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Saharanpur News: सर्किट हाउस रोड प्रकरण में नौ अधिकारियों को हाईकोर्ट का नोटिस

Sat, 24 Oct 2026 01:16 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 24 Oct 2026 01:16 AM IST
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High Court notice to nine officers in Circuit House Road case
सर्किट हाउस रोड पर तोड़े गए मकान। फाइल फोटो
स्थानीय अदालत में प्रार्थना पत्र खारिज होने के बाद हाईकोर्ट पहुंचे हैं पीड़ित
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संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। सर्किट हाउस रोड के चौड़ीकरण के लिए अनुसूचित जाति के लोगों के कथित तौर पर मकान तोड़ने के मामले में हाईकोर्ट ने नगर आयुक्त, एसडीएम सदर, सिटी मजिस्ट्रेट सहित नौ अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। साथ ही राज्य सरकार को भी पक्ष रखने के आदेश दिए गए हैं।
स्थानीय स्तर पर न्यायालय द्वारा प्रार्थना पत्रों को खारिज किए जाने को पीड़ितों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। 12 पीड़ितों में से अभी तक छह पीड़ित हाईकोर्ट पहुंचे हैं। इनमें हंसराज की अपील पर हाईकोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई करते हुए सभी नौ आरोपी अधिकारियों को नोटिस जारी किए हैं। साथ ही सरकारी वकील को अगली तारीख पर सरकार का भी पक्ष रखने को कहा है।
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पीड़ितों की ओर से दलील दी गई कि एससी-एसटी एक्ट यह कहता है यदि अनुसूचित जाति या जनजाति के व्यक्ति के साथ कोई गैर अनुसूचित जाति या जनजाति का व्यक्ति अपराध करता है तो अनिवार्य रूप से मुकदमा दर्ज कराया जाए, लेकिन नहीं हुआ। प्राथमिकी दर्ज करने से पहले जांच कराना भी एक्ट का उल्लंघन है। पीड़ित के अधिवक्ता अखिलेश कुमार राजभर ने बताया कि सर्किट हाउस रोड मामले में हंसराज की अपील पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पूर्व से आरोपी चलते आ रहे सभी नौ अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। साथ ही प्रदेश सरकार का पक्ष रखने के आदेश सरकारी अधिवक्ता को दिए हैं।
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- यह था मामला
सर्किट हाउस रोड के चौड़ीकरण से पहले सिंचाई विभाग ने अतिक्रमण पर निशान लगाए थे। अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी करते हुए चार अप्रैल तक अतिक्रमण खुद हटाने को कहा गया था, लेकिन कई विभागों के अधिकारियों ने एक अप्रैल को ही अतिक्रमण हटाने पहुंचे थे। पीड़ितों का आरोप है कि प्रशासन ने उनके साथ बदसलूकी करते हुए उनके मकानों और दुकानों के आगे के हिस्से को जेसीबी से ध्वस्त किया।
मामले में पीड़ितों की ओर से एससी-एसटी कोर्ट में प्रार्थना पत्र देते हुए आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट में कार्रवाई करने की मांग की गई थी। पिछले दिनों कोर्ट ने 12 प्रार्थना पत्रों को खारिज कर दिया था।


इन्हें भेजे गए नोटिस
पीड़ितों के स्थानीय अधिवक्ता राजकुमार के अनुसार जिन नौ अधिकारियों को हाईकोर्ट से नोटिस जारी हुए हैं। उनमें तत्कालीन एसडीएम सदर, नगर आयुक्त शिपू गिरि, सिटी मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग प्रवीण जोशिया, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण, हल्का लेखपाल सचिन प्रजापति, तत्कालीन थाना सदर बाजार प्रभारी कपिल देव, तत्कालीन थाना कुतुबशेर प्रभारी एचएन सिंह, कानूनगो बृजभूषण सिंह शामिल हैं।
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