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Saharanpur News: संपत्ति विवरण न देने वालों की जांच शुरू, डीडीओ से मांगे प्रमाणपत्र
Wed, 25 Feb 2026 12:47 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Wed, 25 Feb 2026 12:47 AM IST
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सहारनपुर। सरकारी कर्मचारियों द्वारा चल-अचल संपत्ति का ब्योरा मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड न करने के मामले में अब सभी विभागों में जांच शुरू कर दी गई है। संबंधित विभागों के आहरण एवं वितरण अधिकारियों (डीडीओ) से प्रमाणपत्र मांगे गए हैं कि उनके अधीन कार्यरत सभी कर्मचारियों का बिना सूचना दिए वेतन जारी तो नहीं किया गया।
दरअसल, शासन के निर्देशानुसार सभी कर्मचारियों को 31 जनवरी तक अपनी संपत्ति का विवरण अनिवार्य रूप से पोर्टल पर अपलोड करना था, लेकिन निर्धारित समय सीमा के बाद भी कुछ कर्मचारियों ने यह औपचारिकता पूरी नहीं की। हालांकि स्थानीय स्तर पर सभी विभागों के अधिकारियों का दावा है कि उनके विभाग में सभी ने चल-अचल संपत्ति का ब्योरा पोर्टल पर अपलोड कर दिया है, लेकिन अब मुख्य सचिव की तरफ से पत्र जारी किया गया है।
इसमें कहा गया है कि सभी विभागों के डीडीओ पोर्टल पर अपलोड कर्मचारियों के प्रमाण पत्र शासन को भेजेंगे, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि बिना सूचना देने वाले कर्मचारी का वेतन जारी तो नहीं किया गया। अगर किसी भी विभाग में ऐसा कर्मचारी पाया जाता है तो डीडीओ पर कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में कई विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की नींद उड़ी हुई है।
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शासन की तरफ से पत्र आया है, जिसमें कई बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई है। अगर बिना जानकारी दिए किसी भी विभाग के अधिकारी या कर्मचारी का वेतन जारी किया गया है तो उसके लिए डीडीओ जिम्मेदार होंगे।
- सूरज कुमार, मुख्य कोषाधिकारी
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दरअसल, शासन के निर्देशानुसार सभी कर्मचारियों को 31 जनवरी तक अपनी संपत्ति का विवरण अनिवार्य रूप से पोर्टल पर अपलोड करना था, लेकिन निर्धारित समय सीमा के बाद भी कुछ कर्मचारियों ने यह औपचारिकता पूरी नहीं की। हालांकि स्थानीय स्तर पर सभी विभागों के अधिकारियों का दावा है कि उनके विभाग में सभी ने चल-अचल संपत्ति का ब्योरा पोर्टल पर अपलोड कर दिया है, लेकिन अब मुख्य सचिव की तरफ से पत्र जारी किया गया है।
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इसमें कहा गया है कि सभी विभागों के डीडीओ पोर्टल पर अपलोड कर्मचारियों के प्रमाण पत्र शासन को भेजेंगे, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि बिना सूचना देने वाले कर्मचारी का वेतन जारी तो नहीं किया गया। अगर किसी भी विभाग में ऐसा कर्मचारी पाया जाता है तो डीडीओ पर कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में कई विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की नींद उड़ी हुई है।
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शासन की तरफ से पत्र आया है, जिसमें कई बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई है। अगर बिना जानकारी दिए किसी भी विभाग के अधिकारी या कर्मचारी का वेतन जारी किया गया है तो उसके लिए डीडीओ जिम्मेदार होंगे।
- सूरज कुमार, मुख्य कोषाधिकारी