फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Government-planted greenery turned yellow in 13 days.

Saharanpur News: सरकारी हरियाली, 13 दिन में पीली पड़ गई

Sun, 26 Jul 2026 01:18 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Sun, 26 Jul 2026 01:18 AM IST
विज्ञापन
Government-planted greenery turned yellow in 13 days.
सहारनपुर। प्रदेश सरकार के एक पेड़ मां के नाम महाअभियान के तहत 12 जुलाई को जिले में 47.89 लाख पौधे लगाने का दावा किया गया था, लेकिन महज 13 दिन बाद जमीनी तस्वीर सरकारी दावों से बिल्कुल अलग नजर आई। अमर उजाला टीम ने अभियान की जमीनी हकीकत परखी तो काफी स्थानों पर पौधे सूखे मिले, कहीं सिर्फ गड्ढे बचे हैं तो कहीं रोपण के लिए लाई गई सैकड़ों पौध बिना लगाए लावारिस पड़ी हैं। देखरेख, सिंचाई और सुरक्षा की व्यवस्था न होने से अभियान की सफलता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
विज्ञापन

नागल में वन विभाग की रेंज के अंतर्गत ग्राम पंचायत एवं वन विभाग ने संयुक्त रूप से 1 लाख 35 हजार पौधों के रोपण का दावा किया था, लेकिन कुछ दिन बाद ही धरातल पर स्थिति बदतर नजर आई। नागल ग्राम पंचायत द्वारा लगाए गए पौधे, बढेडी कोली और मीरपुर मोहनपुर के श्मशान घाट पर लगाए पौधे सूखे मिले। दबी जुबान में पंचायतों के मुखिया का कहना है कि लगाए गए पौधों को छुट्टा पशु और भेड़-बकरी नष्ट कर देते हैं। उनके पास रखवाली और देखरेख का कोई बजट नहीं है।
विज्ञापन


नकुड़ के श्मशान घाट मार्ग पर नगर पालिका परिषद द्वारा किया गया पौधरोपण देखरेख के अभाव में सूखने लगा है। हालांकि ब्लॉक परिसर, बिजली घर, राजकीय डिग्री कॉलेज अध्याना में लगाए पौधे सुरक्षित मिले। चिलकाना नगर पंचायत द्वारा मंडी समिति की बाउंड्री वॉल के पास 200 पौधों का रोपण किया गया था। इनमें से दस पौधे सूख चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

बड़गांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 21 पौधों का रोपण किया गया था, केवल दस ही पौधे हरे खड़े हैं बाकी के देखरेख के अभाव में सूख गए हैं। तीतरों के ग्राम बरसी में गोशाला स्थल पर लगे अधिकांश पौधे 10 दिन बाद ही सूखे मिले हैं। अंबेहटा में स्वच्छ भारत मिशन के ब्रांड एंबेसडर नईम अहमद ने कब्रिस्तान, जैनबाग व बिजलीघर के पास पौधरोपण किया था। इनमें से बिजलीघर के पास के पौधे सूख गए हैं। देवबंद में उप-जिलाधिकारी कार्यालय के सामने सड़क किनारे पौधरोपण किया गया था। अधिकांश पौधे सूखकर नष्ट हो चुके हैं। मौके पर केवल उनके खाली गड्ढे ही दिखाई दे रहे हैं।

नर्सरी से लाकर बिना लगाए छोड़ दिए पौधे
नकुड़ ब्लॉक क्षेत्र के गांव शुक्रताल में पौधरोपण के लिए आए पौधे ग्राम पंचायत के के यात्री प्रतीक्षालय में पड़े हुए हैं। ऐसे ही तल्हेड़ी बुजुर्ग के अमौली गांव में एक दीवार के पास 100 से भी ज्यादा पौधे लावारिस हालत में रखे मिले। इन्हें शायद कहीं लगाने के लिए लाया गया होगा, लेकिन बिना लगाए छोड़ दिया गया। इनमें से ज्यादातर पौध सूख चुकी है। बड़गांव थाना परिसर में भी ऐसे ही सैकड़ों पौधे लावारिस पड़े हैं। यहां एक पेड़ के नीचे पड़े पौधे सरकार के अभियान को मुंह चिढ़ा रहे हैं।

-------
वर्जन
संबंधित विभाग से पौधरोपण की स्थिति की रिपोर्ट ली जाएगी। पौधों की देखरेख के लिए जवाबदेही तय होगी। आम जनता से भी अपील है कि अपने आसपास लगे पौधों की देखभाल में सहयोग करें।
- अरविंद कुमार चौहान, डीएम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed