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सरकारी आवासों पर कब्जे, विभागीय अधिकारी मौन

Thu, 07 Oct 2021 11:30 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 07 Oct 2021 11:30 PM IST
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Government residences occupied, departmental officers silent
सहारनपुर। सेवानिवृत्ति और जनपद से स्थानांतरण होने के बाद भी कई कर्मचारी सरकारी आवासों पर कब्जा जमाए हुए हैं। इससे भी गंभीर बात यह है कि कई कर्मचारियों ने आवास का आवंटन अपने नाम कराने के बाद बाहरी लोगों को मकान दिए हुए हैं। मामला नेहरू मार्केट स्थित पुराना अस्पताल परिसर स्थित आवासों से जुड़ा है।
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चिकित्सा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि नेहरू मार्केट स्थित पुराना अस्पताल परिसर में करीब 50 सरकारी आवास बने हुए हैं। इनमें से 15 से अधिक पर लोग अवैध रूप से कब्जा जमाए हुए हैं। एक कर्मचारी ने सरकारी आवास अपने रिश्तेदारों को दिया हुआ है, जबकि खुद लिंक रोड पर मकान बनाकर रह रहा है। परिसर में रह रहे बाहरी लोगों की वजह से मौजूदा कर्मचारी और उनके परिवार परेशान हैं। कई बार फसाद भी हो चुका है। एक कर्मचारी चार साल पहले सेवानिवृत्त हुआ था वह भी कब्जा जमाए हुए है। छह कर्मचारी ऐसे हैं, जिनका स्थानांतरण जनपद से बाहर हो चुका है, लेकिन उनके परिवार यहीं पर कब्जा जमाए हुए हैं। एक कर्मचारी ने कई साल से आवास अपने नाम कराकर उस पर ताला डाला हुआ है और खुद बाहर रहता है। एक कर्मचारी, जो पांच साल पहले सेवानिवृत्त हो चुका है वह राजनीतिक संरक्षण की वजह से पांच कमरों के आवास पर कब्जा जमाए हुए है। उधर, जिला अस्पताल परिसर में भी आवासों के आवंटन में गड़बड़ियों के आरोप लगते रहे हैं। एक कर्मचारी पर तो अधिकारी के आवास का आवंटन अपने नाम कराकर रहने का आरोप है।
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यह भी एक वजह
अस्पताल परिसरों में बने सरकारी आवासों में बिजली के मीटर नहीं हैं। यह भी एक वजह है कि लोग आवास को छोड़ना नहीं चाहते हैं। वह बेहद कम किराया चुकाकर प्रतिमाह हजारों की बिजली फूंक रहे हैं। कई घरों पर एसी लगे देखे जा सकते हैं। कईं परिवारों में भोजन भी हीटर पर बनता है, जिससे गैस का भी खर्च बच रहा है।
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मौजूदा कर्मचारी परेशान
सरकारी आवासों में लोग सेवानिवृत्ति और स्थानांतरण के बाद भी कब्जा जमाए हुए हैं, जबकि कई ऐसे कर्मचारी हैं, जो मौजूदा समय में जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल में नौकरी कर रहे हैं, लेकिन उन्हें आवास नहीं मिल रहा है। उन्होंने कई-कई साल से आवेदन भी किए हुए हैं। जिला महिला अस्पताल की दस से अधिक स्टाफ नर्स और सिस्टर बाहर किराए पर रहने को मजबूर हैं।

सरकारी आवासों में अवैध रूप से रहने वाले लोगों की लिस्ट तैयार कराई जा रही है। जल्द ही सभी को नोटिस जारी कर सरकारी आवास खाली करने को कहा जाएगा। यदि वह खुद आवास नहीं छोड़ते हैं तो फिर सख्ती की जाएगी।
डॉ. संजीव मांगलिक, सीएमओ।
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