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लखनऊ पहुंची अवैध पशु कटान की गूंज
Thu, 16 Apr 2020 06:55 PM IST
Anonymous User
ब्यूरो\ अमर उजाला, सहारनपुर
ब्यूरो\ अमर उजाला, सहारनपुर
Published by: Anonymous User
Updated Thu, 16 Apr 2020 06:55 PM IST
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गंगोह में ईदगाह प्रकरण में समाधान के लिए सोमवार को पुलिस ने कोतवाली में दोनों पक्षों की बैठक बुलाई, जिसमें दोनों पक्ष अपनी बात पर अड़े रहे। इसके बाद कोतवाल ने दोनों पक्षों को शांतिभंग न करने की चेतावनी दी। उन्होंने उच्चाधिकारियों को भी स्थिति से अवगत कराया।
बड़ी ईदगाह की दीवार के मामले में संघर्ष समिति द्वारा 14 दिसंबर को प्रस्तावित नगर पालिका कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन और तालाबंदी की घोषणा से प्रशासन की नींद उड़ी हुई है। सोमवार को कोतवाली में दोनों पक्षों की समझौता बैठक बुलाई गई, जिसमें चेयरमैन ने सीमांकन प्रमाण पत्र मिलते ही दीवार निर्माण कराने की बात कहीं, परंतु समिति आश्वासन के बजाय दीवार निर्माण शुरू कराने पर ही प्रस्तावित कार्यक्रम को स्थगित करने पर अड़ी रही।
वार्ता विफल रहने पर पुलिस ने दोनों पक्षों से बातचीत कर अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को प्रेषित कर दी है। वार्ता में कोतवाल विंध्याचल तिवारी, एसएसआई सुशील सैनी, समिति अध्यक्ष इरफान अलीम कुरैशी, हितैष मित्तल, सभासद हारूण चौधरी, वासिल खान, गय्यूर चौधरी एवं चेयरमैन काजी नोमान मसूद शामिल रहे।
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उधर चेयरमैन काजी नोमान मसूद ने राजनीति के बजाय दीन के रास्ते से विवाद का हल निकालने की बात कहते हुए विवाद को उलमा-ए दीन की सुपुर्दगी में देने की अपील की। उन्होंने मोहम्मद अब्दुल्ला अजराडा वाले, मौलाना जहूर आलमपुर मानपुर और मौलाना खुशजमां इमाम के नाम प्रस्तावित किए है।
उधर, कोतवाल ने बताया कि उन्होंने उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है। किसी को भी माहौल खराब करने की छूट नहीं दी जाएगी। शांतिपूर्ण ढंग से विरोध जताने का अधिकार सभी को है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस मौजूद रहेगी।
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बड़ी ईदगाह की दीवार के मामले में संघर्ष समिति द्वारा 14 दिसंबर को प्रस्तावित नगर पालिका कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन और तालाबंदी की घोषणा से प्रशासन की नींद उड़ी हुई है। सोमवार को कोतवाली में दोनों पक्षों की समझौता बैठक बुलाई गई, जिसमें चेयरमैन ने सीमांकन प्रमाण पत्र मिलते ही दीवार निर्माण कराने की बात कहीं, परंतु समिति आश्वासन के बजाय दीवार निर्माण शुरू कराने पर ही प्रस्तावित कार्यक्रम को स्थगित करने पर अड़ी रही।
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वार्ता विफल रहने पर पुलिस ने दोनों पक्षों से बातचीत कर अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को प्रेषित कर दी है। वार्ता में कोतवाल विंध्याचल तिवारी, एसएसआई सुशील सैनी, समिति अध्यक्ष इरफान अलीम कुरैशी, हितैष मित्तल, सभासद हारूण चौधरी, वासिल खान, गय्यूर चौधरी एवं चेयरमैन काजी नोमान मसूद शामिल रहे।
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उधर चेयरमैन काजी नोमान मसूद ने राजनीति के बजाय दीन के रास्ते से विवाद का हल निकालने की बात कहते हुए विवाद को उलमा-ए दीन की सुपुर्दगी में देने की अपील की। उन्होंने मोहम्मद अब्दुल्ला अजराडा वाले, मौलाना जहूर आलमपुर मानपुर और मौलाना खुशजमां इमाम के नाम प्रस्तावित किए है।
उधर, कोतवाल ने बताया कि उन्होंने उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है। किसी को भी माहौल खराब करने की छूट नहीं दी जाएगी। शांतिपूर्ण ढंग से विरोध जताने का अधिकार सभी को है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस मौजूद रहेगी।