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घरेलू कनेक्शन का 48 हजार बिल देख सिर चकराया
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Wed, 11 Jan 2017 01:22 AM IST
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बिजली के बिल में गड़बड़ी का एक और मामला सामने आया है। इस बार घरेलू कनेक्शन का एक महीने का बिल 48 हजार रुपये भेजा गया है। समस्या के समाधान के लिए पीड़ित ग्राहक विद्युत निगम के अफसरों के चक्कर काट रहा है, मगर समाधान नहीं हो रहा है।
जैन बाग बिजली उप केंद्र से जुड़ी मुर्सलीन कॉलोनी निवासी खुर्शीद ने घरेलू कनेक्शन लिया हुआ है। खुर्शीद के मुताबिक वह शुरू से ही प्रत्येक महीने बिजली की बिल अदा करता आ रहा है।
हमेशा उनका बिजली का बिल 1200 रुपये से 1500 रुपये तक आता है। गर्मियों में पंखे चलने की वजह से बिल 2000 तक पहुंच जाता है। 20 दिसंबर 2016 को भी उसने 1531 रुपये बिल जमा कराया था। मगर इस बार जो बिल आया है वह 47 हजार 515 रुपये का बिल भेजा गया है। बिल देखकर खुर्शीद के साथ ही परिवार भी हैरत में है।
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खुर्शीद ने बताया कि वह अपने बिजली उप केंद्र से लेकर विद्युत निगम के अन्य अधिकारियों के पास भी समस्या के समाधान के लिए जा चुका है, मगर कोई रास्ता नहीं मिल रहा है। आरोप है कि अधिकारी पूरा बिल जमा कराने की बात कह रहे हैं। वह जानना चाहता है कि पांच सीएफएल जलाने पर एक महीने का बिल 48 हजार रुपये किस हिसाब से आया है।
तकनीकी खामी की वजह से गलत प्रिंट हुआ बिल
कई बार तकनीकी खामी की वजह से बिल गलत प्रिंट हो जाता है। मुझे लगता है कि खुर्शीद का मामला भी इसी से जुड़ा होगा। यदि लिखित में शिकायत मिलती है तो ग्राहक की समस्या का समाधान कराया जाएगा।
- आरके सिंह, अधीक्षण अभियंता, विद्युत निगम।
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जैन बाग बिजली उप केंद्र से जुड़ी मुर्सलीन कॉलोनी निवासी खुर्शीद ने घरेलू कनेक्शन लिया हुआ है। खुर्शीद के मुताबिक वह शुरू से ही प्रत्येक महीने बिजली की बिल अदा करता आ रहा है।
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हमेशा उनका बिजली का बिल 1200 रुपये से 1500 रुपये तक आता है। गर्मियों में पंखे चलने की वजह से बिल 2000 तक पहुंच जाता है। 20 दिसंबर 2016 को भी उसने 1531 रुपये बिल जमा कराया था। मगर इस बार जो बिल आया है वह 47 हजार 515 रुपये का बिल भेजा गया है। बिल देखकर खुर्शीद के साथ ही परिवार भी हैरत में है।
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खुर्शीद ने बताया कि वह अपने बिजली उप केंद्र से लेकर विद्युत निगम के अन्य अधिकारियों के पास भी समस्या के समाधान के लिए जा चुका है, मगर कोई रास्ता नहीं मिल रहा है। आरोप है कि अधिकारी पूरा बिल जमा कराने की बात कह रहे हैं। वह जानना चाहता है कि पांच सीएफएल जलाने पर एक महीने का बिल 48 हजार रुपये किस हिसाब से आया है।
तकनीकी खामी की वजह से गलत प्रिंट हुआ बिल
कई बार तकनीकी खामी की वजह से बिल गलत प्रिंट हो जाता है। मुझे लगता है कि खुर्शीद का मामला भी इसी से जुड़ा होगा। यदि लिखित में शिकायत मिलती है तो ग्राहक की समस्या का समाधान कराया जाएगा।
- आरके सिंह, अधीक्षण अभियंता, विद्युत निगम।