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अस्पताल में खुलेगी डायलिसिस यूनिट
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Fri, 30 Dec 2016 12:21 AM IST
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HOSPITAL
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सहारनपुर के जिला अस्पताल पहुंचने वाले गुर्दे के मरीजों को अब डायलिसिस के लिए निजी अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा। यह यूनिट जल्द ही जिला अस्पताल में लगने वाली है। 2017 में इस यूनिट के लगने से गुर्दे के मरीजों को भारी राहत मिलने की उम्मीद है।
बता दें कि गुर्दे की बीमारी से पीड़ित मरीज सरकारी अस्पताल में हर दिन बड़ी संख्या में पहुंचते है। मगर, अस्पताल में डायलिसिस यूनिट न होने के कारण मरीजों को डायलिसिस कराने के लिए निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। यहां मरीजों को हर माह हजारों रुपये खर्च करके इलाज कराना पड़ता है।
सरकारी अस्पताल में गुर्दे के मरीजों की लगातार बढ़ रही संख्या को देखते हुए इस यूनिट को जिला अस्पताल में स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए शासन से भी हरी झंडी मिल गई है।
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अस्पताल परिसर में जल्द ही हिमो डायलिसिस यूनिट स्थापित कर दी जाएगी। यूनिट को स्थापित करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। यह यूनिट जनवरी 2017 तक स्थापित होने की उम्मीद है।
जिला अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को अब छोटी छोटी जांचों के लिए निजी पैथोलोजी के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। मरीजों को अस्पताल परिसर में ही प्रमुख जांच कराने की सुविधा प्रदान की जाएगी।
अस्पताल में अभी तक कुछ जांच ही हो पाती थी। लेकिन इनमें अब 25 प्रमुख जांचों को और शामिल कर लिया गया है। ये सभी जांच की सुविधा निशुल्क दी जाएगी।
जिला अस्पताल में कई वर्ष पूर्व करोड़ों रुपए खर्च करके बनवाया गया ट्रामा सेंटर आज तक संचालित नहीं हो सका है। इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर और अन्य कई कमियों के कारण इस सेंटर का संचालन नहीं हो सका है।
जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग की सूत्रों की मानें तो इसके संचालन के लिए शासन स्तर पर कई निर्णय लिये जा रहे है। यहां जल्द ही ईएमओ को भेजने के साथ ही सुविधाओं के लैस किया जाएगा।
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बता दें कि गुर्दे की बीमारी से पीड़ित मरीज सरकारी अस्पताल में हर दिन बड़ी संख्या में पहुंचते है। मगर, अस्पताल में डायलिसिस यूनिट न होने के कारण मरीजों को डायलिसिस कराने के लिए निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। यहां मरीजों को हर माह हजारों रुपये खर्च करके इलाज कराना पड़ता है।
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सरकारी अस्पताल में गुर्दे के मरीजों की लगातार बढ़ रही संख्या को देखते हुए इस यूनिट को जिला अस्पताल में स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए शासन से भी हरी झंडी मिल गई है।
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अस्पताल परिसर में जल्द ही हिमो डायलिसिस यूनिट स्थापित कर दी जाएगी। यूनिट को स्थापित करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। यह यूनिट जनवरी 2017 तक स्थापित होने की उम्मीद है।
जिला अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को अब छोटी छोटी जांचों के लिए निजी पैथोलोजी के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। मरीजों को अस्पताल परिसर में ही प्रमुख जांच कराने की सुविधा प्रदान की जाएगी।
अस्पताल में अभी तक कुछ जांच ही हो पाती थी। लेकिन इनमें अब 25 प्रमुख जांचों को और शामिल कर लिया गया है। ये सभी जांच की सुविधा निशुल्क दी जाएगी।
जिला अस्पताल में कई वर्ष पूर्व करोड़ों रुपए खर्च करके बनवाया गया ट्रामा सेंटर आज तक संचालित नहीं हो सका है। इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर और अन्य कई कमियों के कारण इस सेंटर का संचालन नहीं हो सका है।
जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग की सूत्रों की मानें तो इसके संचालन के लिए शासन स्तर पर कई निर्णय लिये जा रहे है। यहां जल्द ही ईएमओ को भेजने के साथ ही सुविधाओं के लैस किया जाएगा।