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किसानों के खाते में जाएगी बीज, कृषि यंत्रों की सब्सिडी
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sun, 27 Sep 2015 01:27 AM IST
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इफको की ओर से आयोजित किसान दिवस में जिला कृषि अधिकारी योगेंद्र कुमार ने कहा कि अब बीज और कृषि यंत्रों की सब्सिडी सीधे किसानों के खाते में जाएगी। इसके लिए कृषि विभाग में किसानों का पंजीकरण होना अनिवार्य है।
शनिवार को गांव नंदी फिरोजपुर में आयोजित किसान दिवस में जिला कृषि अधिकारी ने किसानों को टिकाऊ खेती के लिए रासायनिक खादों के साथ ही देशी खाद का प्रयोग करने की सलाह दी।
उन्होंने जैव उर्वरकों और हरी खाद का प्रयोग करने पर जोर देते हुए इसके लाभों से अवगत कराया। जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक एमके सिंह ने कहा कि सहकारी बैंक समितियों के माध्यम से मात्र तीन प्रतिशत की ब्याज दर पर फसल ऋण उपलब्ध कराता है। उन्होंने इसकी समय से अदायगी कराने पर जोर दिया।
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सहायक आयुक्त सहकारिता हरेंद्र सिंह ने कहा कि बैंक से ऋण लेने वाले किसान को फसल का बीमा कराना अनिवार्य है। इससे प्राकृतिक आपदा में मुआवजा मिलता है। इफको के सहायक क्षेत्र प्रबंधक राजेश कुुमार ने कहा कि किसानों को मृदा में पोटाश की कमी दूर करने के लिए डीएपी के स्थान पर एनपीके का इस्तेमाल करना चाहिए।
मुख्य प्रबंधक मदनपाल सिंह, केवीके वैज्ञानिक डॉ. वीपी शाही ने भी विचार रखे। इस दौरान सेठपाल सिंह, रामकुमार, बिजेंद्र कुमार, मोहम्मद शफीक, संदीप कुमार, ध्यान सिंह, पीतांबर सिंह, संजीव कुमार, जसवीर सिंह, रमेश चंद्र आदि रहे।
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शनिवार को गांव नंदी फिरोजपुर में आयोजित किसान दिवस में जिला कृषि अधिकारी ने किसानों को टिकाऊ खेती के लिए रासायनिक खादों के साथ ही देशी खाद का प्रयोग करने की सलाह दी।
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उन्होंने जैव उर्वरकों और हरी खाद का प्रयोग करने पर जोर देते हुए इसके लाभों से अवगत कराया। जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक एमके सिंह ने कहा कि सहकारी बैंक समितियों के माध्यम से मात्र तीन प्रतिशत की ब्याज दर पर फसल ऋण उपलब्ध कराता है। उन्होंने इसकी समय से अदायगी कराने पर जोर दिया।
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सहायक आयुक्त सहकारिता हरेंद्र सिंह ने कहा कि बैंक से ऋण लेने वाले किसान को फसल का बीमा कराना अनिवार्य है। इससे प्राकृतिक आपदा में मुआवजा मिलता है। इफको के सहायक क्षेत्र प्रबंधक राजेश कुुमार ने कहा कि किसानों को मृदा में पोटाश की कमी दूर करने के लिए डीएपी के स्थान पर एनपीके का इस्तेमाल करना चाहिए।
मुख्य प्रबंधक मदनपाल सिंह, केवीके वैज्ञानिक डॉ. वीपी शाही ने भी विचार रखे। इस दौरान सेठपाल सिंह, रामकुमार, बिजेंद्र कुमार, मोहम्मद शफीक, संदीप कुमार, ध्यान सिंह, पीतांबर सिंह, संजीव कुमार, जसवीर सिंह, रमेश चंद्र आदि रहे।