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जर ले में भी खतरा बनी हैं पटाखा फैक्टरी
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पटाखा फैक्ट्री में जांच करते फायर अधिकारी
- फोटो : SAHARANPUR
जिले में भी खतरा बनी हैं पटाखा फैक्टरी
सहारनपुर। बिजनौर की तरह ही जिले में भी पटाखा फैक्टरी खतरा बनी हैं। यहां भी कई बार पटाखा फैक्टरियाें में हादसे हो चुके हैं। कई जगहों पर अवैध रूप से भी पटाखा फैक्टरी संचालित होती मिल चुकी हैं। कई जगह पर लापरवाही भी बरती जा रही है। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
बिजनौर के गांव मुकर्रमपुर में पटाखा फैक्टरी में आग लगने से भगदड़ मच गई। करीब 30 श्रमिकों ने भागकर अपनी जान बचाई है। इसी तरह जनपद में भी कई बार पटाखा फैक्टरियां जीवन के लिए खतरा बन चुकी हैं। इसको लेकर दमकल विभाग द्वारा अभियान चलाकर चेकिंग भी की जाती रही है, इसके बाद भी अवैध रूप से पटाखा फैक्टरी संचालित होने के मामले आए दिन सामने आते हैं। महानगर में एकता कॉलोनी, चिलकाना रोड, देवबंद, नकुड़ और गंगोह क्षेत्र में कई बार अवैैध पटाखा फैक्टरी पकड़ी जा चुकीं हैं। इसके अलावा करीब 80 लाइसेंसी पटाखा फैक्टरियां हैं। कई जगहों पर मानकों को पूरा नहीं किया जा रहा है तो कहीं लापरवाही भी बरती जा रही है। इसका खुलासा दमकल विभाग की कार्रवाई में हो चुका है। विभाग की ओर से चेकिंग अभियान चलाने के बाद लापरवाही बरतने वाले पटाखा फैक्टरियों के स्वामियों को नोटिस भी भेजे जा चुके हैं।
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इन मानकों को करना होता है पूरा
- फैक्टरी में बिजली का कनेक्शन न हो
- आग बुझाने के लिए हर समय मिट्टी-बालू की व्यवस्था रहे
- फैक्टरी परिसर में पानी के लिए हौज बना हो
- 18 वर्ष की उम्र से कम कोई श्रमिक कार्य न करता हो
- फैक्टरी आबादी से दूर हो और अग्निशमन यंत्र लगे हों
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जिले में हुई प्रमुख घटनाएं
- सरसावा के गांव गोविंदपुर में पटाखा फैक्टरी में विस्फोट होने से पांच लोगों की मौत हुई थी।
- एकता कॉलोनी में अवैध रूप से घर में बनाए जा रहे सुतली बमों में आग लगने से तीन लोग झुलसे थे।
- मानकमऊ अवैध रूप से बनाए जा रहे आतिशबाजी में आग लगने से दो लोगों की मौत हुई थी।
- मोहल्ला आतिशबाजान में घर में आतिशबाजी बनाते समय धमाका हुआ था और तीन लोगों की जान गई थी।
- बिहारीगढ़ क्षेत्र के गांव सतपुरा में पटाखा फैक्टरी में तीन बार हादसे हो चुके हैं।
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शुरू किया है चेकिंग अभियान
दीपावली नजदीक है, ऐसे में इन दिनों पटाखा फैक्टरियों में आतिशबाजी तैयार की जा रही है। इसी के मद्देनजर दमकल विभाग की ओर से भी जिले भर में चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है, जहां खामियां मिली हैं, उनको नोटिस भेजे गए हैं। कहीं अवैध रूप से फैक्टरी चल रही है तो उसका भी पता लगाया जा रहा है।
विज्ञापन
- तेजवीर सिंह, सीएफओ
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सहारनपुर। बिजनौर की तरह ही जिले में भी पटाखा फैक्टरी खतरा बनी हैं। यहां भी कई बार पटाखा फैक्टरियाें में हादसे हो चुके हैं। कई जगहों पर अवैध रूप से भी पटाखा फैक्टरी संचालित होती मिल चुकी हैं। कई जगह पर लापरवाही भी बरती जा रही है। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
बिजनौर के गांव मुकर्रमपुर में पटाखा फैक्टरी में आग लगने से भगदड़ मच गई। करीब 30 श्रमिकों ने भागकर अपनी जान बचाई है। इसी तरह जनपद में भी कई बार पटाखा फैक्टरियां जीवन के लिए खतरा बन चुकी हैं। इसको लेकर दमकल विभाग द्वारा अभियान चलाकर चेकिंग भी की जाती रही है, इसके बाद भी अवैध रूप से पटाखा फैक्टरी संचालित होने के मामले आए दिन सामने आते हैं। महानगर में एकता कॉलोनी, चिलकाना रोड, देवबंद, नकुड़ और गंगोह क्षेत्र में कई बार अवैैध पटाखा फैक्टरी पकड़ी जा चुकीं हैं। इसके अलावा करीब 80 लाइसेंसी पटाखा फैक्टरियां हैं। कई जगहों पर मानकों को पूरा नहीं किया जा रहा है तो कहीं लापरवाही भी बरती जा रही है। इसका खुलासा दमकल विभाग की कार्रवाई में हो चुका है। विभाग की ओर से चेकिंग अभियान चलाने के बाद लापरवाही बरतने वाले पटाखा फैक्टरियों के स्वामियों को नोटिस भी भेजे जा चुके हैं।
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इन मानकों को करना होता है पूरा
- फैक्टरी में बिजली का कनेक्शन न हो
- आग बुझाने के लिए हर समय मिट्टी-बालू की व्यवस्था रहे
- फैक्टरी परिसर में पानी के लिए हौज बना हो
- 18 वर्ष की उम्र से कम कोई श्रमिक कार्य न करता हो
- फैक्टरी आबादी से दूर हो और अग्निशमन यंत्र लगे हों
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जिले में हुई प्रमुख घटनाएं
- सरसावा के गांव गोविंदपुर में पटाखा फैक्टरी में विस्फोट होने से पांच लोगों की मौत हुई थी।
- एकता कॉलोनी में अवैध रूप से घर में बनाए जा रहे सुतली बमों में आग लगने से तीन लोग झुलसे थे।
- मानकमऊ अवैध रूप से बनाए जा रहे आतिशबाजी में आग लगने से दो लोगों की मौत हुई थी।
- मोहल्ला आतिशबाजान में घर में आतिशबाजी बनाते समय धमाका हुआ था और तीन लोगों की जान गई थी।
- बिहारीगढ़ क्षेत्र के गांव सतपुरा में पटाखा फैक्टरी में तीन बार हादसे हो चुके हैं।
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शुरू किया है चेकिंग अभियान
दीपावली नजदीक है, ऐसे में इन दिनों पटाखा फैक्टरियों में आतिशबाजी तैयार की जा रही है। इसी के मद्देनजर दमकल विभाग की ओर से भी जिले भर में चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है, जहां खामियां मिली हैं, उनको नोटिस भेजे गए हैं। कहीं अवैध रूप से फैक्टरी चल रही है तो उसका भी पता लगाया जा रहा है।
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- तेजवीर सिंह, सीएफओ

पटाखा फैक्ट्री में जांच करते फायर अधिकारी- फोटो : SAHARANPUR