फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Investigative agencies are trying to find Deoband connection of Bangladeshi Rashid Ahmed

Saharanpur: बांग्लादेशी मोहम्मद राशिद ने पूछताछ में बताया ये सच, देवबंद कनेक्शन तलाशने में जुटीं एजेंसियां

Fri, 02 Feb 2024 02:34 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, सहारनपुर
अमर उजाला ब्यूरो, सहारनपुर Published by: कपिल kapil Updated Fri, 02 Feb 2024 02:34 PM IST
सार

Saharanpur News : कानपुर से पकड़े गए बांग्लादेशी नागरिक मोहम्मद राशिद ने पूछताछ में एक बड़ा सच बताया है। वहीं, जांच एजेंसियां राशिद का देवबंद कनेक्शन तलाशने में जुटी हैं।

विज्ञापन
Investigative agencies are trying to find Deoband connection of Bangladeshi Rashid Ahmed
यूपी एटीएस

विस्तार

दो दिन पूर्व कानपुर से पकड़े गए बांग्लादेशी नागरिक मोहम्मद राशिद अहमद से पूछताछ के बाद एक बार फिर से देवबंद के दारुल उलूम का नाम सामने आया है। एटीएस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह दारुल उलूम की अफ्रीकी मंजिल में रहा है।

विज्ञापन

राशिद ने बताया कि पूर्व में गिरफ्तार किए गए नजीबुल हक और अबू हुरैरा गाजी ने फर्जी आधार कार्ड बनवाकर उसे देवबंद में बसाया था। बांग्लादेशी मोहम्मद राशिद अहमद का देवबंद कनेक्शन सामने आने के बाद एटीएस और खुफिया एजेंसियां देवबंद में छानबीन में जुट गईं हैं। माना जा रहा है कि उसके और भी साथी देवबंद में छिपे हो सकते हैं। इनकी तलाश में एटीएस ने कार्रवाई आरंभ कर दी है।

विज्ञापन

सूत्र बताते हैं कि जल्द ही लखनऊ एटीएस देवबंद में कुछ स्थानों पर छापा मार कर सकती है। पूर्व में भी देवबंद से कई बांग्लादेशी नागरिक पकड़े जा चुके हैं। 12 अक्तूबर 2023 को एटीएस ने अबू हुरैरा और शेख नजीबुलहक को गिरफ्तार किया था। दोनों लोग अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी और विदेशी फंडिंग के धंधे से जुड़े मिले थे। जुलाई 2023 में ही एटीएस ने देवबंद से बांग्लादेशी अहमदुल्लाह और हबीबउल्लाह को गिरफ्तार किया था।

यह भी पढ़ें: UP : दुल्हन की खुली ऐसी पोल, दूल्हे के उड़ गए होश, पूरा मोहल्ला भी हैरान, शादी के तीन दिन बाद हुई रफूचक्कर

इससे पूर्व भी देवबंद से अनेक बार बांग्लादेशी नागरिक पकड़े जा चुके हैं। जिसके चलते एटीएस और खुफिया एजेंसियों की नजरें हर समय देवबंद पर ही लगी रहतीं हैं। क्योंकि घुसपैठियों के लिहाज से देवबंद उनके लिए बेहद सुरक्षित ठिकाना है। उधर, दारुल उलूम की जिम्मेदारों का कहना है कि उनका इससे कोई मतलब नहीं है।

यह भी पढ़ें: हत्या से सनसनी: पुलिस चौकी के सामने स्कूल में मिली खून से लथपथ लाश, युवक को ईंटों से पीटकर उतारा मौत के घाट

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed