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Saharanpur News: पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल की 275 करोड़ की संपत्ति होगी कुर्क
Wed, 18 Feb 2026 12:43 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Wed, 18 Feb 2026 12:43 AM IST
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सहारनपुर। जिला मजिस्ट्रेट मनीष बंसल की अदालत ने पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल की करीब 2.75 अरब रुपये की 56 संपत्तियों को कुर्क करने के आदेश जारी किए हैं। जिला मजिस्ट्रेट की अदालत ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए यह आदेश दिया हैं। कुर्की की कार्रवाई के लिए बेहट तहसीलदार को प्रशासक नियुक्त किया गया है।
जिला मजिस्ट्रेट की तरफ से जारी आदेशों में कहा गया कि मोहम्मद इकबाल, मोहम्मद जावेद, मोहम्मद वाजिद, अलीशान, अफजाल निवासी मिर्जापुर पोल गिरोहबंद व्यक्ति है। इनके खिलाफ मिर्जापुर थाने में अपराध संख्या 83/2022 धारा 2/3 गैंगस्टर अधिनियम पंजीकृत हुआ था। मोहम्मद इकबाल ने सहयोगियों, रिश्तेदारों और विभिन्न कंपनी के नाम से खैर की लकड़ी चोरी, अवैध खनन आदि अपराधों में लिप्त रहने के दौरान अवैध धन अर्जित किया। लोगों को डरा-धमकाकर सरकारी व गैर सरकारी जमीनें क्रय व कब्जा की गई।
उक्त संपत्तियों की कीमत करीब दो अरब 75 करोड़ है, जिसे कुर्क करने के आदेश जारी किए गए हैं। कुर्की की आगामी कार्रवाई के लिए बेहट तहसीलदार को प्रशासक नियुक्त किया गया है। बता दें, कि बसपा के शासनकाल के दौरान हाजी इकबाल एमएलसी रहा। हाजी इकबाल के कुछ केस अदालत से खत्म हो चुके हैं। अब भी कई केस विचाराधीन है। पूर्व में भी हाजी इकबाल की करोड़ों की संपत्तियां कुर्क हो चुकी है।
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उच्चतम न्यायालय में करेंगे अपील
हाजी इकबाल के अधिवक्ता रामप्रकाश पांडे व इंद्रभान यादव की तरफ से मीडिया को प्रेसनोट जारी किया गया। इसमें बताया कि यह आदेश उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय के आदेशों की अवहेलना है। मोहम्मद वाजिद, मोहम्मद जावेद, अफजाल, अलीशान, नसीम और राव लईक ने उक्त गैंगस्टर से जुड़ी कार्रवाई पर दाखिल आरोप पत्र को निरस्त करने के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी। चार सितंबर 2025 को अदालत ने मोहम्मद अफजाल, नसीम और राव लईक के खिलाफ चल रही गैंगस्टर की पूरी कार्रवाई को निरस्त कर दिया था। वहीं उच्चतम न्यायालय ने 18 सितंबर 2025 को मोहम्मद जावेद, अलीशान और वाजिद के मामले में निचली अदालत की कार्रवाई पर स्टे लगा दिया था। इस मामले को उच्चतम न्यायालय में रखा जाएगा।
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जिला मजिस्ट्रेट की तरफ से जारी आदेशों में कहा गया कि मोहम्मद इकबाल, मोहम्मद जावेद, मोहम्मद वाजिद, अलीशान, अफजाल निवासी मिर्जापुर पोल गिरोहबंद व्यक्ति है। इनके खिलाफ मिर्जापुर थाने में अपराध संख्या 83/2022 धारा 2/3 गैंगस्टर अधिनियम पंजीकृत हुआ था। मोहम्मद इकबाल ने सहयोगियों, रिश्तेदारों और विभिन्न कंपनी के नाम से खैर की लकड़ी चोरी, अवैध खनन आदि अपराधों में लिप्त रहने के दौरान अवैध धन अर्जित किया। लोगों को डरा-धमकाकर सरकारी व गैर सरकारी जमीनें क्रय व कब्जा की गई।
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उक्त संपत्तियों की कीमत करीब दो अरब 75 करोड़ है, जिसे कुर्क करने के आदेश जारी किए गए हैं। कुर्की की आगामी कार्रवाई के लिए बेहट तहसीलदार को प्रशासक नियुक्त किया गया है। बता दें, कि बसपा के शासनकाल के दौरान हाजी इकबाल एमएलसी रहा। हाजी इकबाल के कुछ केस अदालत से खत्म हो चुके हैं। अब भी कई केस विचाराधीन है। पूर्व में भी हाजी इकबाल की करोड़ों की संपत्तियां कुर्क हो चुकी है।
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उच्चतम न्यायालय में करेंगे अपील
हाजी इकबाल के अधिवक्ता रामप्रकाश पांडे व इंद्रभान यादव की तरफ से मीडिया को प्रेसनोट जारी किया गया। इसमें बताया कि यह आदेश उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय के आदेशों की अवहेलना है। मोहम्मद वाजिद, मोहम्मद जावेद, अफजाल, अलीशान, नसीम और राव लईक ने उक्त गैंगस्टर से जुड़ी कार्रवाई पर दाखिल आरोप पत्र को निरस्त करने के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी। चार सितंबर 2025 को अदालत ने मोहम्मद अफजाल, नसीम और राव लईक के खिलाफ चल रही गैंगस्टर की पूरी कार्रवाई को निरस्त कर दिया था। वहीं उच्चतम न्यायालय ने 18 सितंबर 2025 को मोहम्मद जावेद, अलीशान और वाजिद के मामले में निचली अदालत की कार्रवाई पर स्टे लगा दिया था। इस मामले को उच्चतम न्यायालय में रखा जाएगा।