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यमुना नदी की जलधारा के बीच अवैध खनन
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बेहट के बरथा जोन में अवैध खनन की सूचना पर पहुंची पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की टीम
- फोटो : SAHARANPUR
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बेहट (सहारनपुर)। यमुना नदी के बरथा जोन में माफिया जलधारा के बीच अवैध खनन करा रहे हैं। आधुनिक मशीनों से की जा रही खोदाई से नदी में बड़े-बड़े गहरे गड्ढे बन गए हैं। सुबह पांच बजे जब किसी ने इसकी सूचना अधिकारियों को दी तो स्थानीय अफसर मौके पर पहुंचे। जब तक एसडीएम-सीओ पुलिस व राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे, माफिया और उनके गुर्गे अपने वाहनों व मशीनों को लेकर वहां से भाग चुके थे। जलधारा के बीच लंबे चौड़े क्षेत्रफल में अवैध तरीके से खनन कर गहरे और बड़े-बड़े गड्ढे बना दिए गए हैं। अवैध खनन से जहां सरकार को बड़े राजस्व की हानि हुई है, वहीं यमुना की जलधारा भी प्रभावित होगी। इससे बरसात में तटवर्ती गांवों की आबादी और कृषि क्षेत्र को भारी नुकसान हो सकता है। एसडीएम व सीओ ने खनन और राजस्व विभाग की टीम को अवैध खनन से हुए नुकसान के आंकलन के लिए लगाया है।
उन्हें अवैध खनन किए जाने की सूचना मिली थी, लेकिन मौके पर कोई खनन करता नहीं मिला है। जांच के दौरान मौके पर अवैध खनन किया जाना पाया गया है। इसके नुकसान के आंकलन के लिए नायब तहसीलदार के साथ खनन व राजस्व विभाग की टीम गठित की गई है।
- रामजीलाल, एसडीएम बेहट
पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
बेहट। यमुना नदी में जलधारा के बीच इतने बड़े पैमाने पर अवैध खनन होता रहा और हैरानी की बात है कि स्थानीय पुलिस प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगी, जबकि अवैध खनन के लिए इस्तेमाल की गई मशीनों से खोदाई के दौरान बने बड़े-बड़े गहरे गड्ढों से इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि यह अवैध खनन महीनों से किया जा रहा होगा। ऐसे में खनन विभाग, बेहट तहसील प्रशासन व पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लाजिमी है। हर बार स्थानीय पुलिस प्रशासन खोदाई होने के बाद ही छापा मारता है। पहले भी ऐसा ही होता रहा है। खनन जोन में यमुना नदी को माफिया आधुनिक मशीनों से उधड़ते रहे और जब खोदाई पूरी हो गई, उसके बाद छापे मारे गए। अवैध खनन की रिपोर्ट दर्ज कराकर ड्यूटी पूरी कर ली गई।
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उन्हें अवैध खनन किए जाने की सूचना मिली थी, लेकिन मौके पर कोई खनन करता नहीं मिला है। जांच के दौरान मौके पर अवैध खनन किया जाना पाया गया है। इसके नुकसान के आंकलन के लिए नायब तहसीलदार के साथ खनन व राजस्व विभाग की टीम गठित की गई है।
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- रामजीलाल, एसडीएम बेहट
पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
बेहट। यमुना नदी में जलधारा के बीच इतने बड़े पैमाने पर अवैध खनन होता रहा और हैरानी की बात है कि स्थानीय पुलिस प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगी, जबकि अवैध खनन के लिए इस्तेमाल की गई मशीनों से खोदाई के दौरान बने बड़े-बड़े गहरे गड्ढों से इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि यह अवैध खनन महीनों से किया जा रहा होगा। ऐसे में खनन विभाग, बेहट तहसील प्रशासन व पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लाजिमी है। हर बार स्थानीय पुलिस प्रशासन खोदाई होने के बाद ही छापा मारता है। पहले भी ऐसा ही होता रहा है। खनन जोन में यमुना नदी को माफिया आधुनिक मशीनों से उधड़ते रहे और जब खोदाई पूरी हो गई, उसके बाद छापे मारे गए। अवैध खनन की रिपोर्ट दर्ज कराकर ड्यूटी पूरी कर ली गई।

मौके पर जांच करते सीओ-एसडीएम- फोटो : SAHARANPUR
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