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Saharanpur News: चीनी पर शिकंजा, हलवाई और थोक कारोबारियों की स्टॉक लिमिट तय

Sun, 23 Aug 2026 01:06 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Sun, 23 Aug 2026 01:06 AM IST
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Crackdown on sugar: Stock limits fixed for confectioners and wholesalers.
सहारनपुर। चीनी की बढ़ती कीमतों को देखते हुए प्रशासन ने भंडारण करने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। प्रशासन की तरफ से थोक दुकानदारों और हलवाइयों के लिए भंडारण लिमिट तय कर दी है। थोक दुकानदार सात दिन से ज्यादा चीनी का स्टॉक अपने पास नहीं रख सकते, जबकि हलवाई 15 दिन से ज्यादा का भंडारण नहीं कर सकते। निगरानी करने के लिए प्रशासन की तरफ से टीमें गठित कर दी गई है, जो स्टॉक की जांच करेंगी।
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चीनी के बढ़ते दामों और भंडारण को लेकर जिला प्रशासन की तरफ से चीनी मिलों में स्टॉक का सत्यापन कराया गया है, जिसके अनुसार देवबंद के पास फिलहाल 356973 क्विंटल, गांगनौली के पास 34632 क्विंटल, शेरमऊ मिल के पास 76063 क्विंटल, बिडवी मिल के पास 25549 क्विंटल चीनी का स्टॉक है। इसके अलावा नानौता मिल के पास 142853 क्विंटल और सरसावा मिल में 10518 क्विंटल स्टॉक मौजूद है। कुल मिलाकर जिले में संचालित चीनी मिलों के पास फिलहाल 646588 क्विंटल चीनी का पर्याप्त स्टॉक है। कोई व्यक्ति चीनी का भंडारण न कर सके, इसलिए दुकानदारों पर भंडारण की लिमिट तय की गई है। आदेशों के अनुसार 10 मीट्रिक टन से अधिक चीनी की मासिक खपत करने वाले हलवाई या अन्य फूड कंपनियां आदि 15 दिन का स्टॉक रख सकते हैं। इसी तरह चीनी मिल के एजेंट या थोक दुकानदार सात दिन से ज्यादा समय तक अपने यहां स्टॉक नहीं रख सकते। जिले में फिलहाल चीनी का भाव 65 रुपये प्रति किलो है।
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जिले में इस बार 12.12 लाख क्विंटल उत्पादन हुआ था कम
जिले में कुल आठ चीनी मिल हैं। इसमें सात चीनी मिलों में पेराई सत्र चला। टोडरपुर मिल का संचालन इस बार नहीं हो सका। इस सत्र में चीनी मिलों ने 370.62 लाख क्विंटल गन्ना खरीदा। पेराई के बाद कुल 38.49 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ। वहीं पिछले साल यह आंकड़ा 50.61 लाख क्विंटल था। यानी इस बार 12.12 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन कम हुआ है। उत्पादन कम होने के पीछे के बेमौसमी बारिश, रेड रॉट और टॉप बोरर रोग माना जा रहा है।
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यह बोले व्यापारी
- थोक व्यापारी कमल तेहरी ने बताया कि चीनी मिलों से ही चीनी महंगे दाम पर आ रही है। मिल से खरीद कीमत बढ़ने के कारण बाजार में भी चीनी के दाम बढ़ रहे हैं। थोक स्तर पर ही कीमत अधिक होने से खुदरा व्यापारियों के लिए भी पुराने भाव पर चीनी बेचना मुश्किल हो रहा है।
- दुकानदार अनिल कुमार सिंघल ने बताया कि चीनी के दाम बढ़ने से व्यापार प्रभावित हो रहा है। बाजार में मांग बनी हुई है, लेकिन बढ़ी कीमतों के कारण ग्राहकों को खरीदारी में अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है।
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यह बोलीं गृहिणियां
- होजरी मार्केट निवासी गृहिणी अनुराधा राठी ने बताया कि चीनी के दाम बढ़ने से घर का बजट प्रभावित हो रहा है। रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं में चीनी भी जरूरी है, लेकिन कीमत बढ़ने से अब पहले की तुलना में अधिक खर्च करना पड़ रहा है।
-दिल्ली रोड निवासी गृहिणी सीमा शर्मा ने बताया कि चीनी की बढ़ी कीमत का असर सीधे घरेलू खर्च पर पड़ रहा है। घर की जरूरत का सामान खरीदते समय बजट का विशेष ध्यान रखना पड़ रहा है।
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यह बोले अधिकारी
- मंडलायुक्त डॉ. रुपेश कुमार का कहना है कि मिलों में पर्याप्त मात्रा में चीनी है। भंडारण के लिए चीनी की लिमिट तय कर दी गई है। भंडारण करने वालों पर निगरानी की जाएगी। इसके लिए सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली जिले के जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं।

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जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने बताया कि जिला स्तर पर टीमें बना दी गई है, जो थोक दुकानों पर जाकर नियमित रूप से जांच करेगी। यदि कहीं पर भी भंडारण मिलता है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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