Saharanpur: बांग्लादेशी मोहम्मद राशिद ने पूछताछ में बताया ये सच, देवबंद कनेक्शन तलाशने में जुटीं एजेंसियां
Saharanpur News : कानपुर से पकड़े गए बांग्लादेशी नागरिक मोहम्मद राशिद ने पूछताछ में एक बड़ा सच बताया है। वहीं, जांच एजेंसियां राशिद का देवबंद कनेक्शन तलाशने में जुटी हैं।
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दो दिन पूर्व कानपुर से पकड़े गए बांग्लादेशी नागरिक मोहम्मद राशिद अहमद से पूछताछ के बाद एक बार फिर से देवबंद के दारुल उलूम का नाम सामने आया है। एटीएस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह दारुल उलूम की अफ्रीकी मंजिल में रहा है।
राशिद ने बताया कि पूर्व में गिरफ्तार किए गए नजीबुल हक और अबू हुरैरा गाजी ने फर्जी आधार कार्ड बनवाकर उसे देवबंद में बसाया था। बांग्लादेशी मोहम्मद राशिद अहमद का देवबंद कनेक्शन सामने आने के बाद एटीएस और खुफिया एजेंसियां देवबंद में छानबीन में जुट गईं हैं। माना जा रहा है कि उसके और भी साथी देवबंद में छिपे हो सकते हैं। इनकी तलाश में एटीएस ने कार्रवाई आरंभ कर दी है।
सूत्र बताते हैं कि जल्द ही लखनऊ एटीएस देवबंद में कुछ स्थानों पर छापा मार कर सकती है। पूर्व में भी देवबंद से कई बांग्लादेशी नागरिक पकड़े जा चुके हैं। 12 अक्तूबर 2023 को एटीएस ने अबू हुरैरा और शेख नजीबुलहक को गिरफ्तार किया था। दोनों लोग अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी और विदेशी फंडिंग के धंधे से जुड़े मिले थे। जुलाई 2023 में ही एटीएस ने देवबंद से बांग्लादेशी अहमदुल्लाह और हबीबउल्लाह को गिरफ्तार किया था।
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इससे पूर्व भी देवबंद से अनेक बार बांग्लादेशी नागरिक पकड़े जा चुके हैं। जिसके चलते एटीएस और खुफिया एजेंसियों की नजरें हर समय देवबंद पर ही लगी रहतीं हैं। क्योंकि घुसपैठियों के लिहाज से देवबंद उनके लिए बेहद सुरक्षित ठिकाना है। उधर, दारुल उलूम की जिम्मेदारों का कहना है कि उनका इससे कोई मतलब नहीं है।
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