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जीएसटी विशेषज्ञ ने दिए कारोबारियों को टिप्स
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सहारनपुर। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित वर्चुअल कार्यशाला में जीएसटी विशेषज्ञ विक्रम चावला ने उद्यमियों को टिप्स दिए। । उन्होंने कहा कि उद्यमियों ने जो समस्याएं उठाईं हैं, उनके समाधान के लिए व्यापारी एवं उद्यमियों के संगठनों को एकजुट होकर अपनी बात जीएसटी कौंसिल में रखनी होगी।
बृहस्पतिवार को आयोजित कार्यशाला में जीएसटी विशेषज्ञ एडवोकेट विक्रम चावला ने कहा कि जीएसटी का उद्देश्य व्यापारियों और उद्यमियों को सुविधा दिलाना था। लेकिन यह अपने उद्देश्य में विफल साबित हो रहा है, इसलिए सभी उद्यमियों को जीएसटी के नियमों के बारे में जागरूक होना पडे़गा। उन्होंने कहा कि एक अप्रैल से जीएसटी के नियमों का बदलाव होना था, लेकिन अभी तक आदेश जारी नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि पहले माल के पकड़े जाने पर टैक्स के बराबर उतनी ही पेनाल्टी लगने के साथ ही गाड़ी भी सीज होती थी। नए प्रावधान में माल पकड़े जाने पर कोई टैक्स जमा नहीं होगा, लेकिन पेनाल्टी पहले की अपेक्षा दोगुनी देनी होगी। साथ ही गाड़ी छोड़ने के लिए ट्रांसपोर्टर को एक लाख रुपये की धनराशि जमा करनी होगी। आईआईए के चैप्टर चेयरमैन रविंद्र मिगलानी और महासचिव राजेश सपरा आदि ने भी विचार व्यक्त किए।
इस दौरान पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष रामजी सुनेजा, आरके धवन, संजय बजाज, प्रमोद सड़ाना, मनजीत सिंह अरोड़ा, एस कुमार, संदीप कपूर, चिराग सुनेजा, विनय दहुजा, आशीष मिगलानी, रोहित सपरा, एचएस चड्ढा, योगेश कुमार, घनश्याम माहेश्वरी, एमपी दीक्षित, मनु बंसल आदि मौजूद रहे।
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बृहस्पतिवार को आयोजित कार्यशाला में जीएसटी विशेषज्ञ एडवोकेट विक्रम चावला ने कहा कि जीएसटी का उद्देश्य व्यापारियों और उद्यमियों को सुविधा दिलाना था। लेकिन यह अपने उद्देश्य में विफल साबित हो रहा है, इसलिए सभी उद्यमियों को जीएसटी के नियमों के बारे में जागरूक होना पडे़गा। उन्होंने कहा कि एक अप्रैल से जीएसटी के नियमों का बदलाव होना था, लेकिन अभी तक आदेश जारी नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि पहले माल के पकड़े जाने पर टैक्स के बराबर उतनी ही पेनाल्टी लगने के साथ ही गाड़ी भी सीज होती थी। नए प्रावधान में माल पकड़े जाने पर कोई टैक्स जमा नहीं होगा, लेकिन पेनाल्टी पहले की अपेक्षा दोगुनी देनी होगी। साथ ही गाड़ी छोड़ने के लिए ट्रांसपोर्टर को एक लाख रुपये की धनराशि जमा करनी होगी। आईआईए के चैप्टर चेयरमैन रविंद्र मिगलानी और महासचिव राजेश सपरा आदि ने भी विचार व्यक्त किए।
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इस दौरान पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष रामजी सुनेजा, आरके धवन, संजय बजाज, प्रमोद सड़ाना, मनजीत सिंह अरोड़ा, एस कुमार, संदीप कपूर, चिराग सुनेजा, विनय दहुजा, आशीष मिगलानी, रोहित सपरा, एचएस चड्ढा, योगेश कुमार, घनश्याम माहेश्वरी, एमपी दीक्षित, मनु बंसल आदि मौजूद रहे।
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