सरसावा (सहारनपुर)। राजकीय मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा क्षेत्र में हो रहे नित नए सृजन तथा एमबीबीएस छात्रों को आधुनिक तकनीक के सहारे दी जा रही शिक्षा के नए मॉडल एवं नव अन्वेषण को लेकर तीन दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। पहले दिन 40 चिकित्सा शिक्षकों ने प्रतिभाग किया।
मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज के ऑटोनॉमी विभाग के प्रोफेसर एवं सीएनएमसी ऑब्जर्वर डॉ. विनय शर्मा ने कहा कि आज चिकित्सा शिक्षा में नित नए बदलाव आ रहे हैं। एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं को ये बताना जरूरी हो गया है कि वे जटिल से जटिल बीमारियों की पहचान तथा उन पर कैसे काबू पाएं, जिससे मरीज को जल्द से जल्द स्वास्थ्य लाभ मिल सके। मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्राची शुक्ला ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा में आ रहे नित नए बदलाव एवं तकनीकी ज्ञान का लाभ चिकित्सा शिक्षा ग्रहण करने वाले विद्यार्थी अर्जित करें। चिकित्सा शिक्षकों को चाहिए कि एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाले छात्र छात्राओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर का ज्ञान दें ताकि वे जटिल बीमारियों पर काबू पाना सीख सकें। मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज मनोविज्ञान विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. भावना शर्मा, डॉ. मनोज सिंह, डॉ. नवाब सिंह, डॉ. संजीव दवे, डॉ. देवेंद्र वोहरा आदि ने तकनीकी ज्ञान पर अपना व्याख्यान रखा। इस दौरान मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्राचार्य डॉ. अरविंद त्रिवेदी, डॉ. सुशील शर्मा, डॉ. मनोज आर्य, डॉ. पंकज वर्मा, डॉ. देवेश, डॉ. वीरेंद्र सैनी, डॉ. अनिल गर्ग आदि वरिष्ठ चिकित्सक मौजूद रहे।