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शिक्षकों की समस्याएं नहीं सुलझी तो आंदोलन
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सहारनपुर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ने प्रदेश सरकार पर माध्यमिक शिक्षकों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। शिक्षक समस्याओं के निस्तारण के लिए संगठन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। इसमें 20 अगस्त तक समस्याओं का समाधान नहीं होने पर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदेशव्यापी आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
संघ के प्रदेशाध्यक्ष हेम सिंह पुंडीर ने शिक्षक समस्याओं को लेकर 15 जुलाई को लखनऊ स्थित प्रांतीय कार्यालय पर संगठन के विधायकों और पदाधिकारियों के साथ बैठक की। शिक्षक समस्याओं को लेकर मंथन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा। इसमें ंपुरानी पेंशन योजना लागू कराने, शिक्षकों को निशुल्क चिकित्सा सुविधा दिलाने, वित्त विहीन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को समान कार्य के लिए समान वेतन और सेवा शर्तें लागू कराने, फ्रीज किए महंगाई भत्ते को पुन: शुरू कराने तथा स्थानांतरण नीति में संशोधन कराने, विद्यालयों में कार्यरत कंप्यूटर एवं व्यवसायिक शिक्षकों को पूर्णकालिक शिक्षक का दर्जा दिलाने, सहायता प्राप्त विद्यालयों में कार्य कर रहे तदर्थ शिक्षकों को विनियमित करने, चयन बोर्ड अधिनियम की धारा 21 को यथावत बनाए रखने, महिला शिक्षकों को अनुमन्य अवकाश की सुविधा अनिवार्य रूप से लागू करने तथा सामूहिक बीमा योजना को पुन: शुरू करने की मांग मुख्यमंत्री से की है। 20 अगस्त तक समस्याओं का निस्तारण नहीं होने पर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदेश स्तर पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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संघ के प्रदेशाध्यक्ष हेम सिंह पुंडीर ने शिक्षक समस्याओं को लेकर 15 जुलाई को लखनऊ स्थित प्रांतीय कार्यालय पर संगठन के विधायकों और पदाधिकारियों के साथ बैठक की। शिक्षक समस्याओं को लेकर मंथन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा। इसमें ंपुरानी पेंशन योजना लागू कराने, शिक्षकों को निशुल्क चिकित्सा सुविधा दिलाने, वित्त विहीन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को समान कार्य के लिए समान वेतन और सेवा शर्तें लागू कराने, फ्रीज किए महंगाई भत्ते को पुन: शुरू कराने तथा स्थानांतरण नीति में संशोधन कराने, विद्यालयों में कार्यरत कंप्यूटर एवं व्यवसायिक शिक्षकों को पूर्णकालिक शिक्षक का दर्जा दिलाने, सहायता प्राप्त विद्यालयों में कार्य कर रहे तदर्थ शिक्षकों को विनियमित करने, चयन बोर्ड अधिनियम की धारा 21 को यथावत बनाए रखने, महिला शिक्षकों को अनुमन्य अवकाश की सुविधा अनिवार्य रूप से लागू करने तथा सामूहिक बीमा योजना को पुन: शुरू करने की मांग मुख्यमंत्री से की है। 20 अगस्त तक समस्याओं का निस्तारण नहीं होने पर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदेश स्तर पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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