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Saharanpur News: मेडिग्राम अस्पताल पर लगा 9.65 लाख का जुर्माना
Sat, 16 Dec 2023 12:35 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 16 Dec 2023 12:35 AM IST
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सहारनपुर। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने मरीज के उपचार में लापरवाही बरतने के मामले में मेडिग्राम अस्पताल पर 9.65 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। अस्पताल प्रबंधन को यह राशि उस मरीज को देनी होगी उपचार में लापरवाही के कारण जिसे अपनी टांग गंवानी पड़ी थी।
गांव छापर निवासी महिपाल 27 जनवरी 2016 को सड़क हादसे में गंभीर चोटिल हुए थे। उनकी जांघ में गंभीर चोट आई थी। एक्स-रे रिपोर्ट में जांघ की हड्डी टूटना पाया गया था। प्राथमिक उपचार के बाद महिपाल को मेडिग्राम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। 28 जनवरी 2016 को मेडिग्राम हॉस्पिटल में हड्डी की जगह नस का ऑपरेशन कर दिया गया। पैर में वजन बांध दिया गया, लेकिन महिपाल को दर्द में कोई आराम नहीं मिला। दूसरे दिन महिपाल की टांग का एक ओर ऑपरेशन किया गया। इसके बाद भी महिपाल को आराम नहीं हुआ।
दूसरे चिकित्सक को दिखाया, तब चला पता
पीड़ित एक अन्य चिकित्सक के पास पहुंचा। जहां पर बताया गया कि सही ऑपरेशन नहीं होने के कारण पैर में इंफेक्शन फैल गया है। पीड़ित फिर से मेडिग्राम में भर्ती हुआ। आठ फरवरी तक मेडिग्राम में महिपाल का इलाज चलता रहा। कोई आराम नहीं होने पर महिपाल को जॉलीग्रांट के लिए रेफर कर दिया गया। वहां महिपाल को बताया गया कि इंफेक्शन के कारण टांग में पस बन गई है। ऐसे में टांग काटने के अलावा कोई रास्ता नहीं है। टांग गंवाने वाले महिपाल ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में परिवाद दायर किया था, जिसकी सुनवाई के बाद जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने अस्पताल प्रबंधन पर यह जुर्माना लगाया है।
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गांव छापर निवासी महिपाल 27 जनवरी 2016 को सड़क हादसे में गंभीर चोटिल हुए थे। उनकी जांघ में गंभीर चोट आई थी। एक्स-रे रिपोर्ट में जांघ की हड्डी टूटना पाया गया था। प्राथमिक उपचार के बाद महिपाल को मेडिग्राम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। 28 जनवरी 2016 को मेडिग्राम हॉस्पिटल में हड्डी की जगह नस का ऑपरेशन कर दिया गया। पैर में वजन बांध दिया गया, लेकिन महिपाल को दर्द में कोई आराम नहीं मिला। दूसरे दिन महिपाल की टांग का एक ओर ऑपरेशन किया गया। इसके बाद भी महिपाल को आराम नहीं हुआ।
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दूसरे चिकित्सक को दिखाया, तब चला पता
पीड़ित एक अन्य चिकित्सक के पास पहुंचा। जहां पर बताया गया कि सही ऑपरेशन नहीं होने के कारण पैर में इंफेक्शन फैल गया है। पीड़ित फिर से मेडिग्राम में भर्ती हुआ। आठ फरवरी तक मेडिग्राम में महिपाल का इलाज चलता रहा। कोई आराम नहीं होने पर महिपाल को जॉलीग्रांट के लिए रेफर कर दिया गया। वहां महिपाल को बताया गया कि इंफेक्शन के कारण टांग में पस बन गई है। ऐसे में टांग काटने के अलावा कोई रास्ता नहीं है। टांग गंवाने वाले महिपाल ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में परिवाद दायर किया था, जिसकी सुनवाई के बाद जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने अस्पताल प्रबंधन पर यह जुर्माना लगाया है।
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