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Saharanpur News: सात बजे घर से निकले, 10 बजे मिली मौत की सूचना
Wed, 14 Aug 2024 01:11 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Wed, 14 Aug 2024 01:11 AM IST
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सरसावा। मेरा बेटा और बहू आज रुक जाते तो शायद हादसे का शिकार न होते। दो दिन की छुट्टी के बाद दोनों सुबह ही घर से निकले थे। बेटे-बहू की बजाय भगवान मुझे उठा लेता। बार-बार यह कहते-कहते सुधीर की मां मूर्ति दहाड़ें मारकर रोने लगती हैं। परिवार के लोग दिलासा देकर उन्हें शांत कर रहे थे, लेकिन बेटे-बहू की मौत ने मूर्ति को झकझोर दिया।
दरअसल, अलीपुर ग्राम पंचायत के मजरे ब्राह्मण माजरा निवासी सुधीर (28) पुत्र रामपाल तथा उसकी पत्नी सोनिया (26) दोनों सिपाही थे। उनकी तैनाती मुरादाबाद में थी। तीन भाइयों में सबसे छोटा सुधीर पांच साल पहले यूपी पुलिस में भर्ती हुआ था। करीब चार साल पहले सोनिया के साथ शादी हुई थी। परिजनों ने बताया कि सुधीर और सोनिया दो दिन की छुट्टी लेकर गांव में आए हुए थे। दोनों सुबह करीब सात बजे घर से निकले थे। करीब तीन घंटे बाद ग्राम प्रधान आदिल के पास मुजफ्फरनगर के मंडी थाने से फोन आया। फोन पर सिपाही दंपती की सड़क हादसे में मौत की जानकारी मिली। सुधीर की मां मूर्ति को हादसे के बारे में नहीं बताया गया। कुछ देर बाद जब घर में सांत्वना देने वालों की भीड़ लगने लगी, तब जाकर मूर्ति को बेटे-बहू की मौत का पता चला। मूर्ति बार-बार कह रही थी कि शायद बेटे-बहू को आज रोक लेती तो यह मनहूस दिन न देखना पड़ता।
हंसमुख स्वभाव का था सुधीर
ग्रामीण ओमप्रकाश शर्मा, मिथुन, अक्षय, सुरेंद्र, धर्मवीर, शर्मिष्ठा, विमला, धीरी आदि ने बताया कि सुधीर काफी हंसमुख स्वभाव का था, जिसके चलते गांव में किसी के साथ उसका कोई मनमुटाव नहीं था। जब भी छुट्टी पर आता था तो सभी के साथ हंसता-बोलता था। दंपती की मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है। देर शाम तक उनके शव गांव में नहीं पहुंचे थे।
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दरअसल, अलीपुर ग्राम पंचायत के मजरे ब्राह्मण माजरा निवासी सुधीर (28) पुत्र रामपाल तथा उसकी पत्नी सोनिया (26) दोनों सिपाही थे। उनकी तैनाती मुरादाबाद में थी। तीन भाइयों में सबसे छोटा सुधीर पांच साल पहले यूपी पुलिस में भर्ती हुआ था। करीब चार साल पहले सोनिया के साथ शादी हुई थी। परिजनों ने बताया कि सुधीर और सोनिया दो दिन की छुट्टी लेकर गांव में आए हुए थे। दोनों सुबह करीब सात बजे घर से निकले थे। करीब तीन घंटे बाद ग्राम प्रधान आदिल के पास मुजफ्फरनगर के मंडी थाने से फोन आया। फोन पर सिपाही दंपती की सड़क हादसे में मौत की जानकारी मिली। सुधीर की मां मूर्ति को हादसे के बारे में नहीं बताया गया। कुछ देर बाद जब घर में सांत्वना देने वालों की भीड़ लगने लगी, तब जाकर मूर्ति को बेटे-बहू की मौत का पता चला। मूर्ति बार-बार कह रही थी कि शायद बेटे-बहू को आज रोक लेती तो यह मनहूस दिन न देखना पड़ता।
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हंसमुख स्वभाव का था सुधीर
ग्रामीण ओमप्रकाश शर्मा, मिथुन, अक्षय, सुरेंद्र, धर्मवीर, शर्मिष्ठा, विमला, धीरी आदि ने बताया कि सुधीर काफी हंसमुख स्वभाव का था, जिसके चलते गांव में किसी के साथ उसका कोई मनमुटाव नहीं था। जब भी छुट्टी पर आता था तो सभी के साथ हंसता-बोलता था। दंपती की मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है। देर शाम तक उनके शव गांव में नहीं पहुंचे थे।
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