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बेहट रोड पर बनाई जाएगी विधि विज्ञान प्रयोगशाला

Thu, 03 Dec 2020 12:27 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 03 Dec 2020 12:27 AM IST
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Forensic science lab to be built on two acres on Behat Road
बेहट रोड पर दो एकड़ में बनेगी विधि विज्ञान प्रयोगशाला
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सहारनपुर। आपराधिक घटनाओं की गुत्थी जल्द सुलझाने के लिए जिले में ही क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला (फोरेंसिक लैब) बनाने की तैैयारी है। इससे पहले गंगोह रोड पर मानकमऊ के पास जमीन का चयन किया गया था। लेकिन तकनीकी कारणों से उसे अनापत्ति प्रमाण पत्र न मिल पाया। अब बेहट रोड पर जमीन का चयन किया गया है। यह जमीन अर्बन सीलिंग एरिया में है और करीब दो एकड़ है। शासन की गाइडलाइंस के मुताबिक प्रयोगशाला के लिए कम से कम दो एकड़ भूमि की जरूरत है।
मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में शामिल फोरेंसिक लैब के लिए सितंबर माह में भूमि के लिए प्रस्ताव मांगा गया था। जिले में शहर के गंगोह रोड, बेहट रोड, दिल्ली रोड के अलावा रामपुर मनिहारान, देवबंद और नकुड़ क्षेत्र में भी टीमें लगाई गई थीं। राजस्व विभाग के सहयोग से अब बेहट रोड पर दरा कोटतला के पास जमीन का चयन किया गया है। इसका प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
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आगरा और गाजियाबाद पर निर्भरता कम होगी
- जिले में सी श्रेणी की क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला बनाई जानी है। आपराधिक घटनाओं की गुत्थी सुलझाने के लिए कई तरह के सैंपल और अन्य जांच के लिए आगरा या गाजियाबाद की लैब पर पुलिस को निर्भर रहना पड़ता है। हाल ही में नानौता में प्रधानाचार्य की हत्या, थाना मंडी और सदर क्षेत्र में तीन महिलाओं की मौत से लेकर 15 से अधिक मामलों का खुलासा विसरा की रिपोर्ट सहित अन्य पड़ताल के बिना नहीं हो पाया है। लैब में देरी के बहाने पुलिस को भी विवेचना में ढिलाई का मौका मिल जाता है।
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प्रयोगशाला में हो सकेंगी महत्वपूर्ण जांच
- पेंट, शीशे के टुकड़े, मिट्टी, रस्सी, धागे, बिजली के तार, कपड़े, लॉटरी टिकट, मुहर आदि की जांच, औजारों के निशान की तुलना, मिटाए गए पहचान नंबर या अंकों को पूर्व की अवस्था में लाना, दुर्घटनावश टूटे टुकड़ों को जोड़ कर स्रोत का पता करना, प्रहार की दिशा पता करने के लिए शीशे के टूटे टुकड़ों की जांच, नकली नोटों की जांच, तुलना के लिए तत्वों का पता लगाने का विश्लेषण हो सकेगा। नारकोटिक्स, ड्रग्स, पेट्रोल, डीजल, केरोसिन, बर्निंग केस या केमिकल के प्रयोग, विसरा, सीरम, रक्त, बाल, लार के अलावा चेसिस/इंजन, कापी राइट एक्ट संबंधित मामलों की जांच में मदद मिल सकेगी। हस्त लेखन, कूट रचित दस्तावेज, हस्ताक्षर के मिलान सहित अन्य दस्तावेजों की जांच कराई जा सकेगी।
- क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला के लिए फिलहाल बेहट रोड पर भूमि का चयन किया गया है। यह स्थल अर्बन सीलिंग एरिया में आता है। इसलिए इसमें अवरोध आने की संभावना बेहद कम है। इसी स्थल का प्रस्ताव अब शासन को भेजा जाएगा।

-- एसबी सिंह, जिला भूमि व्यवस्था अधिअकारी, सहारनपुर।
- आपराधिक घटनाओं की विवेचना में विधि विज्ञान प्रयोगशाला का होना बेहद महत्वपूर्ण है। इसके माध्यम से कई स्तर पर ऐसी जांच कराई जा सकती है तो स्थानीय जांच टीम नहीं कर पाती। जिले में ही फोरेंसिक लैब होने से विश्लेषण की रिपोर्ट भी जल्द उपलब्ध हो सकेगी।
-- विनीत भटनागर, एसपी सिटी, सहारनपुर।
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