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यूपी का एक ऐसा गांव: यहां लोग नहीं करते होलिका दहन, महिलाएं दूसरे गांव में जाकर करती हैं होली पूजन

Tue, 07 Mar 2023 11:20 AM IST
कपिल kapil अमरीश कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
अमरीश कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Published by: कपिल kapil Updated Tue, 07 Mar 2023 11:20 AM IST
सार

यूपी का एक ऐसा गांव : यहां लोग होलिका दहन नहीं करते हैं। यहां की महिलाएं दूसरे गांव में जाकर होली पूजन करती हैं।

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Holika Dahan does not take place in Barsi village of Saharanpur and women worship Holi other place
होलिका दहन - फोटो : फाइल

विस्तार

त्योहार मनाने की अपनी अलग परंपरा है। जिसमें इतिहास के साथ-साथ पौराणिक मान्यताएं भी समाहित हैं। सहारनपुर का गांव बरसी ऐसा है, जहां पर होलिका दहन नहीं होता। किवदंती है कि यहां होलिका दहन से भगवान शंकर के पैर झुलसते हैं। इसलिए यहां की महिलाएं दूसरे गांव में जाकर होली पूजन करती हैं।

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जनपद मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर गंगोह-नानौता मार्ग पर ग्राम बरसी में महाभारत कालीन ऐतिहासिक शिव मंदिर स्थित है। गांव का इतिहास महाभारत कालीन माना जाता है। मान्यता है कि शिव मंदिर की स्थापना पांडवों ने अज्ञातवास की समाप्ति पर की थी। बताया जाता है कि दिन के समय युधिष्ठिर, अर्जुन, नकुल, सहदेव ने बड़ी-बड़ी शिलाओं से एक पहाड़ी पर इस मंदिर का निर्माण किया था।
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सायं काल में यहां पहुंचे भीम ने अपनी गदा से मंदिर का द्वार दक्षिण-पश्चिम दिशा में कर दिया था। महाभारत काल से पूर्व में यहां होलिका दहन होता था। शिव मंदिर के पुजारी नरेंद्र गिरि ने बताया कि गांव में होलिका दहन करने पर भगवान शंकर के पैरों में छाले पड़ जाते हैं, जिसके निशान भी तब मंदिर में दिखाई देते थे, तभी से यहां होलिका दहन नहीं किया जाता।
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महिलाएं दूसरे गांव में जाकर करती हैं पूजा
ग्राम प्रधान आदेश चौधरी बताते हैं कि भगवान शिव के पैर न झुलसें, इसके लिए शादीशुदा बेटी होली पर गांव आती है, लेकिन यहां पर होलिका पूजन नहीं होता है। बेटियां, नव विवाहिताएं होलिका पूजन करने के लिए पड़ोस के गांव टिकरौल में जाती हैं। वहां पर होली पूजन कर परिवार की सुख समृद्धि के लिए भगवान विष्णु से कामना करते हैं।

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