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जीएसटीआर-वन भरने और विश्वास योजना की तिथि बढ़ी
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सहारनपुर। केन्द्रीय उत्पाद शुल्क और सेवा कर के पुराने मामलों के निपटारे के लिए एकमुश्त समाधान योजना सबका विश्वास योजना की तिथि बढ़ाई गई है। व्यापारी इसका लाभ उठा सकते हैं। दूसरी ओर, केन्द्रीय वस्तु एवं सेवा कर के सभी पंजीकृत करदाता अपनी माह जुलाई 2017 से नवंबर 2019 तक के लंबित जीएसटीआर-ए रिटर्न अब दस जनवरी तक बिना अर्थदंड एवं विलंब शुल्क के भर सकते हैं।
केन्द्रीय वस्तु एवं सेवा कर के सहायक आयुक्त सहारनपुर मंडल अनिल खन्ना ने बताया कि ‘‘सबका विश्वास योजना’’ एक सितंबर 2019 से 31 दिसंबर 2019 तक लागू की गई थी। सभी कारोबारियों के हितों को देखते हुए इस योजना में आवेदन की अंतिम तिथि 15 जनवरी 2020 तय की गई है। बताया कि योजना में ऐसे सभी कारोबारी जिनके केन्द्रीय उत्पाद शुल्क तथा सेवा कर के लंबित मामले चल रहे हैं, इसमें आवेदन करके आवेदन की तिथि के 60 दिनों में अपने मामलों का निस्तारण जरूर करवा लें। उन्होंने यह भी बताया कि केन्द्रीय वस्तु एवं सेवा कर के सभी पंजीकृत करदाता रिटर्न को लेकर गौर करेंगे। जुलाई 2017 से नवंबर 2019 तक की लंबित जीएसटीआर-ए रिटर्न दस जनवरी 2020 तक बिना किसी अर्थदंड के अपनी रिटर्न भरने का यह अंतिम अवसर होगा। सहायक आयुक्त ने बताया कि इसके बाद विलंब शुल्क और अर्थदंड वसूल किया जाएगा। जिसकी अधिकतम राशि 10 हजार प्रतिमाह तक होगी। उन्होंने यह भी बताया कि यदि करदाता अपनी रिटर्न 10 जनवरी 2020 तक नहीं भरेंगे तो 11 जनवरी 2020 पोर्टल से अपना ई-वे बिल नहीं निकाल पाएंगे।
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केन्द्रीय वस्तु एवं सेवा कर के सहायक आयुक्त सहारनपुर मंडल अनिल खन्ना ने बताया कि ‘‘सबका विश्वास योजना’’ एक सितंबर 2019 से 31 दिसंबर 2019 तक लागू की गई थी। सभी कारोबारियों के हितों को देखते हुए इस योजना में आवेदन की अंतिम तिथि 15 जनवरी 2020 तय की गई है। बताया कि योजना में ऐसे सभी कारोबारी जिनके केन्द्रीय उत्पाद शुल्क तथा सेवा कर के लंबित मामले चल रहे हैं, इसमें आवेदन करके आवेदन की तिथि के 60 दिनों में अपने मामलों का निस्तारण जरूर करवा लें। उन्होंने यह भी बताया कि केन्द्रीय वस्तु एवं सेवा कर के सभी पंजीकृत करदाता रिटर्न को लेकर गौर करेंगे। जुलाई 2017 से नवंबर 2019 तक की लंबित जीएसटीआर-ए रिटर्न दस जनवरी 2020 तक बिना किसी अर्थदंड के अपनी रिटर्न भरने का यह अंतिम अवसर होगा। सहायक आयुक्त ने बताया कि इसके बाद विलंब शुल्क और अर्थदंड वसूल किया जाएगा। जिसकी अधिकतम राशि 10 हजार प्रतिमाह तक होगी। उन्होंने यह भी बताया कि यदि करदाता अपनी रिटर्न 10 जनवरी 2020 तक नहीं भरेंगे तो 11 जनवरी 2020 पोर्टल से अपना ई-वे बिल नहीं निकाल पाएंगे।
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