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खतौनी की नकल पर ऋण चढ़ा देखकर किसान ने होश उड़े
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खतौनी की नकल पर ऋण चढ़ा देखकर किसान के होश उड़े
हमनाम किसान की जमीन को बंधक बना जारी कर दिया सात लाख का ऋण
रामपुर मनिहारान।
तहसील प्रशासन की भूल के चलते सात लाख रुपये का ऋण दूसरे हमनाम किसान की जमीन को बंधक बना कर जारी कर दिया हुआ। खतौनी की नकल पर ऋण चढ़ा देखकर किसान के होश उड़ गए। अब पीड़ित ऋण को हटवाने के लिए तहसील के चक्कर काट रहा है।
रामपुर मनिहारान तहसील के गांव उमरी कलां निवासी किसान राम कुमार पुत्र साहब सिंह ने बताया एक सप्ताह पूर्व उसने खतौनी की नकल निकलवाई तो उस पर चढ़े छह लाख 85 हजार रुपये के ऋण को देख कर उसके होश उड़ गए। उसने किसी भी बैंक से ऋण नहीं ले रखा है। इसके बाद उसने बैंक में संपर्क किया तो पता चला कि उसके गांव के निवासी उसके ही हमनाम राम कुमार पुत्र धीरज सिंह ने बैंक से ऋण ले रखा है। जांच की तो पता चला कि राम कुमार पुत्र धीरज सिंह के खाता संख्या 279 के स्थान पर राम कुमार पुत्र साहब सिंह का खाता संख्या 280 चढ़ गया। इस कारण ऋण लेते वक्त उसकी जमीन बंधक हो गई।
बैंक के शाखा प्रबंधक ने इस त्रुटि में सुधार को लेकर तहसीलदार को पत्र भेजा है। इसमें किसान की भूमि को भार मुक्त करने का अनुरोध किया गया है। उधर, पीड़ित किसान ने कहा वे एक सप्ताह से तहसील के चक्कर काट रहा है। कोविड-19 के चलते वहां अधिकारी नहीं मिल पा रहे हैं। तहसीलदार हर्ष चावला ने बताया कि बैंक की पत्रावली मिलने पर मामले का निस्तारण किया जाएगा।
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हमनाम किसान की जमीन को बंधक बना जारी कर दिया सात लाख का ऋण
रामपुर मनिहारान।
तहसील प्रशासन की भूल के चलते सात लाख रुपये का ऋण दूसरे हमनाम किसान की जमीन को बंधक बना कर जारी कर दिया हुआ। खतौनी की नकल पर ऋण चढ़ा देखकर किसान के होश उड़ गए। अब पीड़ित ऋण को हटवाने के लिए तहसील के चक्कर काट रहा है।
रामपुर मनिहारान तहसील के गांव उमरी कलां निवासी किसान राम कुमार पुत्र साहब सिंह ने बताया एक सप्ताह पूर्व उसने खतौनी की नकल निकलवाई तो उस पर चढ़े छह लाख 85 हजार रुपये के ऋण को देख कर उसके होश उड़ गए। उसने किसी भी बैंक से ऋण नहीं ले रखा है। इसके बाद उसने बैंक में संपर्क किया तो पता चला कि उसके गांव के निवासी उसके ही हमनाम राम कुमार पुत्र धीरज सिंह ने बैंक से ऋण ले रखा है। जांच की तो पता चला कि राम कुमार पुत्र धीरज सिंह के खाता संख्या 279 के स्थान पर राम कुमार पुत्र साहब सिंह का खाता संख्या 280 चढ़ गया। इस कारण ऋण लेते वक्त उसकी जमीन बंधक हो गई।
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बैंक के शाखा प्रबंधक ने इस त्रुटि में सुधार को लेकर तहसीलदार को पत्र भेजा है। इसमें किसान की भूमि को भार मुक्त करने का अनुरोध किया गया है। उधर, पीड़ित किसान ने कहा वे एक सप्ताह से तहसील के चक्कर काट रहा है। कोविड-19 के चलते वहां अधिकारी नहीं मिल पा रहे हैं। तहसीलदार हर्ष चावला ने बताया कि बैंक की पत्रावली मिलने पर मामले का निस्तारण किया जाएगा।
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