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कार्यशाला में दी जीएसटी के नए नियमों की जानकारी
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सहारनपुर। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन सहारनपुर के सभागार में जीएसटी के नये नियमों के प्रति उद्यमियों को जागरूक करने के लिए कार्यशाला का आयोजन हुआ। इसमें उद्यमियों को नये साल से लागू हुए नये नियमों और उनके प्रभाव के बारे में जानकारी दी गई।
आईआईए के चैप्टर चेयरमैन रविंद्र मिगलानी ने कहा कि कार्यशाला का आयोजन शेयरिंग सोल्यूशन के अंतर्गत किया। ताकि नये नियमों से अवगत होकर उद्यमी अपने कारोबार को ठीक प्रकार से संचालित कर सकें।
जीएसटी एडवाइजर आशीष मिगलानी ने बताया कि 01 जनवरी से उत्तर प्रदेश सरकार के जीएसटी विभाग के नियमों में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। जैसे: नया जीएसटी रजिस्ट्रेशन पहले तीन दिन में होता था, अब 7 दिन में होगा और यदि किसी का आधार कार्ड सत्यापित नहीं होता है तो 30 दिन में रजिस्ट्रेशन होगा। संबंधित अधिकारी द्वारा उद्यमी के परिसर में सर्वे किया जाएगा। जीएसटी के नियम 86-बी में प्रावधान है कि जिसकी मासिक बिक्री 50 लाख से ऊपर है, उनको एक प्रतिशत टैक्स जमा करना होगा। ई-वे बिल में पहले 24 घंटे में 100 किमी की दूरी तय करने की व्यवस्था थी, अब 200 किमी की दूरी तय कर दी, जो कि व्यवहारिक नहीं है, क्योंकि कुछ जनपदों में नो-एंट्री 8 से 10 घंटे रहती है।
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उन्होंने बताया कि जीएसटी निरस्तीकरण के नियम में तीन धाराएं आई हैं, इसमें मुख्य धारा जीएसटी-आर-1 और जीएसटी-आर-3बी में कोई अंतर होगा तो आपका जीएसटी नंबर किसी बिना सुनवाई के सस्पेंड हो सकता है। जीएसटी के नियम-36(4) में जो आईटीसी पूर्व में 110 प्रतिशत लेते थे, अब उसे घटाकर 105 प्रतिशत कर दिया है। अब जिनकी वार्षिक टर्न ओवर 100 करोड़ से ऊपर है, उनके लिए बी-2बी में ई-इन्वाइसिस अनिवार्य कर दी गई है।
कार्यशाला में महासचिव राजेश सपरा, राष्ट्रीय सचिव संजय बजाज, केआर सिंघल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सरदार हरजीत सिंह, कोषाध्यक्ष मनजीत सिंह अरोड़ा, पूर्व चैप्टर चेयरमैन संदीप गुप्ता एवं संदीप कूपर, दर्शन कुमार गुप्ता, अनिल अग्रवाल, दिनेश सिंघल, राही मक्कड़, सुरेंद्र मोहन कालरा, पार्थ दहूजा, चिराग सुनेजा, सागर भट्टनागर, सुनील दत्त शर्मा, सरदार मनमोहन सिंह, पंकज गुप्ता, अशोक माहेश्वरी आदि रहे।
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आईआईए के चैप्टर चेयरमैन रविंद्र मिगलानी ने कहा कि कार्यशाला का आयोजन शेयरिंग सोल्यूशन के अंतर्गत किया। ताकि नये नियमों से अवगत होकर उद्यमी अपने कारोबार को ठीक प्रकार से संचालित कर सकें।
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जीएसटी एडवाइजर आशीष मिगलानी ने बताया कि 01 जनवरी से उत्तर प्रदेश सरकार के जीएसटी विभाग के नियमों में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। जैसे: नया जीएसटी रजिस्ट्रेशन पहले तीन दिन में होता था, अब 7 दिन में होगा और यदि किसी का आधार कार्ड सत्यापित नहीं होता है तो 30 दिन में रजिस्ट्रेशन होगा। संबंधित अधिकारी द्वारा उद्यमी के परिसर में सर्वे किया जाएगा। जीएसटी के नियम 86-बी में प्रावधान है कि जिसकी मासिक बिक्री 50 लाख से ऊपर है, उनको एक प्रतिशत टैक्स जमा करना होगा। ई-वे बिल में पहले 24 घंटे में 100 किमी की दूरी तय करने की व्यवस्था थी, अब 200 किमी की दूरी तय कर दी, जो कि व्यवहारिक नहीं है, क्योंकि कुछ जनपदों में नो-एंट्री 8 से 10 घंटे रहती है।
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उन्होंने बताया कि जीएसटी निरस्तीकरण के नियम में तीन धाराएं आई हैं, इसमें मुख्य धारा जीएसटी-आर-1 और जीएसटी-आर-3बी में कोई अंतर होगा तो आपका जीएसटी नंबर किसी बिना सुनवाई के सस्पेंड हो सकता है। जीएसटी के नियम-36(4) में जो आईटीसी पूर्व में 110 प्रतिशत लेते थे, अब उसे घटाकर 105 प्रतिशत कर दिया है। अब जिनकी वार्षिक टर्न ओवर 100 करोड़ से ऊपर है, उनके लिए बी-2बी में ई-इन्वाइसिस अनिवार्य कर दी गई है।
कार्यशाला में महासचिव राजेश सपरा, राष्ट्रीय सचिव संजय बजाज, केआर सिंघल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सरदार हरजीत सिंह, कोषाध्यक्ष मनजीत सिंह अरोड़ा, पूर्व चैप्टर चेयरमैन संदीप गुप्ता एवं संदीप कूपर, दर्शन कुमार गुप्ता, अनिल अग्रवाल, दिनेश सिंघल, राही मक्कड़, सुरेंद्र मोहन कालरा, पार्थ दहूजा, चिराग सुनेजा, सागर भट्टनागर, सुनील दत्त शर्मा, सरदार मनमोहन सिंह, पंकज गुप्ता, अशोक माहेश्वरी आदि रहे।