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Saharanpur News: एक घंटे की बारिश में देवबंद हुआ जलमग्न, जलभराव से जूझते रहे लोग
Sun, 23 Aug 2026 01:12 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sun, 23 Aug 2026 01:12 AM IST
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देवबंद। शनिवार को हुई करीब एक घंटे की बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। नगर के प्रमुख मार्गों, मोहल्लों और सरकारी अस्पताल में भारी जलभराव हो गया, जिससे लोगों को घंटों परेशानी का सामना करना पड़ा।
सुबह करीब 10 बजे शुरू हुई बारिश लगभग एक घंटे तक जारी रही। रेलवे रोड स्थित सरकारी अस्पताल में करीब ढाई फीट तक बारिश का पानी भर गया। इससे मरीजों, तीमारदारों, चिकित्सकों और कर्मचारियों को भारी परेशानी हुई। रेलवे रोड स्थित बिजलीघर परिसर में भी जलभराव हुआ। यहां कर्मचारी कई घंटे तक अपने कमरों में फंसे रहे। मोहल्ला नेचलगढ़, भायला रोड, रविदास मार्ग, शिक्षक नगर और दारुल उलूम की सड़कें भी पानी से लबालब भर गईं। इसके चलते लोगों को मजबूरन गंदे पानी के बीच से होकर चलना पड़ा।
-जलभराव की पुरानी है समस्या
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान हर साल ऐसी ही स्थिति बनती है। उनका आरोप है कि बरसात से पहले नालों की उचित सफाई और पानी निकासी की व्यवस्था नहीं की जाती। सीएचसी की चिकित्सा अधीक्षक रियंका सिंह ने बताया कि अस्पताल परिसर गहराई में होने के कारण पानी भर जाता है। उन्होंने नगरपालिका को अस्पताल परिसर में मिट्टी भराव के लिए पत्र लिखा है।
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सुबह करीब 10 बजे शुरू हुई बारिश लगभग एक घंटे तक जारी रही। रेलवे रोड स्थित सरकारी अस्पताल में करीब ढाई फीट तक बारिश का पानी भर गया। इससे मरीजों, तीमारदारों, चिकित्सकों और कर्मचारियों को भारी परेशानी हुई। रेलवे रोड स्थित बिजलीघर परिसर में भी जलभराव हुआ। यहां कर्मचारी कई घंटे तक अपने कमरों में फंसे रहे। मोहल्ला नेचलगढ़, भायला रोड, रविदास मार्ग, शिक्षक नगर और दारुल उलूम की सड़कें भी पानी से लबालब भर गईं। इसके चलते लोगों को मजबूरन गंदे पानी के बीच से होकर चलना पड़ा।
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-जलभराव की पुरानी है समस्या
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान हर साल ऐसी ही स्थिति बनती है। उनका आरोप है कि बरसात से पहले नालों की उचित सफाई और पानी निकासी की व्यवस्था नहीं की जाती। सीएचसी की चिकित्सा अधीक्षक रियंका सिंह ने बताया कि अस्पताल परिसर गहराई में होने के कारण पानी भर जाता है। उन्होंने नगरपालिका को अस्पताल परिसर में मिट्टी भराव के लिए पत्र लिखा है।
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