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Saharanpur News: गांवों में विकास के लिए प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाना जरूरी
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मुकर्रम। प्रधानों वाली खबर का फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। प्रधानों का कार्यकाल आठ दिन बाद समाप्त हो जाएगा और अभी पंचायत चुनाव होने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में प्रशासकों को तैनात करने की अटकलें भी तेज हो रही हैं। इन सबके बीच प्रधान अपना कार्यकाल बढ़ाने की मांग उठाने लगे हैं। उनका कहना है कि प्रधानों का कार्यकाल बढ़ेगा तभी विकास कार्य सुचारू रह सकते हैं। प्रधानों का मानना है कि प्रशासक नियुक्त होने से गांवों में विकास कार्य ठप हो जाएंगे और लोगों की समस्या का समाधान भी नहीं होगा।
-नूरपुर भरावड़ के प्रधान मुकर्रम चौधरी का कहना है पंचायतों में प्रधानों का कार्यकाल न बढ़ा कर प्रशासकों की नियुक्ति का कदम न केवल लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत होगा बल्कि ग्राम विकास कार्यों की निरंतरता पारदर्शिता एवं जवाबदेही को भी प्रभावित करेगा। कहा कि प्रदेश के प्रधान 20 मई को लखनऊ के रमाबाई पार्क में आयोजित रैली में प्रदेश सरकार को इस मुद्दे पर सोचने को मजबूर करेंगे।
-मिर्जापुर के प्रधान मोहम्मद तैय्यब ने कहा कि पंचायत चुनाव निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत तत्काल कराया जाए अथवा वर्तमान ग्राम प्रधानों को कार्यकाल यथोचित अवधि के लिए बढ़ाया जाए। तभी गांवों में विकास कार्यों की निरंतरता को कायम रखा जा सकेगा।
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-नूनाबड़ी के प्रधान मोहम्मद शोएब का कहना है कि बहुत जगहों पर बजट के अभाव में भुगतान नहीं हुए हैं। प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होते ही वित्तीय अधिकार प्रशासकों को देने की अटकलें चल रही हैं। यदि ऐसा होता है तो उनके कार्यों की फाइलें दबने से भुगतान लटक जाएगा।
-तिवाया की प्रधान रीना देवी का कहना है कि गांवों में पिछले पांच वर्षों में किए गए कई विकास कार्य अभी अधूरे हैं। यदि कार्यकाल समाप्त हो गया तो ये कार्य प्रभावित हो सकते हैं या अधूरे ही रह जाएंगे।
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सहारनपुर। प्रधानों का कार्यकाल आठ दिन बाद समाप्त हो जाएगा और अभी पंचायत चुनाव होने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में प्रशासकों को तैनात करने की अटकलें भी तेज हो रही हैं। इन सबके बीच प्रधान अपना कार्यकाल बढ़ाने की मांग उठाने लगे हैं। उनका कहना है कि प्रधानों का कार्यकाल बढ़ेगा तभी विकास कार्य सुचारू रह सकते हैं। प्रधानों का मानना है कि प्रशासक नियुक्त होने से गांवों में विकास कार्य ठप हो जाएंगे और लोगों की समस्या का समाधान भी नहीं होगा।
-नूरपुर भरावड़ के प्रधान मुकर्रम चौधरी का कहना है पंचायतों में प्रधानों का कार्यकाल न बढ़ा कर प्रशासकों की नियुक्ति का कदम न केवल लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत होगा बल्कि ग्राम विकास कार्यों की निरंतरता पारदर्शिता एवं जवाबदेही को भी प्रभावित करेगा। कहा कि प्रदेश के प्रधान 20 मई को लखनऊ के रमाबाई पार्क में आयोजित रैली में प्रदेश सरकार को इस मुद्दे पर सोचने को मजबूर करेंगे।
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-मिर्जापुर के प्रधान मोहम्मद तैय्यब ने कहा कि पंचायत चुनाव निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत तत्काल कराया जाए अथवा वर्तमान ग्राम प्रधानों को कार्यकाल यथोचित अवधि के लिए बढ़ाया जाए। तभी गांवों में विकास कार्यों की निरंतरता को कायम रखा जा सकेगा।
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-नूनाबड़ी के प्रधान मोहम्मद शोएब का कहना है कि बहुत जगहों पर बजट के अभाव में भुगतान नहीं हुए हैं। प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होते ही वित्तीय अधिकार प्रशासकों को देने की अटकलें चल रही हैं। यदि ऐसा होता है तो उनके कार्यों की फाइलें दबने से भुगतान लटक जाएगा।
-तिवाया की प्रधान रीना देवी का कहना है कि गांवों में पिछले पांच वर्षों में किए गए कई विकास कार्य अभी अधूरे हैं। यदि कार्यकाल समाप्त हो गया तो ये कार्य प्रभावित हो सकते हैं या अधूरे ही रह जाएंगे।

मुकर्रम। प्रधानों वाली खबर का फोटो

मुकर्रम। प्रधानों वाली खबर का फोटो

मुकर्रम। प्रधानों वाली खबर का फोटो