{"_id":"617c3601d7c35d4ac93f1428","slug":"financial-penalty-and-imprisonment-for-burning-crop-residue-saharanpur-news-mrt562763091","type":"story","status":"publish","title_hn":"फसल अवशेष जलाने पर आर्थिक दंड एवं कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फसल अवशेष जलाने पर आर्थिक दंड एवं कारावास
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। संयुक्त कृषि निदेशक डीएस राजपूत ने किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती करने की विधि की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने फसल अवशेष को जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि खेत में पराली एवं गन्ने की पत्ती जलाने पर 2500 रुपये से लेकर अधिकतम 15000 रुपये प्रति घटना का आर्थिक दंड के साथ ही कारावास भी हो सकता है।
शुक्रवार को कृषि विज्ञान केंद्र सभागार में सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन (आत्मा) योजना के तहत कृषक वैज्ञानिक संवाद का आयोजन किया गया। उन्होंने किसानों को फसल के लिए उपयोगी पोषक तत्वों के बारे में जानकारी दी।
उप कृषि निदेशक डॉ. राकेश कुमार ने किसानों को जैविक खेती करने के लिए प्रेरित किया। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अमरजीत राठी ने रबी फसलों, डॉ. सुखदेव सिंह ने कृषि वानिकी पर विस्तार से विचार रखे। केवीके प्रभारी अधिकारी डॉ. आईके कुशवाहा ने किसानों को वेस्ट डिकंपोजर एवं फसल अवशेष प्रबंधन के बारे में जानकारी दी। रविन्द्र बर्नवाल, अमरपाल सिंह आदि ने भी विचार रखे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सहारनपुर। संयुक्त कृषि निदेशक डीएस राजपूत ने किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती करने की विधि की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने फसल अवशेष को जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि खेत में पराली एवं गन्ने की पत्ती जलाने पर 2500 रुपये से लेकर अधिकतम 15000 रुपये प्रति घटना का आर्थिक दंड के साथ ही कारावास भी हो सकता है।
शुक्रवार को कृषि विज्ञान केंद्र सभागार में सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन (आत्मा) योजना के तहत कृषक वैज्ञानिक संवाद का आयोजन किया गया। उन्होंने किसानों को फसल के लिए उपयोगी पोषक तत्वों के बारे में जानकारी दी।
विज्ञापन
उप कृषि निदेशक डॉ. राकेश कुमार ने किसानों को जैविक खेती करने के लिए प्रेरित किया। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अमरजीत राठी ने रबी फसलों, डॉ. सुखदेव सिंह ने कृषि वानिकी पर विस्तार से विचार रखे। केवीके प्रभारी अधिकारी डॉ. आईके कुशवाहा ने किसानों को वेस्ट डिकंपोजर एवं फसल अवशेष प्रबंधन के बारे में जानकारी दी। रविन्द्र बर्नवाल, अमरपाल सिंह आदि ने भी विचार रखे।
विज्ञापन