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सांसद को जेल में डाल दिया होता तो थम जाता उपद्रव
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Thu, 11 May 2017 12:28 AM IST
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जिला अस्पताल में घायलों से मिलते पूनिया।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष पीएल पुनिया ने कहा कि सड़क दूधली घटना के बाद सांसद राघव लखनपाल शर्मा और उनके साथियों पर कार्रवाई कर जेल में डाल दिया होता तो शब्बीरपुर और उसके बाद घटित हुई घटनाओं पर अंकुश लग सकता था।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में आपराधिक घटनाओं का ग्राफ तेजी के साथ बढ़ा है। शब्बीरपुर घटना में घायल हुए दलित समाज के लोगों का हाल जानने के लिए पुनिया बुधवार को जिला अस्पताल पहुंचे।
उन्होंने अधिकारियों से बातचीत कर इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतने की बात कही। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डा. भीमराव अंबेडकर की शोभायात्रा को लेकर सड़क दूधली में जब बवाल हुआ, उसी समेत भाजपा सांसद राघव लखनपाल शर्मा और उनके साथियों पर कार्रवाई कर जेल भेजना चाहिए था।
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उन्होंने कहा कि सांसद और उनके साथी उसी समय जेल में चले जाते तो उसके बाद घटित हुई घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता था। उन्होंने कहा कि सहारनपुर ही नहीं ग्रेटर नोएडा, बुलंदशहर, अलीगढ़ समेत पूरे प्रदेश में हिंसक घटनाएं हो रही है।
कहा कि गोरखपुर में ड्यूटी कर रही आईपीएस अधिकारी को भाजपा विधायक द्वारा जलील कर रोने के लिए मजबूर कर दिया गया। शांति कायम करने वाली व्यवस्था को ऐसे अपमानित किया जाएगा तो शांति कैसे रह जाएगी। उन्होंने प्रशासन के ढुलमुल रवैये पर नाराजगी जताई।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश में आपराधिक घटनाओं का ग्राफ तेजी के साथ बढ़ा है। शब्बीरपुर घटना में घायल हुए दलित समाज के लोगों का हाल जानने के लिए पुनिया बुधवार को जिला अस्पताल पहुंचे।
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उन्होंने अधिकारियों से बातचीत कर इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतने की बात कही। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डा. भीमराव अंबेडकर की शोभायात्रा को लेकर सड़क दूधली में जब बवाल हुआ, उसी समेत भाजपा सांसद राघव लखनपाल शर्मा और उनके साथियों पर कार्रवाई कर जेल भेजना चाहिए था।
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उन्होंने कहा कि सांसद और उनके साथी उसी समय जेल में चले जाते तो उसके बाद घटित हुई घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता था। उन्होंने कहा कि सहारनपुर ही नहीं ग्रेटर नोएडा, बुलंदशहर, अलीगढ़ समेत पूरे प्रदेश में हिंसक घटनाएं हो रही है।
कहा कि गोरखपुर में ड्यूटी कर रही आईपीएस अधिकारी को भाजपा विधायक द्वारा जलील कर रोने के लिए मजबूर कर दिया गया। शांति कायम करने वाली व्यवस्था को ऐसे अपमानित किया जाएगा तो शांति कैसे रह जाएगी। उन्होंने प्रशासन के ढुलमुल रवैये पर नाराजगी जताई।