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Saharanpur News: कोशा-0238 प्रजाति में लाल सड़न रोग का अधिक प्रकोप
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- किसान ने की बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। जिला गन्ना अधिकारी सुशील कुमार ने कहा कि जनपद में गन्ने की फसल में लाल सड़न रोग का अधिक प्रकोप दिखाई दे रहा है। इसका असर सबसे अधिक गन्ना प्रजाति कोशा-0238 में है। इसलिए किसान प्रजाति बदलाव कर इसकी बजाए अन्य प्रजातियों की बुवाई करें। किसान विजयंत सिंह ने ग्राम बुड्ढाखेड़ा से चीनी मिल गांगनोली एवं नागल से चीनी मिल तक जीर्णशीर्ण पड़े रास्ते काे ठीक कराने और बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराने की मांग की।
बुधवार को कलक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार आयोजित किसान दिवस में उन्होंने कहा कि जनपद में कोशा- 0238 प्रजाति का सबसे अधिक क्षेत्रफल है। किसानों को शरदकालीन बुवाई में प्रजाति बदलाव करना चाहिए। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. विरेंद्र कुमार द्वारा मिलेट्स (श्रीअन्न) के उत्पादन और इसके लाभकारी गुणों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने तोडि़या और सरसों की वैज्ञानिक खेती के बारे में भी बताया।
सहायक निदेशक मत्स्य मुक्ता सिंह ने मत्स्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। अपर जिला सहकारी अधिकारी दीपक त्रिपाठी ने कहा कि 221 रुपये सदस्यता शुल्क देकर सहकारी समितियों का नया सदस्य बना जा सकता है। जिला कृषि अधिकारी धीरज कुमार सिंह ने कहा कि नैनो यूरिया, नैनो डीएपी, तरल एनपीके के लाभ और उसकी प्रयोग विधि की जानकारी दी। उप कृषि निदेशक डॉ. राकेश कुमार ने कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान किसान और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। जिला गन्ना अधिकारी सुशील कुमार ने कहा कि जनपद में गन्ने की फसल में लाल सड़न रोग का अधिक प्रकोप दिखाई दे रहा है। इसका असर सबसे अधिक गन्ना प्रजाति कोशा-0238 में है। इसलिए किसान प्रजाति बदलाव कर इसकी बजाए अन्य प्रजातियों की बुवाई करें। किसान विजयंत सिंह ने ग्राम बुड्ढाखेड़ा से चीनी मिल गांगनोली एवं नागल से चीनी मिल तक जीर्णशीर्ण पड़े रास्ते काे ठीक कराने और बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराने की मांग की।
बुधवार को कलक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार आयोजित किसान दिवस में उन्होंने कहा कि जनपद में कोशा- 0238 प्रजाति का सबसे अधिक क्षेत्रफल है। किसानों को शरदकालीन बुवाई में प्रजाति बदलाव करना चाहिए। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. विरेंद्र कुमार द्वारा मिलेट्स (श्रीअन्न) के उत्पादन और इसके लाभकारी गुणों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने तोडि़या और सरसों की वैज्ञानिक खेती के बारे में भी बताया।
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सहायक निदेशक मत्स्य मुक्ता सिंह ने मत्स्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। अपर जिला सहकारी अधिकारी दीपक त्रिपाठी ने कहा कि 221 रुपये सदस्यता शुल्क देकर सहकारी समितियों का नया सदस्य बना जा सकता है। जिला कृषि अधिकारी धीरज कुमार सिंह ने कहा कि नैनो यूरिया, नैनो डीएपी, तरल एनपीके के लाभ और उसकी प्रयोग विधि की जानकारी दी। उप कृषि निदेशक डॉ. राकेश कुमार ने कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान किसान और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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