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Saharanpur News: लूट के मामले में चार दोषी करार, 28 को सुनाई जाएगी सजा
Fri, 27 Mar 2026 01:29 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Fri, 27 Mar 2026 01:29 AM IST
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सहारनपुर। अदालत ने लूट के मामले में जुबैर, शहजाद, गुलफाम व नौशाद को दोषी करार दिया है। संदेह का लाभ देते हुए अदालत ने महताब और अफजाल को दोषमुक्त किया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने सजा सुनाने के लिए 28 मार्च की तिथि नियत की है।
सोनीपत निवासी जगदीश ने गंगोह थाने में तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि उसने अपने परिचित महताब निवासी गंगोह से भैंस खरीदने के लिए कहा था। 20 जुलाई 2015 की शाम महताब ने फोन पर बताया कि उसने भैंस खरीद ली है। इसके बाद वह पिकअप बुक कर भैंस लेने के लिए चला गया। महताब बाइक पर दो युवकों के साथ चौसाना पहुंच गया। सुबह नौ बजे के करीब पीछे से एक सफेद इंडिका कार ने उन्हें ओवरटेक कर दिया। आरोप लगाया कि बदमाशों ने तमंचे के बल पर उससे 93 हजार रुपये, मोबाइल छीन लिए। बताया कि सभी गाड़ी में बैठकर कुंडाकलां गांव की तरफ भाग गए। पुलिस ने तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की।
विवेचना के बाद मामले को अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या-3 की अदालत में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अदालत के सामने तथ्य आए कि घटना को चार लोगों ने अंजाम दिया है। डकैती का अपराध पांच या पांच से अधिक द्वारा की किया जा सकता है। ऐसे में डकैती की धाराओं में आरोपी दोषमुक्त होने योग्य है। सहायक शासकीय अधिवक्ता दीपक सैनी ने मामले की सशक्त पैरवी की। अभियोजन पक्ष जुबैर, शहजाग, गुलफाम, नौशाद द्वारा लूट की घटना को सिद्ध करने में सफल रहा। अदालत ने पत्रावलियों पर आए साक्ष्यों और गवाहों को सुनने के बाद सभी चारों को दोषी ठहराया है।
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सोनीपत निवासी जगदीश ने गंगोह थाने में तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि उसने अपने परिचित महताब निवासी गंगोह से भैंस खरीदने के लिए कहा था। 20 जुलाई 2015 की शाम महताब ने फोन पर बताया कि उसने भैंस खरीद ली है। इसके बाद वह पिकअप बुक कर भैंस लेने के लिए चला गया। महताब बाइक पर दो युवकों के साथ चौसाना पहुंच गया। सुबह नौ बजे के करीब पीछे से एक सफेद इंडिका कार ने उन्हें ओवरटेक कर दिया। आरोप लगाया कि बदमाशों ने तमंचे के बल पर उससे 93 हजार रुपये, मोबाइल छीन लिए। बताया कि सभी गाड़ी में बैठकर कुंडाकलां गांव की तरफ भाग गए। पुलिस ने तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की।
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विवेचना के बाद मामले को अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या-3 की अदालत में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अदालत के सामने तथ्य आए कि घटना को चार लोगों ने अंजाम दिया है। डकैती का अपराध पांच या पांच से अधिक द्वारा की किया जा सकता है। ऐसे में डकैती की धाराओं में आरोपी दोषमुक्त होने योग्य है। सहायक शासकीय अधिवक्ता दीपक सैनी ने मामले की सशक्त पैरवी की। अभियोजन पक्ष जुबैर, शहजाग, गुलफाम, नौशाद द्वारा लूट की घटना को सिद्ध करने में सफल रहा। अदालत ने पत्रावलियों पर आए साक्ष्यों और गवाहों को सुनने के बाद सभी चारों को दोषी ठहराया है।
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