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दूर से होंगे दर्शन और जलाभिषेक, नहीं चढ़ेगा प्रसाद
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दूर से होंगे दर्शन और जलाभिषेक, नहीं चढ़ेगा प्रसाद
सहारनपुर। इस बार कोरोना काल के बीच आए श्रावण मास में पूजा-अर्चना करने का तरीका भी बदला हुआ होगा। श्रद्धालु जलाभिषेक तो कर सकेंगे, लेकिन प्रसाद चढ़ाने की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ ही कुछ शिवालयों में तो दूर से ही प्रभु के दर्शन करने होंगे। मंदिर समितियों ने इसकी तैयारी कर ली है।
छह जुलाई को सोमवार से श्रावण मास शुरू हो जाएगा। हालांकि, इस बार कांवड़ यात्रा पर रोक है और शिवालयों सहित मंदिरों में पूजा-अर्चना करने का तरीका भी बदला होगा। शहर में चार प्रमुख शिवालय हैं। इनमें सिद्धपीठ श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर, श्री पाठेश्वर महादेव मंदिर, श्री पातालेश्वर महादेव मंदिर, श्री बागेश्वर महादेव मंदिर शामिल हैं। इनके अलावा प्रमुख श्री बालाजी धाम, तहसील श्री शिव मंदिर, श्री विश्रामपुुरी काल भैरव मंदिर, श्री नारायणपुरी मंदिर, श्री हरि मंदिर, चौंताला स्थित श्री बालाजी मंदिर और घंटाघर के हनुमान मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन मंदिर समितियों ने इस बार शासनादेश के अनुसार व्यवस्था की है।
ऐसी रहेगी व्यवस्था
सहारनपुर। श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर में जल चढ़ाने वाले श्रद्धालु करीब छह फुट की दूरी से जल चढ़ा पाएंगे। मंदिर समिति के प्रधान आलोक गर्ग और महामंत्री हेमंत मित्तल ने बताया कि छह फुट की दूरी से शिवलिंग तक पाइप लगाए गए हैं, जिसके माध्यम से ही श्रद्धालु दूर से जल चढ़ा पाएंगे। प्रसाद चढ़ाने की अनुमति नहीं होगी। श्री बालाजी धाम के संस्थापक अतुल जोशी महाराज का कहना है कि श्रद्धालुओं को घर से ही जल का लौटा लाना होगा। धाम का लौटा इस्तेमाल करने और प्रसाद चढ़ाने पर रोक रहेगी। सामाजिक दूरी का पूरी तरह पालन करना होगा। सैनिटाइजेशन का पूरा ध्यान रखा जाएगा। श्री पाठेश्वर महादेव मंदिर के अधिष्ठाता अजय शास्त्री और तहसील श्री शिव मंदिर के अधिष्ठाता पंडित अभिषेक कृष्णात्रेय ने बताया कि सामाजिक दूरी का पालन कराते हुए ही जल चढ़ाने दिया जाएगा, लेकिन प्रसाद नहीं चढ़ेगा। इसके लिए सभी तैयारियां कर ली गई हैं।
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इन बातों का रखेंगे खास ध्यान
- मंदिर और शिवालयों के मुख्य द्वार पर थर्मल स्क्रीनिंग होगी
- सैनिटाइजर से हाथ धुलवाने के बाद ही मंदिर के अंदर आने की अनुमति मिलेगी।
- सभी श्रद्धालुओं को सामाजिक दूरी का पालन करना होगा।
- मास्क लगाना सभी के लिए अनिवार्य होगा।
- जूते-चप्पल मंदिर के द्वार से दूर ही उतारे जाएंगे।
- भीड़ नहीं लगने दी जाएगी। सरकार की गाइड लाइन का पालन करना होगा।
श्रावण मास में शिवालयों में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। लापरवाही बरतने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - विनीत भटनागर, एसपी सिटी।
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सहारनपुर। इस बार कोरोना काल के बीच आए श्रावण मास में पूजा-अर्चना करने का तरीका भी बदला हुआ होगा। श्रद्धालु जलाभिषेक तो कर सकेंगे, लेकिन प्रसाद चढ़ाने की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ ही कुछ शिवालयों में तो दूर से ही प्रभु के दर्शन करने होंगे। मंदिर समितियों ने इसकी तैयारी कर ली है।
छह जुलाई को सोमवार से श्रावण मास शुरू हो जाएगा। हालांकि, इस बार कांवड़ यात्रा पर रोक है और शिवालयों सहित मंदिरों में पूजा-अर्चना करने का तरीका भी बदला होगा। शहर में चार प्रमुख शिवालय हैं। इनमें सिद्धपीठ श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर, श्री पाठेश्वर महादेव मंदिर, श्री पातालेश्वर महादेव मंदिर, श्री बागेश्वर महादेव मंदिर शामिल हैं। इनके अलावा प्रमुख श्री बालाजी धाम, तहसील श्री शिव मंदिर, श्री विश्रामपुुरी काल भैरव मंदिर, श्री नारायणपुरी मंदिर, श्री हरि मंदिर, चौंताला स्थित श्री बालाजी मंदिर और घंटाघर के हनुमान मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन मंदिर समितियों ने इस बार शासनादेश के अनुसार व्यवस्था की है।
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ऐसी रहेगी व्यवस्था
सहारनपुर। श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर में जल चढ़ाने वाले श्रद्धालु करीब छह फुट की दूरी से जल चढ़ा पाएंगे। मंदिर समिति के प्रधान आलोक गर्ग और महामंत्री हेमंत मित्तल ने बताया कि छह फुट की दूरी से शिवलिंग तक पाइप लगाए गए हैं, जिसके माध्यम से ही श्रद्धालु दूर से जल चढ़ा पाएंगे। प्रसाद चढ़ाने की अनुमति नहीं होगी। श्री बालाजी धाम के संस्थापक अतुल जोशी महाराज का कहना है कि श्रद्धालुओं को घर से ही जल का लौटा लाना होगा। धाम का लौटा इस्तेमाल करने और प्रसाद चढ़ाने पर रोक रहेगी। सामाजिक दूरी का पूरी तरह पालन करना होगा। सैनिटाइजेशन का पूरा ध्यान रखा जाएगा। श्री पाठेश्वर महादेव मंदिर के अधिष्ठाता अजय शास्त्री और तहसील श्री शिव मंदिर के अधिष्ठाता पंडित अभिषेक कृष्णात्रेय ने बताया कि सामाजिक दूरी का पालन कराते हुए ही जल चढ़ाने दिया जाएगा, लेकिन प्रसाद नहीं चढ़ेगा। इसके लिए सभी तैयारियां कर ली गई हैं।
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इन बातों का रखेंगे खास ध्यान
- मंदिर और शिवालयों के मुख्य द्वार पर थर्मल स्क्रीनिंग होगी
- सैनिटाइजर से हाथ धुलवाने के बाद ही मंदिर के अंदर आने की अनुमति मिलेगी।
- सभी श्रद्धालुओं को सामाजिक दूरी का पालन करना होगा।
- मास्क लगाना सभी के लिए अनिवार्य होगा।
- जूते-चप्पल मंदिर के द्वार से दूर ही उतारे जाएंगे।
- भीड़ नहीं लगने दी जाएगी। सरकार की गाइड लाइन का पालन करना होगा।
श्रावण मास में शिवालयों में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। लापरवाही बरतने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - विनीत भटनागर, एसपी सिटी।