सहारनपुर। डिमेंशिया जागरुकता सप्ताह सोमवार से शुरू हो गया, जो 25 सितंबर तक चलेगा। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि भूलने की बीमारी से बचने के लिए स्वस्थ जीवन शैली को अपनाएं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय स्थित एएनएम प्रशिक्षण संस्थान में राष्ट्रीय डिमेंशिया जागरुकता सप्ताह के शुभारंभ पर कार्यशाला आयोजित की गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव मांगलिक ने कहा कि अल्जाइमर (भूलने की बीमारी) मुख्य रूप से बुजुर्गों की बीमारी है। जिसमें व्यक्ति अपनी रोजमर्रा की चीजों को भूलने लगता है। सामान्य जीवन के लिए भी दूसरों पर निर्भर होना पड़ता है। ऐसे लोगों को स्वस्थ जीवन शैली अपनानी चाहिए। सकारात्मक रहें। नियमित व्यायाम करते रहें।
एनसीटी सेल नोडल अधिकारी शिवांका गौड़ ने बताया कि 21 सितंबर को विश्व अल्जाइमर दिवस मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह रोग समय रहते अगर पहचान लिया जाए तो व्यक्ति को बिगड़ती हुई स्थिति से बचाया जा सकता है, जिसके लिए ज्यादा से ज्यादा जागरुकता आवश्यक है। कार्यशाला में मानसिक स्वास्थ्य प्रकोष्ठ से अंशिका सिंह, साइकोथेरेपिस्ट देवेेंद्र सिंह, विभू प्रताप सिंह, पंकज कुमार, मुदस्सर अली, लोहित भारती, बुशरा अंसारी, सूर्य प्रताप, चेतन मदान, हिमांशु, प्रीति, विभा आदि मौजूद रहे।