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निगम की अर्थव्यवस्था को मजबूत बना रही गोशाला
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मॉ शाकुम्भरी कान्हा उपवन गौशाला
- फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। नवादा रोड स्थित कान्हा उपवन के नाम से संचालित गोशाला नगर निगम की अर्थव्यवस्था को मजबूत बना रही है। बीते जनवरी माह में नगर निगम ने तमाम खर्चे निकालने के बाद गोशाला से 57 हजार रुपये की कमाई की है।
कान्हा उपवन में वर्तमान में 172 गोवंश हैं, जिसमें ज्यादातर गाय हैं। इनमें कई दुधारू गाय भी है। करीब दो वर्ष पहले शुरू की गई गोशाला पर शुरुआत में नगर निगम अपनी कमाई से खर्च कर रहा था। मगर नगर निगम ने गोशाला चलाने के साथ ही उसमें कई कार्य शुरू किए, जो आज नगर निगम की आय का जरिया बन रहे हैं। जानकर हैरानी होगी कि जनवरी माह में नगर निगम ने जो 57 हजार रुपये की कमाई की है। उसमें दूध से अधिक गोबर की कमाई का हिस्सा है। गोशाला प्रभारी मुकेश चौधरी ने बताया कि 57 हजार रुपये में 28256 रुपये जुर्माने के तौर पर कमाए गए हैं। यानी आवारा गोवंश को गोशाला भेजा गया। गोवंश छुड़ाने के लिए पहुंचे स्वामी से जुर्माना वसूला गया है। 17 हजार रुपये का गोबर बेचा गया है। 11300 रुपये की कमाई दूध से की गई है। इसके अलावा 500 रुपये की बर्मी कंपोस्ट खाद बेची गई है। उन्होंने बताया कि गोशाला में फिनाइल बनाने और गोबर के दीये बनाने का कार्य भी शुरू हो चुका है।
नगर निगम सहारनपुर के कान्हा उपवन गोशाला में केवल गोवंश का संरक्षण और पोषण ही नहीं हो रहा, बल्कि कई ऐसे प्रयोग और कार्य किए जा रहे हैं, जो इसे प्रदेश की बेहतर गोशालाओं में स्थान दिलाते हैं। भविष्य में गोशाला का विस्तार करने की योजना है।
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ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।
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कान्हा उपवन में वर्तमान में 172 गोवंश हैं, जिसमें ज्यादातर गाय हैं। इनमें कई दुधारू गाय भी है। करीब दो वर्ष पहले शुरू की गई गोशाला पर शुरुआत में नगर निगम अपनी कमाई से खर्च कर रहा था। मगर नगर निगम ने गोशाला चलाने के साथ ही उसमें कई कार्य शुरू किए, जो आज नगर निगम की आय का जरिया बन रहे हैं। जानकर हैरानी होगी कि जनवरी माह में नगर निगम ने जो 57 हजार रुपये की कमाई की है। उसमें दूध से अधिक गोबर की कमाई का हिस्सा है। गोशाला प्रभारी मुकेश चौधरी ने बताया कि 57 हजार रुपये में 28256 रुपये जुर्माने के तौर पर कमाए गए हैं। यानी आवारा गोवंश को गोशाला भेजा गया। गोवंश छुड़ाने के लिए पहुंचे स्वामी से जुर्माना वसूला गया है। 17 हजार रुपये का गोबर बेचा गया है। 11300 रुपये की कमाई दूध से की गई है। इसके अलावा 500 रुपये की बर्मी कंपोस्ट खाद बेची गई है। उन्होंने बताया कि गोशाला में फिनाइल बनाने और गोबर के दीये बनाने का कार्य भी शुरू हो चुका है।
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नगर निगम सहारनपुर के कान्हा उपवन गोशाला में केवल गोवंश का संरक्षण और पोषण ही नहीं हो रहा, बल्कि कई ऐसे प्रयोग और कार्य किए जा रहे हैं, जो इसे प्रदेश की बेहतर गोशालाओं में स्थान दिलाते हैं। भविष्य में गोशाला का विस्तार करने की योजना है।
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ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।

मॉ शाकुम्भरी कान्हा उपवन गौशाला- फोटो : SAHARANPUR