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आरक्षण के लिए किया प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Wed, 23 Nov 2016 12:23 AM IST
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जुलूस निकालते आरक्षण बचाओं संघर्ष समीति के कार्यकर्ता।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर के बेहट में पदोन्नति में आरक्षण विधेयक का 117वां बिल संसद के इसी सत्र में पास किए जाने की मांग को लेकर आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने कस्बे में जुलूस निकाल तहसील में प्रदर्शन किया।
इस संबंध में प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा। मोहल्ला खालसा स्थित संत रविदास मंदिर में आयोजित दलित, मुस्लिम एवं पिछड़ा वर्ग अधिकार रैली को संबोधित करते हुए समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरपी सिंह अंबेडकर ने कहा कि अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति
का पदोन्नति में आरक्षण का 117वां संविधान संशोधन बिल राज्य सभा में पारित हो चुका है। मगर, लोकसभा में वर्ष 2012 से लंबित है। इसके कारण उत्तर प्रदेश में लाखों अधिकारियों का डिमोशन हो चुका है।
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उन्होंने कहा कि पदोन्नति में आरक्षण विधेयक का 117वां बिल संसद के इसी सत्र में वरीयता के आधार पर पास किया जाएं। रैली के बाद सभी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता विरोध जुलूस लेकर तहसील पहुंचे और प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा।
ज्ञापन में देश के सभी विश्वविद्यालयों में अनुसूचित जाति/जनजाति एवं अन्य पिछड़े वर्ग के एसोसिएट्स प्रोफेसर एवं कुलपतियों के पदों पर 50 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने, सच्चर कमेटी की सिफारिशों को तत्काल लागू किए जाने, मजबूत आरक्षण कानून बनाने, सेना, निजी क्षेत्र, उच्च शिक्षा में सभी पदों
पर समानुपातिक आरक्षण लागू किए जाने, संविदा एवं ठेका प्रथा को समाप्त करके नियमित भर्तियां किए जाने, समान एवं अनिवार्य शिक्षा का प्रावधान किए जाने की मांग की गई।
चेतावनी दी गई कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो वर्ष 2017 एवं 2019 के चुनावों में आरक्षण विरोधी ताकतों को सबक सिखाया जाएगा।
विरोध प्रदर्शन में समिति के जिलाध्यक्ष साधूराम अंबेडकर, जिला महासचिव रणधीर सिंह, सीनियर सिटीजन के जिलाध्यक्ष सीताराम मौर्य, प्रदीप कुमार उपाध्याय, रविंद्र कुमार, सुलेख चंद, सोम सिंह, इसम सिंह, अजय कुमार, संजय, मदन गौतम, सतीश कुमार, सुरेंद्र कुमार, कृष्ण कुमार, बबीता, सरोज, सतपाल गौतम, सुशीला, छोटी, सुमन, सीएस गुंजन, आफताब राणा, कविता आदि शामिल रहे।
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इस संबंध में प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा। मोहल्ला खालसा स्थित संत रविदास मंदिर में आयोजित दलित, मुस्लिम एवं पिछड़ा वर्ग अधिकार रैली को संबोधित करते हुए समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरपी सिंह अंबेडकर ने कहा कि अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति
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का पदोन्नति में आरक्षण का 117वां संविधान संशोधन बिल राज्य सभा में पारित हो चुका है। मगर, लोकसभा में वर्ष 2012 से लंबित है। इसके कारण उत्तर प्रदेश में लाखों अधिकारियों का डिमोशन हो चुका है।
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उन्होंने कहा कि पदोन्नति में आरक्षण विधेयक का 117वां बिल संसद के इसी सत्र में वरीयता के आधार पर पास किया जाएं। रैली के बाद सभी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता विरोध जुलूस लेकर तहसील पहुंचे और प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा।
ज्ञापन में देश के सभी विश्वविद्यालयों में अनुसूचित जाति/जनजाति एवं अन्य पिछड़े वर्ग के एसोसिएट्स प्रोफेसर एवं कुलपतियों के पदों पर 50 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने, सच्चर कमेटी की सिफारिशों को तत्काल लागू किए जाने, मजबूत आरक्षण कानून बनाने, सेना, निजी क्षेत्र, उच्च शिक्षा में सभी पदों
पर समानुपातिक आरक्षण लागू किए जाने, संविदा एवं ठेका प्रथा को समाप्त करके नियमित भर्तियां किए जाने, समान एवं अनिवार्य शिक्षा का प्रावधान किए जाने की मांग की गई।
चेतावनी दी गई कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो वर्ष 2017 एवं 2019 के चुनावों में आरक्षण विरोधी ताकतों को सबक सिखाया जाएगा।
विरोध प्रदर्शन में समिति के जिलाध्यक्ष साधूराम अंबेडकर, जिला महासचिव रणधीर सिंह, सीनियर सिटीजन के जिलाध्यक्ष सीताराम मौर्य, प्रदीप कुमार उपाध्याय, रविंद्र कुमार, सुलेख चंद, सोम सिंह, इसम सिंह, अजय कुमार, संजय, मदन गौतम, सतीश कुमार, सुरेंद्र कुमार, कृष्ण कुमार, बबीता, सरोज, सतपाल गौतम, सुशीला, छोटी, सुमन, सीएस गुंजन, आफताब राणा, कविता आदि शामिल रहे।