई है तब से गुंडागर्दी अधिक बढ़ी है।
कभी लव जेहाद के नाम पर लोगों को जिंदा जलाया जा रहा है, कभी गोरक्षा तो कभी घर वापसी के नाम पर लोगों को मारा जा रहा है। फर्क इतना है कि अभी तक हिंसा दलित और मुसलमानों पर हो रही थी, लेकिन अब जो भयानक सी स्थिति पैदा की गई है उसके अंदर कोई भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है।
एक सवाल पर उमर खालिद ने कहा कि आने वाला एक साल साजिशों का साल होने वाला है, क्योंकि जिन वादों के साथ बीजेपी केंद्र की सत्ता पर काबिज हुई अब वह नहीं चाहेंगे कि उन वादों पर बात हो।
12 करोड़ लोगों को रोजगार देने का मामला हो, किसानों की आत्महत्या का मामला हो या फिर महंगाई का मुद्दा इन सब पर बात न हो इसलिए आने वाला साल साजिशों का साल होने वाला है।
उमर खालिद ने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्ष में हमारे देश में जो कुछ हुआ चाहे वह धर्म व जाति के नाम पर उन्माद हो, दलितों मुसलमानों पर हमला हो, देश की लूट हो और नफरत की राजनीति हो इसमें छोटे से प्यादे से लेकर बादशाह तक सब लिप्त हैं।
उन्होंने गौरी लंकेश पर कहा कि चार दिन बाद गोरी लंकेश का बर्थ-डे है। उनकी हत्या को इतने दिन हो गए हैं, लेकिन अभी तक पीएम मोदी ने इस पर कुछ भी नहीं बोला। उन्होंने कहा कि अब वक्त आ गया है जब छात्र और नौजवान तबका देश को सही ट्रैक पर लाने का काम करे।
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उमर खालिद बृहस्पतिवार की रात्रि ईदगाह रोड पर स्थित महमूद हाल में ‘क्या लोकतंत्र हिंदुस्तान में जिंदा है’, विषय पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। जेएनयू के छात्र नेता उमर खालिद ने कहा कि मुल्क में जिस तरह के हालत बन रहे हैं उसे किसी भी दशा में सही नहीं कहा जा सकता।
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सभी सरकारें अपने स्वार्थ के लिए देश को अराजकता की आग में झुलसा रही हैं, जिससे निपटने के लिए छात्र और देश की युवा पीढ़ी को आगे आना होगा। जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष मोहित कुमार पांडे ने कहा कि अगर मालेगांव में साध्वी प्रज्ञा व कर्नल पुरोहित को न छोड़ा जाता,
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अगर सहारनपुर में दलितों पर हमला करने वालों पर सही से कार्रवाई होती और दादरी में अखलाक की हत्या करने वालों को राष्ट्रवाद का तमगा न देकर सख्त सजा मिली होती तो आज करणी सेना नहीं होती।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुजफ्फरनगर के दंगे के दोषी बीजेपी नेताओं से केस वापस हटाने को कह रहे हैं, इसीलिए करणी सेना हमारे बीच में है। उनको लगता है जब कोतवाल ही हमारा है तो जितना उत्पात मचाना है मचा लीजिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दावोस में जाकर कह रहे हैं कि आतंक से लडे़ंगे, लेकिन असल में आतंक पैदा करने वाले यही लोग हैं। कोई आतंकवादी से लड़ना नहीं चाहता। कार्यक्रम में यूनाइटेड अगेन्स हेट के नदीम खान, यूनाइटेड अगेन्स हेट के केरला के संयोजक शिहाद हसन, स्टूडेंट फेडरेशन अध्यक्ष मिरान हैदर, समाजसेवी खालिद सैफी, अरबी के प्रसिद्ध विद्वान मौलाना नदीमुलवाजदी ने भी विचार रखे।
कार्यक्रम का आयोजन जामियुल मारिफ, तंजीम अबना-ए-मदारिस व देवबंद इस्लामिक एकेडमी की ओर से किया गया। इस मौके पर मौलाना हसीब सिद्दीकी, अहमद हसन, मो. नियाज, अब्दुल रहमान, अब्दुल बासित, मो. शाहनवाज, मौलाना हसनुल हाशमी, मौलना मेहंदी हसन ऐनी, मौलाना महमूदुर्रहमान कासमी, मो. हस्सान, बिलाल, फैसल, आतिफ सुहैल, कमल देवबंदी, मुफ्ती अनवार खान आदि मौजूद रहे।
जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष मोहित कुमार पांडे ने कहा कि देश में युवाओं को रोजगार देने के मामले में जब नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ से सवाल पूछे जाते हैं तो बीजेपी नेता कहते हैं कि इनसे सवाल क्यों पूछ रहे हैं।
उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि हमारा प्रधानमंत्री नवाज शरीफ नहीं है अगर उनसे सवाल पूछते हैं तो कहेंगे कि देखिए पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री से सवाल पूछ रहे हैं। अब इतना कौन बताए कि जो देश के प्रधानमंत्री हैं उन्हीं से सवाल पूछे जाएंगे।
जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के छात्र उमर खालिद ने केंद्र और राज्य सरकारों पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि बॉलीवुड फिल्म पद्मावत को लेकर जिस तरह करणी सेना ने देशभर में हिंसा फैलाई है उससे स्पष्ट है कि करणी सेना और हिंसा फैलाने वाले दूसरे लोगों को सरकार का संरक्षण प्राप्त है।
जेएनयू में देश विरोधी नारे लगाने के बाद सुर्खियों में आए जेएनयू के छात्र उमर खालिद ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि फिल्म पद्मावत को लेकर बीजेपी शासित राज्यों की सरकारों के मुख्यमंत्रियों ने निर्देशक संजय लीला भंसाली को ही दोषी ठहराया।
इससे स्पष्ट है कि जो लोग हिंसा फैला रहे हैं उन्हें सरकार का अंदरूनी संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने कहा कि चाहे वह हरियाणा हो, उत्तर प्रदेश या फिर गुजरात हो। वहां ये गुंडागर्दी ज्यादा देखने को मिलेगी। उमर खालिद ने आरोप लगाया कि जब से केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार आई है तब से गुंडागर्दी अधिक बढ़ी है।
कभी लव जेहाद के नाम पर लोगों को जिंदा जलाया जा रहा है, कभी गोरक्षा तो कभी घर वापसी के नाम पर लोगों को मारा जा रहा है। फर्क इतना है कि अभी तक हिंसा दलित और मुसलमानों पर हो रही थी, लेकिन अब जो भयानक सी स्थिति पैदा की गई है उसके अंदर कोई भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है।
एक सवाल पर उमर खालिद ने कहा कि आने वाला एक साल साजिशों का साल होने वाला है, क्योंकि जिन वादों के साथ बीजेपी केंद्र की सत्ता पर काबिज हुई अब वह नहीं चाहेंगे कि उन वादों पर बात हो।
12 करोड़ लोगों को रोजगार देने का मामला हो, किसानों की आत्महत्या का मामला हो या फिर महंगाई का मुद्दा इन सब पर बात न हो इसलिए आने वाला साल साजिशों का साल होने वाला है।
उमर खालिद ने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्ष में हमारे देश में जो कुछ हुआ चाहे वह धर्म व जाति के नाम पर उन्माद हो, दलितों मुसलमानों पर हमला हो, देश की लूट हो और नफरत की राजनीति हो इसमें छोटे से प्यादे से लेकर बादशाह तक सब लिप्त हैं।
उन्होंने गौरी लंकेश पर कहा कि चार दिन बाद गोरी लंकेश का बर्थ-डे है। उनकी हत्या को इतने दिन हो गए हैं, लेकिन अभी तक पीएम मोदी ने इस पर कुछ भी नहीं बोला। उन्होंने कहा कि अब वक्त आ गया है जब छात्र और नौजवान तबका देश को सही ट्रैक पर लाने का काम करे।