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मोदी के सिर चढ़कर बोला युवाओं का क्रेज
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Fri, 27 May 2016 12:28 AM IST
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He welcomed the MPs and others.
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ओर जहां किसानों और छोटे-छोटे काम करने वालों को फोकस किया, वहीं युवाओं को जमकर साधा। मोदी ने युवाओं को रोजगार के लिए न सिर्फ नई फैक्ट्रियां लगवाने की बात कही, बल्कि छोटे-छोटे काम करने वालों को बैंकों के लोन देकर उनका कारोबार बढ़ाने और युवाओं को रोजगार देने की बात कह कर साधने का प्रयास किया।
उन्होंने कहा कि सरकार जनता के लिए होती है, जनता की कमाई के लिए नहीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति युवाओं में क्रेज सिर चढ़कर बोला। रैली में पहुंचने वाले युवाओं का कहना था कि भाजपा के लिए नहीं, वह नरेंद्र मोदी के लिए यहां आए हैं। नरेंद्र मोदी ने देश का नाम पूरी दुनियां में चमकाया है।
लोग चाहे कुछ भी कहते रहें, लेकिन प्रधानमंत्री काम कर रहे हैं और युवा उनके साथ है। चिलकाना से आए सन्नी ने कहा कि हर सरकार पर कोई न कोई आरोप लगते रहते हैं, लेकिन इस बार कोई गोलमाल का आरोप तो नहीं लगा।
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शामली से आए रोहित का कहना था कि प्रधानमंत्री ऐसा होना चाहिए जो किसी की परवाह किए बगैर अपना काम करे। नरेंद्र मोदी ने बिना किसी परवाह के काम किया। पहले कोई बैंकों में जाने से पहले सोचता था, अब तो बैंक में अपने खाते हैं।
मुजफ्फरनगर से आए हरीश ने कहा कि यूपी में भी भाजपा की सरकार ही बनेगी। मोदी के लिए हर कोई वोट देने को तैयार है, चाहे मोदी मुख्यमंत्री किसी को बनाएं।
युवाओं के रुख और जोश से भाजपा खुश हो सकती है। चुनाव से पहले हुई रैलियों की तरह बृहस्पतिवार को नरेंद्र मोदी की रैली में उमड़ी युवाओं की भीड़ से यूपी के समीकरण बदल सकते हैं। लेकिन अभी चुनाव दूर हैं और कई चुनावी रैलियां होनी हैं। लेकिन युवाओं के क्रेज से अन्य पार्टियों की मेहनत बढ़ सकती है।
विकास पर्व रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 42 मिनट का पूरा भाषण देश के विकास पर केंद्रित रहा। मोदी के रुख से साफ हो गया कि 2017 का चुनाव पार्टी हिंदुत्व और राम मंदिर मुद्दे के बजाय सिर्फ विकास पर लड़ेगी।
मोदी ने गांव, गरीब और खेत-खलियान पर खुलकर बात की। उन्होंने 2017 के चुनाव का जिक्र तक नहीं लिया, लेकिन उनके बोल चुनावी तैयारियों के संकेत दे रहे थे। उन्होंने जनता को संदेश दिया कि सरकार की नीति और नीयत साफ हैं, इसलिए उन पर पूरा भरोसा करें।
केंद्र सरकार के दो साल पूरे होने पर सहारनपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिसाब-किताब लेकर जनता के सामने थे। मोदी सवाल कर रहे थे और उत्साही भीड़ हाथ उठाकर जवाब दे रही थी।
उन्होंने शुरुआत में ही यह कहकर सरकारें आती-जाती रहती हैं, यह साबित करने की कोशिश की कि सहारनपुर रैली 2017 का चुनावी आगाज नहीं है। प्रधानमंत्री का पूरा भाषण देश के विकास और गरीब लोगों के इर्द-गिर्द रहा।
उन्होंने यह कहकर गांव के लोगों को लुभाया कि पिछले दो साल में 7000 गांवों में बिजली की रोशनी पहुंचाई। देश का यह दुर्भाग्य है कि उनकी सरकार बनने के वक्त 18000 गांव बिजली से महरूम थे। उन्होंने ग्राम पंचायतों को दो लाख करोड़ रुपये देने की योजना का खुलासा भी किया।
मोदी ने विरोधियों पर भी तंज कसे। कहा, देश बदल रहा है, लेकिन कुछ लोगों का दिमाग नहीं बदल रहा। मोदी के काम पर बड़ी बारीकी से नजर रखी जा रही है, लेकिन मोदी ने इसे अच्छी बात बताते हुए कहा कि इससे उन्हें काम करने की ताकत मिलती है।
सरकार की नीति और नीयत बिल्कुल साफ है। काम में पूरी पारदर्शिता है। प्रधानमंत्री का सिर्फ विकास पर बात करना राजनीतिक पैतरा माना जा रहा है। पिछले कुछ समय से चुनाव की आहट को देखते हुए यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव लगातार बयान दे रहे हैं कि उनकी सरकार ने इतना विकास किया जितना किसी सरकार ने नहीं किया।
जनता विकास से तुलना कर वोट करे। प्रधानमंत्री का यह बयान मुख्यमंत्री के बयान से मेल खाता है। मोदी के संदेश से यह स्पष्ट हो गया है कि आने वाले समय में यूपी चुनाव में भाजपा न हिंदुत्व के मुद्दे पर चुनाव लड़ेगी और न ही राम मंदिर के मुद्दे पर।
उन्होंने सिर्फ विकास और भ्रष्टाचार मुक्त सरकार देने की बात कही। हालांकि प्रधानमंत्री से पूर्व के वक्ता गृहमंत्री राजनाथ सिंह और प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य का भाषण सपा सरकार से जनता को मुक्ति दिलाने पर केंद्रित रहा।
प्रधानमंत्री की सहारनपुर रैली में पश्चिम के नेताओं को पूरी तवज्जो दी गई। पश्चिम के तमाम सांसदों को प्रधानमंत्री की पंक्ति में मंच पर बैठाया गया। विधायकों और निचले पाएदान के नेताओं को मोदी के आने से पहले मंच पर बोलने का मौका भी मिला।
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उन्होंने कहा कि सरकार जनता के लिए होती है, जनता की कमाई के लिए नहीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति युवाओं में क्रेज सिर चढ़कर बोला। रैली में पहुंचने वाले युवाओं का कहना था कि भाजपा के लिए नहीं, वह नरेंद्र मोदी के लिए यहां आए हैं। नरेंद्र मोदी ने देश का नाम पूरी दुनियां में चमकाया है।
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लोग चाहे कुछ भी कहते रहें, लेकिन प्रधानमंत्री काम कर रहे हैं और युवा उनके साथ है। चिलकाना से आए सन्नी ने कहा कि हर सरकार पर कोई न कोई आरोप लगते रहते हैं, लेकिन इस बार कोई गोलमाल का आरोप तो नहीं लगा।
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शामली से आए रोहित का कहना था कि प्रधानमंत्री ऐसा होना चाहिए जो किसी की परवाह किए बगैर अपना काम करे। नरेंद्र मोदी ने बिना किसी परवाह के काम किया। पहले कोई बैंकों में जाने से पहले सोचता था, अब तो बैंक में अपने खाते हैं।
मुजफ्फरनगर से आए हरीश ने कहा कि यूपी में भी भाजपा की सरकार ही बनेगी। मोदी के लिए हर कोई वोट देने को तैयार है, चाहे मोदी मुख्यमंत्री किसी को बनाएं।
युवाओं के रुख और जोश से भाजपा खुश हो सकती है। चुनाव से पहले हुई रैलियों की तरह बृहस्पतिवार को नरेंद्र मोदी की रैली में उमड़ी युवाओं की भीड़ से यूपी के समीकरण बदल सकते हैं। लेकिन अभी चुनाव दूर हैं और कई चुनावी रैलियां होनी हैं। लेकिन युवाओं के क्रेज से अन्य पार्टियों की मेहनत बढ़ सकती है।
विकास पर्व रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 42 मिनट का पूरा भाषण देश के विकास पर केंद्रित रहा। मोदी के रुख से साफ हो गया कि 2017 का चुनाव पार्टी हिंदुत्व और राम मंदिर मुद्दे के बजाय सिर्फ विकास पर लड़ेगी।
मोदी ने गांव, गरीब और खेत-खलियान पर खुलकर बात की। उन्होंने 2017 के चुनाव का जिक्र तक नहीं लिया, लेकिन उनके बोल चुनावी तैयारियों के संकेत दे रहे थे। उन्होंने जनता को संदेश दिया कि सरकार की नीति और नीयत साफ हैं, इसलिए उन पर पूरा भरोसा करें।
केंद्र सरकार के दो साल पूरे होने पर सहारनपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिसाब-किताब लेकर जनता के सामने थे। मोदी सवाल कर रहे थे और उत्साही भीड़ हाथ उठाकर जवाब दे रही थी।
उन्होंने शुरुआत में ही यह कहकर सरकारें आती-जाती रहती हैं, यह साबित करने की कोशिश की कि सहारनपुर रैली 2017 का चुनावी आगाज नहीं है। प्रधानमंत्री का पूरा भाषण देश के विकास और गरीब लोगों के इर्द-गिर्द रहा।
उन्होंने यह कहकर गांव के लोगों को लुभाया कि पिछले दो साल में 7000 गांवों में बिजली की रोशनी पहुंचाई। देश का यह दुर्भाग्य है कि उनकी सरकार बनने के वक्त 18000 गांव बिजली से महरूम थे। उन्होंने ग्राम पंचायतों को दो लाख करोड़ रुपये देने की योजना का खुलासा भी किया।
मोदी ने विरोधियों पर भी तंज कसे। कहा, देश बदल रहा है, लेकिन कुछ लोगों का दिमाग नहीं बदल रहा। मोदी के काम पर बड़ी बारीकी से नजर रखी जा रही है, लेकिन मोदी ने इसे अच्छी बात बताते हुए कहा कि इससे उन्हें काम करने की ताकत मिलती है।
सरकार की नीति और नीयत बिल्कुल साफ है। काम में पूरी पारदर्शिता है। प्रधानमंत्री का सिर्फ विकास पर बात करना राजनीतिक पैतरा माना जा रहा है। पिछले कुछ समय से चुनाव की आहट को देखते हुए यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव लगातार बयान दे रहे हैं कि उनकी सरकार ने इतना विकास किया जितना किसी सरकार ने नहीं किया।
जनता विकास से तुलना कर वोट करे। प्रधानमंत्री का यह बयान मुख्यमंत्री के बयान से मेल खाता है। मोदी के संदेश से यह स्पष्ट हो गया है कि आने वाले समय में यूपी चुनाव में भाजपा न हिंदुत्व के मुद्दे पर चुनाव लड़ेगी और न ही राम मंदिर के मुद्दे पर।
उन्होंने सिर्फ विकास और भ्रष्टाचार मुक्त सरकार देने की बात कही। हालांकि प्रधानमंत्री से पूर्व के वक्ता गृहमंत्री राजनाथ सिंह और प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य का भाषण सपा सरकार से जनता को मुक्ति दिलाने पर केंद्रित रहा।
प्रधानमंत्री की सहारनपुर रैली में पश्चिम के नेताओं को पूरी तवज्जो दी गई। पश्चिम के तमाम सांसदों को प्रधानमंत्री की पंक्ति में मंच पर बैठाया गया। विधायकों और निचले पाएदान के नेताओं को मोदी के आने से पहले मंच पर बोलने का मौका भी मिला।