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सुबह से शाम तक जाम ही जाम
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Fri, 17 Feb 2017 12:06 AM IST
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जाम में फंसा ट्रैफिक।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर शहर में जाम ने लोगों का घर से निकलना ही मुश्किल कर दिया। बृहस्पतिवार को सुबह से लगे जाम में फंसे लोगों को शाम हो गई, लेकिन जाम नहीं खुल सका।
यातायात व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई। यहां तक कि स्कूली बसें भी जाम में फंस गईं। बच्चों को भी मुसीबत झेलनी पड़ गई। बृहस्पतिवार को एक बार फिर शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त नजर आई।
शहर का कोई भी रास्ता ऐसा नहीं बचा जहां जाम न लगा हो। अस्पताल पुल, अंबाला रोड पुल, नेहरू मार्केट, कोर्ट रोड पुल, देहरादून रोड, नखासा बाजार, घंटाघर, कोर्ट रोड, दाल मंडी पुल, मोरगंज, रायवाला बाजार, बाजोरिया रोड, अस्पताल चौक, हकीकत नगर रोड समेत पूरा शहर ही जाम हो गया।
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लोगों ने जाम से बचने के लिए मोहल्लों की गलियों से निकलना शुरू किया तो वहां भी जाम लग गया। वाहन ही नहीं स्कूली बसें एवं रिक्शा तक जाम में फंस गए। सुबह से लेकर शाम तक रहा जाम।
यातायात पुलिसकर्मी के जाम को खुलवाने के प्रयास नाकाफी साबित हुए। यही नहीं जाम में मुसीबत तो तब आई जब पुलिस लाइन से फोर्स को रोडवेज की बसों में रवाना किया गया।
बाहर से चुनाव कराने के लिए आया स्टाफ अपने गंतव्य को बसों से रवाना हुआ तो शहर की सड़कें इस ट्रैफिक लोड को झेल नहीं पाईं। दो-दो घंटे तक लोग जाम में फंसे रहे। जाम की हालत को देखते हुए लोगों ने बाहर निकलना भी मुनासिब नहीं समझा।
शहर के बाजारों में जाम का कारण ई-रिक्शा के खड़े होने की कोई व्यवस्था न होना है। व्यापारियों और शहर के लोगों ने कई बार अधिकारियों से ई-रिक्शाओं के खड़े होने एवं चलने का स्थान निर्धारित करने की मांग की है।
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यातायात व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई। यहां तक कि स्कूली बसें भी जाम में फंस गईं। बच्चों को भी मुसीबत झेलनी पड़ गई। बृहस्पतिवार को एक बार फिर शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त नजर आई।
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शहर का कोई भी रास्ता ऐसा नहीं बचा जहां जाम न लगा हो। अस्पताल पुल, अंबाला रोड पुल, नेहरू मार्केट, कोर्ट रोड पुल, देहरादून रोड, नखासा बाजार, घंटाघर, कोर्ट रोड, दाल मंडी पुल, मोरगंज, रायवाला बाजार, बाजोरिया रोड, अस्पताल चौक, हकीकत नगर रोड समेत पूरा शहर ही जाम हो गया।
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लोगों ने जाम से बचने के लिए मोहल्लों की गलियों से निकलना शुरू किया तो वहां भी जाम लग गया। वाहन ही नहीं स्कूली बसें एवं रिक्शा तक जाम में फंस गए। सुबह से लेकर शाम तक रहा जाम।
यातायात पुलिसकर्मी के जाम को खुलवाने के प्रयास नाकाफी साबित हुए। यही नहीं जाम में मुसीबत तो तब आई जब पुलिस लाइन से फोर्स को रोडवेज की बसों में रवाना किया गया।
बाहर से चुनाव कराने के लिए आया स्टाफ अपने गंतव्य को बसों से रवाना हुआ तो शहर की सड़कें इस ट्रैफिक लोड को झेल नहीं पाईं। दो-दो घंटे तक लोग जाम में फंसे रहे। जाम की हालत को देखते हुए लोगों ने बाहर निकलना भी मुनासिब नहीं समझा।
शहर के बाजारों में जाम का कारण ई-रिक्शा के खड़े होने की कोई व्यवस्था न होना है। व्यापारियों और शहर के लोगों ने कई बार अधिकारियों से ई-रिक्शाओं के खड़े होने एवं चलने का स्थान निर्धारित करने की मांग की है।