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Saharanpur News: हीट स्ट्रोक और लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
Sat, 13 Apr 2024 01:01 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 13 Apr 2024 01:01 AM IST
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सहारनपुर। तापमान के लगातार बढ़ने से आने वाले दिनों में लू और हीट स्ट्रोक की संभावना है। जिसे लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। जिला अस्पताल व सीएचसी पर ओआरएस और आवश्यक दवाओं की आपूर्ति कर ली गई। इसके साथ ही रैपिड रेस्पांस टीम का भी गठन कर लिया गया।
अप्रैल में ही तापमान रिकॉर्ड स्तर पर आने लगा है। दोपहर के समय बाहर निकलना मुश्किल है। ऐसे में गर्मी से होने वाली बीमारियों को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जिला अस्पताल व सीएचसी पर ऐसे मरीजों के लिए अतिरिक्त बेड की व्यवस्था रहेगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव मांगलिक ने बताया कि रैपिड रेस्पांस टीम का गठन जनपद एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी कर दिया गया है। लू और हीट स्ट्रोक को लेकर विभाग की तैयारियां पूरी हैं। चिकित्सकों को निर्देशित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि लू के प्रकोप से बचाव के लिए पर्याप्त दवाएं उपलब्ध हैं।
-- हीट स्ट्रोक के लक्षण
- गर्म, लाल, शुष्क त्वचा का होना
- पसीना नहीं आना
- तेज पल्स होना यानी नाड़ी की गति तेज होना तथा सांस की गति तेज होना।
- व्यवहार में परिवर्तन आना जैसे गफलत में उलटा सीधा बोलना।
- सिर में दर्द, मतली, थकान और कमजोरी आना व चक्कर आना।
- पेशाब का न होना।
-- हीट स्ट्रोक के बचाव
- अधिक से अधिक पानी पीए और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें।
- तेज धूप में निकलने से बचें, निकलना जरूरी हो तो छाता लेकर और पानी पीकर निकलें।
- यात्रा करते समय अपने साथ पर्याप्त मात्रा में पानी रखें।
- ओआरएस, लस्सी, चावल का पानी, नींबू पानी और छाछ का प्रयोग करें।
- पालतू जानवरों को भी धूप से बचाएं और छांव में रखें।
- गर्भस्थ महिलाओं, छोटे बच्चों और वृद्ध लोगों की अधिक देखभाल रखें।
- चाय और कॉफी पीने से परहेज करें, बासी भोजन न खाएं।
- बाहरी चीजें खाने से बचें, रस वाले फलों का इस्तेमाल करें।
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अप्रैल में ही तापमान रिकॉर्ड स्तर पर आने लगा है। दोपहर के समय बाहर निकलना मुश्किल है। ऐसे में गर्मी से होने वाली बीमारियों को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जिला अस्पताल व सीएचसी पर ऐसे मरीजों के लिए अतिरिक्त बेड की व्यवस्था रहेगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव मांगलिक ने बताया कि रैपिड रेस्पांस टीम का गठन जनपद एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी कर दिया गया है। लू और हीट स्ट्रोक को लेकर विभाग की तैयारियां पूरी हैं। चिकित्सकों को निर्देशित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि लू के प्रकोप से बचाव के लिए पर्याप्त दवाएं उपलब्ध हैं।
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- गर्म, लाल, शुष्क त्वचा का होना
- पसीना नहीं आना
- तेज पल्स होना यानी नाड़ी की गति तेज होना तथा सांस की गति तेज होना।
- व्यवहार में परिवर्तन आना जैसे गफलत में उलटा सीधा बोलना।
- सिर में दर्द, मतली, थकान और कमजोरी आना व चक्कर आना।
- पेशाब का न होना।
- अधिक से अधिक पानी पीए और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें।
- तेज धूप में निकलने से बचें, निकलना जरूरी हो तो छाता लेकर और पानी पीकर निकलें।
- यात्रा करते समय अपने साथ पर्याप्त मात्रा में पानी रखें।
- ओआरएस, लस्सी, चावल का पानी, नींबू पानी और छाछ का प्रयोग करें।
- पालतू जानवरों को भी धूप से बचाएं और छांव में रखें।
- गर्भस्थ महिलाओं, छोटे बच्चों और वृद्ध लोगों की अधिक देखभाल रखें।
- चाय और कॉफी पीने से परहेज करें, बासी भोजन न खाएं।
- बाहरी चीजें खाने से बचें, रस वाले फलों का इस्तेमाल करें।