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Saharanpur News: पॉलिसी के नाम पर ठगी, बीमा कंपनी के कार्यकारी अधिकारी पर प्राथमिकी
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सहारनपुर। देहात कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले एक व्यक्ति ने निजी जीवन बीमा कंपनी के कार्यकारी अधिकारी पर धोखाधड़ी, छलपूर्वक बीमा पॉलिसी कराने और अतिरिक्त धनराशि मांगने का आरोप लगाया है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है।
श्याम सुंदर ने तहरीर देकर आरोप लगाया कि बीमा कंपनी के कार्यकारी अधिकारी मयंक शर्मा ने जीवन बीमा पॉलिसी कराई थी, जिसकी वार्षिक किस्त 1,22,488 रुपये थी। आरोप है कि पॉलिसी कराते समय बताया गया था कि उसका लॉकिंग पीरियड एक वर्ष का है और एक वर्ष बाद पॉलिसी बंद कराने पर धनराशि वापस मिल जाएगी। बाद में पीड़ित को किडनी संबंधी बीमारी के कारण रुपयों की आवश्यकता हुई तो उसने पॉलिसी सरेंडर कराने का प्रयास किया।
आरोप है कि तब उसे बताया गया कि पॉलिसी का लॉकिंग पीरियड एक नहीं बल्कि दो वर्ष का है और पहले गलत जानकारी देकर पॉलिसी कराई गई थी। कई बार संपर्क करने और अधिवक्ता के माध्यम से नोटिस भेजने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया। आरोप है कि नोटिस भेजे जाने के बाद विपक्षी ने 50 हजार रुपये और देने पर काम कराने की बात कही। रुपये देने से इन्कार करने पर गाली-गलौज करते हुए झूठे मुकदमे में फंसाने और जान से मरवा देने की धमकी दी गई। इस मामले में पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद कोर्ट की शरण ली। अब कोर्ट के आदेश पर देहात कोतवाली पुलिस ने बीमा कंपनी के कार्यकारी अधिकारी मयंक शर्मा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
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श्याम सुंदर ने तहरीर देकर आरोप लगाया कि बीमा कंपनी के कार्यकारी अधिकारी मयंक शर्मा ने जीवन बीमा पॉलिसी कराई थी, जिसकी वार्षिक किस्त 1,22,488 रुपये थी। आरोप है कि पॉलिसी कराते समय बताया गया था कि उसका लॉकिंग पीरियड एक वर्ष का है और एक वर्ष बाद पॉलिसी बंद कराने पर धनराशि वापस मिल जाएगी। बाद में पीड़ित को किडनी संबंधी बीमारी के कारण रुपयों की आवश्यकता हुई तो उसने पॉलिसी सरेंडर कराने का प्रयास किया।
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आरोप है कि तब उसे बताया गया कि पॉलिसी का लॉकिंग पीरियड एक नहीं बल्कि दो वर्ष का है और पहले गलत जानकारी देकर पॉलिसी कराई गई थी। कई बार संपर्क करने और अधिवक्ता के माध्यम से नोटिस भेजने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया। आरोप है कि नोटिस भेजे जाने के बाद विपक्षी ने 50 हजार रुपये और देने पर काम कराने की बात कही। रुपये देने से इन्कार करने पर गाली-गलौज करते हुए झूठे मुकदमे में फंसाने और जान से मरवा देने की धमकी दी गई। इस मामले में पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद कोर्ट की शरण ली। अब कोर्ट के आदेश पर देहात कोतवाली पुलिस ने बीमा कंपनी के कार्यकारी अधिकारी मयंक शर्मा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
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