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Saharanpur News: जिंदगी का प्रमाण नहीं दिया था तो थम गई सहारे पेंशन
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- मुख्य कोषाधिकारी कार्यालय से जारी होती है 16800 लोगों की पेंशन
- नवंबर के बाद करीब 350 पेंशनर ने नहीं जमा कराया जीवन प्रमाण पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। नाम राजेंद्र सिंह, उम्र 72 साल, रिटायर शिक्षक। जिंदगी की गुजर-बसर के लिए पेंशन ही एकमात्र सहारा है। अगस्त में बेटे-बहू के पास अमेरिका चले गए और कोषाधिकारी कार्यालय में अपने जिंदा होने का प्रमाण जमा नहीं करा सके। यानी जीवन प्रमाणपत्र। नतीजा यह हुआ कि विभाग ने दिसंबर से पेंशन ही बंद कर दी। अब पेंशन के लिए चक्कर काट रहे हैं। यह केस मात्र एक उदाहरण है। ऐसे करीब 350 केस हैं, जिनकी पेंशन जीवन प्रमाण जमा नहीं होने के कारण रोक दी गई।
मुख्य कोषाधिकारी कार्यालय से करीब 16800 पेंशनधारकों को पेंशन जारी होती है। नियमानुसार, सभी पेंशनधारकों को साल में कम से कम एक बार जीवन प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य होता है, जिससे यह प्रमाणित हो सके कि पेंशन धारक जिंदा हैं। विभाग की तरफ से 30 नवंबर तक जीवन प्रमाण पत्र जमा कराने की अंतिम तिथि रखी जाती है। 30 नवंबर के बाद भी करीब 350 पेंशन धारक ऐसे थे, जिन्होंने जीवन प्रमाण पत्र जमा नहीं कराया था। ऐसे में इन सभी की पेंशन रोक दी गई है।
दिसंबर माह से इन्हें पेंशन जारी नहीं हो रही। हालांकि पेंशन रुकने के बाद इक्का-दुक्का पेंशनधारक कोषाधिकारी कार्यालय में जरूर पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें कागजी कार्रवाई पूरी करने में इधर-उधर चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
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वहीं, मुख्य कोषाधिकारी सूरज कुमार ने बताया कि अधिकतर पेंशन धारक ऐसे हैं, जो बाहर विदेश में रहते हैं या फिर अपने परिवार के पास गए हैं। हालांकि जिन-जिन पेंशनधारकों से संपर्क हो रहा है उन्हें जीवन प्रमाण पत्र जमा कराने के लिए कहा जा रहा है। तभी उनकी पेंशन जारी होगी।
- नवंबर नहीं, कभी भी जमा करा सकते हैं जीवन प्रमाण पत्र
मुख्य कोषाधिकारी ने बताया कि पेंशनधारकों में नवंबर माह को लेकर धारणा बनी हुई है कि केवल इसी माह जीवन प्रमाण पत्र जमा कराना होता है, लेकिन ऐसा नहीं है। पेंशनधारक साल के किसी भी माह में अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा करा सकता है। उदाहरण के तौर पर अगर किसी ने अप्रैल या मई माह में जीवन प्रमाण पत्र जमा कराया है तो उसे ठीक एक साल बाद जीवन प्रमाण पत्र जमा कराना होगा। इसके अलावा पोर्टल पर भी घर बैठे जीवन प्रमाण पत्र जमा करा सकते हैं।
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- नवंबर के बाद करीब 350 पेंशनर ने नहीं जमा कराया जीवन प्रमाण पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। नाम राजेंद्र सिंह, उम्र 72 साल, रिटायर शिक्षक। जिंदगी की गुजर-बसर के लिए पेंशन ही एकमात्र सहारा है। अगस्त में बेटे-बहू के पास अमेरिका चले गए और कोषाधिकारी कार्यालय में अपने जिंदा होने का प्रमाण जमा नहीं करा सके। यानी जीवन प्रमाणपत्र। नतीजा यह हुआ कि विभाग ने दिसंबर से पेंशन ही बंद कर दी। अब पेंशन के लिए चक्कर काट रहे हैं। यह केस मात्र एक उदाहरण है। ऐसे करीब 350 केस हैं, जिनकी पेंशन जीवन प्रमाण जमा नहीं होने के कारण रोक दी गई।
मुख्य कोषाधिकारी कार्यालय से करीब 16800 पेंशनधारकों को पेंशन जारी होती है। नियमानुसार, सभी पेंशनधारकों को साल में कम से कम एक बार जीवन प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य होता है, जिससे यह प्रमाणित हो सके कि पेंशन धारक जिंदा हैं। विभाग की तरफ से 30 नवंबर तक जीवन प्रमाण पत्र जमा कराने की अंतिम तिथि रखी जाती है। 30 नवंबर के बाद भी करीब 350 पेंशन धारक ऐसे थे, जिन्होंने जीवन प्रमाण पत्र जमा नहीं कराया था। ऐसे में इन सभी की पेंशन रोक दी गई है।
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दिसंबर माह से इन्हें पेंशन जारी नहीं हो रही। हालांकि पेंशन रुकने के बाद इक्का-दुक्का पेंशनधारक कोषाधिकारी कार्यालय में जरूर पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें कागजी कार्रवाई पूरी करने में इधर-उधर चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
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वहीं, मुख्य कोषाधिकारी सूरज कुमार ने बताया कि अधिकतर पेंशन धारक ऐसे हैं, जो बाहर विदेश में रहते हैं या फिर अपने परिवार के पास गए हैं। हालांकि जिन-जिन पेंशनधारकों से संपर्क हो रहा है उन्हें जीवन प्रमाण पत्र जमा कराने के लिए कहा जा रहा है। तभी उनकी पेंशन जारी होगी।
- नवंबर नहीं, कभी भी जमा करा सकते हैं जीवन प्रमाण पत्र
मुख्य कोषाधिकारी ने बताया कि पेंशनधारकों में नवंबर माह को लेकर धारणा बनी हुई है कि केवल इसी माह जीवन प्रमाण पत्र जमा कराना होता है, लेकिन ऐसा नहीं है। पेंशनधारक साल के किसी भी माह में अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा करा सकता है। उदाहरण के तौर पर अगर किसी ने अप्रैल या मई माह में जीवन प्रमाण पत्र जमा कराया है तो उसे ठीक एक साल बाद जीवन प्रमाण पत्र जमा कराना होगा। इसके अलावा पोर्टल पर भी घर बैठे जीवन प्रमाण पत्र जमा करा सकते हैं।