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धूमधाम से निकाली गजरथ महोत्सव यात्रा
ब्यूरो/अमर उजाला, सरसावा
Updated Wed, 02 Nov 2016 12:42 AM IST
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करूणा बिहारी मंदिर से निकाली गई शोभायात्रा में शामिल महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जैन समाज द्वारा वार्षिक गजरथ महोत्सव के मौके पर विशाल शोभायात्रा का आयोजन किया गया। जिसमें शामिल बैंड बाजे, झांकियां, हाथी घोड़े, भजन मंडली तथा स्वर्णमंडित गजरथ आकर्षण के केंद्र रहे।
नगर की जैन समाज द्वारा 24 वें तीर्थंकर महावीर स्वामी का निर्वाणोत्सव परंपरागत रूप से मनाया गया। जिसमें दीपावली के दिन निर्वाण लड्डू चढ़ाया गया तथा मंगलवार को वार्षिक गजरथ महोत्सव मनाया गया। इस मौके पर मंगलवार को सर्राफा बाजार स्थित पंचायती जैन मंदिर में सुबह के समय पूजा प्रक्षाल की गई। इसके उपरांत करीब 10 बजे विशाल शोभायात्रा आयोजित की गई।
यात्रा में आधा दर्जन बैंड, ताशा पार्टी तथा मेरठ के प्रसिद्ध शहनाई वादक जैन धर्म के भजन सुना रहे थे। शोभायात्रा में भारत स्वच्छता मिशन, सीमा पर मुकाबला करते भारत के वीर सैनिक, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की थीम पर बनी झांकी सबके आकर्षण का केंद्र बनी हुई थी, वहीं विवाह के समय बाडे़ में बंद पशुओं को देखकर वैराग्य होने के कारण राजकुमार नेमी के विवाह वेदी को त्यागकर जंगल में तपस्या करने वाली झांकी की सबने सराहना की।
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वहीं हाथियों पर सवार सौधर्म इंद्र तथा कुबेर धन एवं रत्नों की वर्षा करते हुए चल रहे थे। अंतिम छोर पर स्वर्ण मंडित गजरथ चल रहा था जिसमें श्रीजी की प्रतिमा विराजमान थी। जिसके ख्वांसी बनने का सौभाग्य प्रदीप जैन को प्राप्त हुआ। श्रीजी के रथ के सारथी संजीव जैन तथा कुबेर आशीष जैन बने।
जबकि इंद्र का सौभाग्य अनुराग जैन तथा अमित जैन द्वितीय को प्राप्त हुआ। नगर के विभिन्न स्थानों पर स्वागत के पश्चात निर्धारित मार्गों से होते हुए शोभायात्रा शाम 5 बजे वापस मंदिर जी पर आकर संपन्न हुई। जहां पूरे विधिविधान के साथ श्रीजी का अभिषेक कर प्रतिमा जी को वेदी में स्थापित कर दिया गया।
इस मौके पर समाज के अध्यक्ष सतीश चंद जैन, नरेश चंद जैन, नवीन जैन, विनोद जैन, हंस कुमार जैन, बाबूराम जैन, दिनेश जैन, संजीव जैन, सुरेंद्र जैन, संजय जैन राहुल जैन, सुधीर जैन अादि मुख्य रूप से मौजूद रहे।
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नगर की जैन समाज द्वारा 24 वें तीर्थंकर महावीर स्वामी का निर्वाणोत्सव परंपरागत रूप से मनाया गया। जिसमें दीपावली के दिन निर्वाण लड्डू चढ़ाया गया तथा मंगलवार को वार्षिक गजरथ महोत्सव मनाया गया। इस मौके पर मंगलवार को सर्राफा बाजार स्थित पंचायती जैन मंदिर में सुबह के समय पूजा प्रक्षाल की गई। इसके उपरांत करीब 10 बजे विशाल शोभायात्रा आयोजित की गई।
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यात्रा में आधा दर्जन बैंड, ताशा पार्टी तथा मेरठ के प्रसिद्ध शहनाई वादक जैन धर्म के भजन सुना रहे थे। शोभायात्रा में भारत स्वच्छता मिशन, सीमा पर मुकाबला करते भारत के वीर सैनिक, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की थीम पर बनी झांकी सबके आकर्षण का केंद्र बनी हुई थी, वहीं विवाह के समय बाडे़ में बंद पशुओं को देखकर वैराग्य होने के कारण राजकुमार नेमी के विवाह वेदी को त्यागकर जंगल में तपस्या करने वाली झांकी की सबने सराहना की।
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वहीं हाथियों पर सवार सौधर्म इंद्र तथा कुबेर धन एवं रत्नों की वर्षा करते हुए चल रहे थे। अंतिम छोर पर स्वर्ण मंडित गजरथ चल रहा था जिसमें श्रीजी की प्रतिमा विराजमान थी। जिसके ख्वांसी बनने का सौभाग्य प्रदीप जैन को प्राप्त हुआ। श्रीजी के रथ के सारथी संजीव जैन तथा कुबेर आशीष जैन बने।
जबकि इंद्र का सौभाग्य अनुराग जैन तथा अमित जैन द्वितीय को प्राप्त हुआ। नगर के विभिन्न स्थानों पर स्वागत के पश्चात निर्धारित मार्गों से होते हुए शोभायात्रा शाम 5 बजे वापस मंदिर जी पर आकर संपन्न हुई। जहां पूरे विधिविधान के साथ श्रीजी का अभिषेक कर प्रतिमा जी को वेदी में स्थापित कर दिया गया।
इस मौके पर समाज के अध्यक्ष सतीश चंद जैन, नरेश चंद जैन, नवीन जैन, विनोद जैन, हंस कुमार जैन, बाबूराम जैन, दिनेश जैन, संजीव जैन, सुरेंद्र जैन, संजय जैन राहुल जैन, सुधीर जैन अादि मुख्य रूप से मौजूद रहे।