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अल्लाह के अलावा किसी और की इबादत की तो इस्लाम से खारिज : उलमा
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sat, 21 Oct 2017 12:04 AM IST
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देवबंदी उलमा मौलाना मुफ्ती शरीफ।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर के देवबंद में वाराणसी के एक कार्यक्रम में मुस्लिम महिलाओं द्वारा भगवान श्रीराम की तस्वीर के सामने खड़े होकर आरती किए जाने के मामले में देवबंदी उलमा ने दो टूक कहा कि ऐसा करने वाला मुसलमान नहीं रहता और वह ईमान से खारिज हो जाता है।
उन्होंने तर्क भी दिया कि इस्लाम में अल्लाह के सिवा किसी और की इबादत करने की इजाजत नहीं है। दारुल उलूम जकरिया के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती शरीफ खान ने शुक्रवार को प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस्लाम और शरीयत पूरी दुनिया के लिए एक है।
शरीयत के अनुसार मुसलमान सिर्फ अल्लाह की इबादत कर सकते हैं, और उन्हें इसी की इजाजत दी गई है। अगर कोई उसको छोड़कर किसी और तरीके या किसी और की पूजा करेगा तो वह इस्लाम से खारिज हो जाएगा और वह मुसलमान नहीं रहेगा।
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क्योंकि उन्होंने इस्लाम के खिलाफ काम किया है। उन्होंने कहा कि वाराणसी हो या लखनऊ या फिर दुनिया के किसी भी कोने में अगर मुस्लिम औरत और मर्द कोई भी इस किस्म का काम करेंगे जो इस्लाम के खिलाफ है तो वो इस्लाम से खारिज हो जाएंगे और उनका मुस्लिम कहना शरीयत के एतबार से सही नहीं होगा।
मुफ्ती शरीफ खान ने यह भी कहा कि फिल्मों में मुस्लिम कलाकार डायरेक्टर के कहने पर पूजा आदि करने की नकल करते हैं वो असल में ऐसा नहीं करते। अगर उन्होंने रील से निकलकर रीयल में गणपति की पूजा की है तो उनके लिए भी वही मसला लागू होता है जो दूसरे लोगों के लिए है।
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उन्होंने तर्क भी दिया कि इस्लाम में अल्लाह के सिवा किसी और की इबादत करने की इजाजत नहीं है। दारुल उलूम जकरिया के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती शरीफ खान ने शुक्रवार को प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस्लाम और शरीयत पूरी दुनिया के लिए एक है।
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शरीयत के अनुसार मुसलमान सिर्फ अल्लाह की इबादत कर सकते हैं, और उन्हें इसी की इजाजत दी गई है। अगर कोई उसको छोड़कर किसी और तरीके या किसी और की पूजा करेगा तो वह इस्लाम से खारिज हो जाएगा और वह मुसलमान नहीं रहेगा।
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क्योंकि उन्होंने इस्लाम के खिलाफ काम किया है। उन्होंने कहा कि वाराणसी हो या लखनऊ या फिर दुनिया के किसी भी कोने में अगर मुस्लिम औरत और मर्द कोई भी इस किस्म का काम करेंगे जो इस्लाम के खिलाफ है तो वो इस्लाम से खारिज हो जाएंगे और उनका मुस्लिम कहना शरीयत के एतबार से सही नहीं होगा।
मुफ्ती शरीफ खान ने यह भी कहा कि फिल्मों में मुस्लिम कलाकार डायरेक्टर के कहने पर पूजा आदि करने की नकल करते हैं वो असल में ऐसा नहीं करते। अगर उन्होंने रील से निकलकर रीयल में गणपति की पूजा की है तो उनके लिए भी वही मसला लागू होता है जो दूसरे लोगों के लिए है।