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आबादी में प्रदूषण फैला रहीं आरा मशीनें

Thu, 17 Jun 2021 12:06 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 17 Jun 2021 12:06 AM IST
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Jigsaw machines spreading pollution in the population
सहारनपुर। शहर के रिहायशी इलाकों में संचालित आरा मशीनें वायु प्रदूषण फैला रही हैं। लकड़ी चिराई के साथ निकलने वाली धूल से स्थानीय लोगों को खासी परेशानी हो रही है।
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लकड़ी के कारोबार के साथ-साथ शहर में बड़े पैमाने पर आरा मशीनें स्थापित हुई हैं, जो कई दशक से चल रही हैं। पुराना कलसिया रोड पर घर-घर में आरा मशीनें लगी हैं। जहां बड़े-बड़े पेड़ों की कई-कई क्विंटल तक की लकड़ियों की चिराई होती है। लकड़ियों की चिराई के साथ आरा मशीनें तेज शोर करने के साथ ही धूल भी उड़ती हैं। लकड़ियों के बुरादे के साथ निकलने वाली धूल सेहत के लिए बेहद खतरनाक है। जो सांस के जरिए शरीर में प्रवेश कर सांस की तकलीफ पैदा करती हैं। शहर में ही बड़ी संख्या में आरा मशीनें बिना अनुमति के ही चल रही हैं। सबसे बड़ी समस्या यह है कि ज्यादातर आरा मशीनें आबादी के बीच हैं। स्थानीय लोगों की मजबूरी यह है कि विवाद से बचने की वजह से वह शिकायत नहीं कर पा रहे हैं।
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लकड़ी की बड़ी मंडी है सहारनपुर
सहारनपुर में लकड़ी का बड़ा कारोबार होता है। मंडी समिति रोड के साथ ही शहर में अन्य जगहों पर भी लकड़ी के बड़े व्यापारी हैं। एक अनुमान के अनुसार शहर में प्रतिदिन 200 टन से अधिक लकड़ी व्यापारियों के द्वारा खरीदी जाती है, जिसमें आम, शीशम, जमोया सहित अन्य प्रजाति के पेड़ शामिल हैं, जो फर्नीचर में सबसे अधिक काम आते हैं।
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मजदूरों की भी सेहत को खतरा
आरा मशीनों में काम करने वाले ज्यादातर मजदूर चिराई करते समय मुंह पर कपड़ा नहीं रखते हैं। इस वजह से लकड़ी की गर्द सांस के जरिए मजदूरों के शरीर में जाती है। ज्यादातर मजदूरों में सांस की समस्या पैदा हो चुकी है, रोजी रोटी के चलते वह काम नहीं छोड़ पा रहे हैं।
----- वर्जन
पूरे जनपद में 125 आरा मशीनों के पास लाइसेंस है, वह भी बहुत पुराने समय से हैं। बीते कुछ साल से नए लाइसेंस नहीं हो रहे हैं। रही बात अवैध रूप से आरा मशीनों के संचालन की तो जहां भी अवैध आरा मशीन चलने की शिकायत मिलती है तुरंत कार्रवाई होती है। बीते माह भी दो आरा मशीनें उखड़वाई गई हैं। प्लाइवुड कटिंग मशीनें हमारे दायरे में नहीं आती।

-- रणविजय सिंह, डीएफओ।
----- वर्जन
आरा मशीनों के लाइसेंस डीएफओ के यहां से जारी होते हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की इसमें कोई भूमिका नहीं है। यदि कहीं आरा मशीन की वजह से प्रदूषण होने की शिकायत मिलती है तो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्रवाई करता है। -- एसआर मौर्य, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।
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