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मुआवजा न मिलने पर किसानों ने रोका पुल का निर्माण

Mon, 19 Oct 2020 10:48 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 19 Oct 2020 10:48 PM IST
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Farmers stopped construction of bridge due to non-compensation
चिलकाना के निकट मसखरा नदी पर मुआवजे की मांग करते किसान। - फोटो : SAHARANPUR
मुआवजा न मिलने पर किसानों ने रोका पुल का निर्माण
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चिलकाना। गांव धोलाहेड़ी के निकट मसखरा नदी पर बन रहे पुल के निर्माण कार्य को किसानों ने मुआवजा नहंी मिलने के कारण रोक दिया। लोक निर्माण विभाग के जेई ने किसानों को शीघ्र मुआवजा दिलवाने का आश्वासन दिया है।

मसखरा नदी पर बने पुल में वर्ष 2013 में आई बाढ़ तथा ओवर लोडिंग के कारण दरारें आ गई थीं। उस समय लोक निर्माण विभाग तथा सेतु निगम ने पुल को आवागमन के लिए बंद कर बराबर में एक लोहे का अस्थायी पुल बनवा दिया। सात सालों के बाद सेतु निगम ने पुल का निर्माण तो शुरू किया लेकिन उन किसानों को कोई मुआवजा नहीं दिया गया, जिनकी जमीन पुल के दायरे में आ रही है। शनिवार रात को ठेकेदार ने जेसीबी से कुछ किसानों के पॉपुलर के पेड़ भी गिरा दिए। ठेकेदार द्वारा पेड़ गिरा दिए जाने से किसान भड़क गए और रविवार को ग्राम प्रधान विनोद कुमार को साथ लेकर पुल निर्माण का काम बंद करा दिया। किसानों ने मांग है कि जब तक उनकी जमीनों का मुआवजा नहीं दिया जाता, तब तक वह पुल पर निर्माण कार्य नहीं होने देंगे। इस दौरान किसान कन्हैया सैनी, सेठपाल, कंवरपाल, वसीम, अमन, छत्रपाल, विजयपाल, यशपाल, गुलशन, रहमान, नसीम, शहजाद, मुस्तकीम आदि मौजूद रहे। इस बारे में सेतु निगम के जेई राकेश चौधरी ने कहा कि जल्द ही किसानों से उनकी जमीन की खसरा खतौनी की नकल लेकर विभाग से मुआवजा दिलाया जाएगा।
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